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History of India
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मोहम्मद बिन तुगलक की सांकेतिक मुद्रा योजना विफल होने का मुख्य कारण क्या था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सरकारी टकसाल पर नियंत्रण न रहने से जाली सिक्के बहुत बन गए।
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हैदराबाद शहर की स्थापना और "चारमीनार" का निर्माण किसने करवाया था?
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अलाउद्दीन खिलजी ने दुधारू पशुओं पर लगने वाले "चरी" कर का निर्धारण किस आधार पर किया था?
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वर्धन राजवंश तथा दक्षिण भारत के पल्लव एवं चालुक्य राजवंशों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हर्षवर्द्धन ने अपने शासनकाल के प्रारंभिक दौर में कन्नौज को अपनी राजधानी बनाया और धर्म की रक्षा के लिए 'महामोक्ष परिषद' का आयोजन प्रयाग में प्रत्येक पांचवें वर्ष किया करता था, जिसमें वह अपनी समस्त संपत्ति दान कर देता था।
2. बादामी के चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्द्धन को पराजित कर 'परमेश्वर' की उपाधि धारण की थी, तथा इस ऐतिहासिक संघर्ष का विस्तृत विवरण पुलकेशिन द्वितीय के 'ऐहोल अभिलेख' में मिलता है जिसकी रचना उसके दरबारी कवि रवि कीर्ति ने की थी।
3. पल्लव राजा नरसिंहवर्मन प्रथम ने चालुक्य नरेश पुलकेशिन द्वितीय को पराजित कर 'वातापीकोंड' (वातापी का विजेता) की उपाधि धारण की थी, और इसी के शासनकाल में चीनी यात्री ह्वेनसांग ने पल्लवों की राजधानी कांचीपुरम की यात्रा की थी।
4. कांची के कैलाशनाथ मंदिर का निर्माण पल्लव शासक राजसिंह (नंदिवर्मन द्वितीय) ने करवाया था, जो द्रविड़ वास्तुकला शैली का एक उत्कृष्ट और शुरुआती उदाहरण है, जिसमें पत्थरों को काटकर बनाए गए रथ मंदिरों का पूर्ण अभाव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-34) के विभिन्न चरणों, प्रथम गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविन समझौते के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मार्च 1931 में हस्ताक्षरित गांधी-इरविन समझौते के तहत ब्रिटिश सरकार ने हिंसा के मामलों में संलिप्त अभियुक्तों को छोड़कर शेष सभी राजनीतिक कैदियों को तत्काल रिहा करने तथा समुद्र तट के समीप के निवासियों को अपने उपभोग के लिए बिना कर के नमक बनाने का अधिकार देने पर सहमति व्यक्त की थी।
2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री रामसे मैकडोनाल्ड की अध्यक्षता में लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन (नवंबर 1930 - जनवरी 1931) में आधिकारिक रूप से भाग लिया था, क्योंकि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य भारत के लिए 'पूर्ण स्वराज्य' के प्रस्ताव पर मुहर लगाना था।
3. कराची अधिवेशन (मार्च 1931), जिसकी अध्यक्षता सरदार वल्लभभाई पटेल ने की थी, में गांधी-इरविन समझौते को औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया तथा इसी अधिवेशन में कांग्रेस ने पहली बार 'मौलिक अधिकार और राष्ट्रीय आर्थिक कार्यक्रम' पर अपने ऐतिहासिक प्रस्ताव को स्वीकार किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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गुप्त काल एवं मौर्योत्तर काल की प्रशासनिक व्यवस्था, भूमि अनुदान (Land Grants) तथा आर्थिक संरचना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मौर्योत्तर काल में सातवाहन शासकों द्वारा बड़े पैमाने पर धार्मिक उद्देश्यों से भूमि अनुदान देने की प्रथा आरंभ की गई थी, जिसे आगे चलकर गुप्त काल में धर्मनिरपेक्ष और प्रशासनिक अधिकारियों को वेतन के बदले भूमि दान देने की प्रवृत्ति ने और अधिक व्यापक बना दिया।
2. गुप्तकालीन अभिलेखों में वर्णित 'अग्रहार' भूमि वह कर-मुक्त भूमि होती थी जो सामान्यतः ब्राह्मणों और धार्मिक संस्थानों को दान दी जाती थी, जबकि 'निवीधर्म' एक ऐसी अक्षय भूमि व्यवस्था थी जिसमें प्राप्तकर्ता को भूमि के स्वामित्व या उसके प्रशासन में परिवर्तन किए बिना उसे पीढ़ी-दर-पीढ़ी बनाए रखने का अधिकार होता था।
3. गुप्त काल में सोने के सिक्कों (दीनार) की भारी मात्रा में उपलब्धता यह सिद्ध करती है कि इस काल में रोमन साम्राज्य के साथ होने वाला अंतरराष्ट्रीय व्यापार अपने चरम पर था और व्यापारिक संतुलन पूरी तरह से भारत के पक्ष में था, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरह से मुद्रा-आधारित हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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