BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
15 views

अमीर खुसरो किस प्रसिद्ध सूफी संत के शिष्य थे जो अलाउद्दीन के समकालीन थे?

Detailed Explanation

अमीर खुसरो निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे।
Share:

Related Questions

बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म के दार्शनिक सिद्धांतों और ऐतिहासिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जैन धर्म के 'स्यादवाद' (अनेकांतवाद) के सिद्धांत के अनुसार ज्ञान सापेक्ष होता है और किसी भी वस्तु के सत्य का निर्धारण अनेक दृष्टिकोन (सप्तभंगी नय) से किया जाता है, जबकि बौद्ध धर्म 'प्रतीत्यसमुत्पाद' के सिद्धांत के माध्यम से प्रत्येक घटना के उत्पन्न होने का कारण उसके पूर्ववर्ती कारणों को मानता है। 2. बौद्ध धर्म के प्रारंभिक संघ में महिलाओं के प्रवेश का गौतम बुद्ध ने शुरुआत में कड़ा विरोध किया था, किंतु अपनी दत्तक माता महाप्रजापति गौतमी के विशेष अनुरोध पर आनंद के आग्रह पर उन्होंने वैशाली में महिलाओं को संघ में प्रवेश की अनुमति प्रदान की थी। 3. जैन धर्म में 'संलेखना' (या संथारा) विधि द्वारा उपवास के माध्यम से प्राण त्यागने की प्रथा को मोक्ष प्राप्ति का साधन माना गया है, जिसके ऐतिहासिक प्रमाण के अनुसार मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य ने श्रवणबेलगोला में इसी विधि से अपने प्राण त्यागे थे। 4. हीनयान बौद्ध धर्म के अंतर्गत 'बोधिसत्वों' की संकल्पना का उदय हुआ, जिसमें वे अपने व्यक्तिगत निर्वाण को प्राप्त करने के बाद भी संसार के अन्य जीवों के उद्धार के लिए कार्य करते हैं, और भविष्य के बुद्ध के रूप में 'मैत्रेय' की कल्पना की गई है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के संदर्भ में विभिन्न इतिहासकारों और वैज्ञानिकों द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों और उनके प्रणेताओं के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए: 1. जलवायु परिवर्तन (Climate Change) - सर ऑरेल स्टीन और अमलानंद घोष 2. बाढ़ का प्रकोप (Floods) - मार्शल, मैके और एस.आर. राव 3. आर्यों का आक्रमण (Aryan Invasion) - गॉर्डन चाइल्ड और व्हीलर 4. महामारी या संक्रमण रोग (Epidemic) - केनेथ आर. केबल (Kenneth R. Kennedy) उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं? गुप्त साम्राज्य और मौर्योत्तर काल की प्रशासनिक संरचना तथा आर्थिक प्रणालियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्योत्तर काल में सातवाहन शासकों द्वारा शुरू की गई भूमि-अनुदान (Land Grants) की प्रथा को गुप्त काल में व्यापक विस्तार मिला, जिसके तहत धार्मिक और प्रशासनिक अधिकारियों को कर-मुक्त भूमि दी जाती थी, और इससे सामंतवाद (Feudalism) के बीज पड़े। 2. गुप्त काल में तांबे के सिक्कों की तुलना में सोने के सिक्के (दीनार) अत्यधिक मात्रा में जारी किए गए, किंतु कुषाण काल की तुलना में गुप्त स्वर्ण सिक्कों में सोने की शुद्धता (खरापन) न्यूनतम थी, जो इस काल की गिरती हुई अर्थव्यवस्था को दर्शाता है। 3. गुप्तकालीन प्रशासन में प्रांतों को 'भुक्ति' कहा जाता था, जिसके प्रशासनिक प्रमुख को 'उपरिक' कहा जाता था, जबकि जिला प्रशासन को 'विषय' कहा जाता था और इसके प्रमुख अधिकारी को 'विषयपति' कहा जाता था। 4. गुप्तोत्तर काल या मौर्योत्तर काल में व्यापारी गतिविधियों के पतन के साथ-साथ प्रसिद्ध रेशम बुनकर श्रेणी (Guild) का उल्लेख मंदसौर अभिलेख में मिलता है, जो यह दर्शाता है कि व्यवसायी और शिल्पकार अपनी मूल जाति और पैतृक व्यवसाय को छोड़कर कृषि कार्य अपनाने लगे थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? अगस्त 1942 के 'भारत छोड़ो आंदोलन' और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित 'आजाद हिंद फौज' (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी द्वारा दिया गया 'करेंगे या मरेंगे' (Do or Die) का नारा वस्तुतः हिंसक संघर्ष का आह्वान था, जिसके तहत कांग्रेस नेतृत्व ने आंदोलन के प्रथम चरण में ही देश भर के सभी रेलवे स्टेशनों, तारघरों और सरकारी भवनों पर सशस्त्र कब्जा करने की सुनियोजित योजना बनाई थी। 2. जापान की सहायता से पुनर्गठित 'आजाद हिंद फौज' (INA) का सर्वोच्च नेतृत्व संभालने से पूर्व सुभाष चंद्र बोस ने जर्मनी में 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की थी तथा बर्लिन रेडियो से प्रसारण के माध्यम से महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था। 3. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारों (Parallel Governments) की स्थापना हुई, जिनमें बलिया में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में, ताम्रलिप्ती (बंगाल) में 'जातीय सरकार' के रूप में, और सतारा में 'पर्ति सरकार' (अग्रणी वाई.बी. चव्हाण और नाना पाटिल के नेतृत्व में) सबसे लंबे समय तक चलने वाली समानांतर सरकार थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1857 के विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम 1858' और महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के द्वारा भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन कर दिया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर' की दोहरी शासन प्रणाली को समाप्त कर 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) का नया पद सृजित किया गया, जिसे सहायता के लिए 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (Council of India) दी गई। 2. महारानी विक्टोरिया की घोषणा (जिसे 'मैग्नाकार्टा' भी कहा जाता है) के माध्यम से भारतीय रियासतों के विलय की नीति (व्यपगत का सिद्धांत) को आधिकारिक रूप से त्याग दिया गया तथा भविष्य में राज्यों के विस्तार की नीति न अपनाने का आश्वासन दिया गया। 3. घोषणा पत्र में यह स्पष्ट रूप से घोषित किया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीयों के पारंपरिक रीति-रिवाजों, धार्मिक विश्वासों और प्राचीन सामाजिक परंपराओं में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी, तथा सार्वजनिक सेवाओं में नस्ल, जाति या धर्म के आधार पर भेदभाव किए बिना योग्यता के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी। 4. इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारत में सैन्य बल का पुनर्गठन करते हुए यूरोपीय सैनिकों का अनुपात भारतीय सैनिकों की तुलना में काफी कम कर दिया गया, ताकि भविष्य में इस प्रकार के किसी भी बड़े सैन्य विद्रोह को आसानी से रोका जा सके। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.