BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

History of India
12 views

इब्न बतूता द्वारा लिखित प्रसिद्ध यात्रा वृत्तांत (Travelogue) का नाम क्या है?

Detailed Explanation

रेहला इब्न बतूता की प्रसिद्ध पुस्तक है।
Share:

Related Questions

वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश संसद द्वारा पारित 'भारत सरकार अधिनियम 1858' तथा महारानी विक्टोरिया की ऐतिहासिक घोषणा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इस अधिनियम के माध्यम से भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन के अधीन कर दिया गया और 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' तथा 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर' की द्वैध शासन प्रणाली को समाप्त कर भारत के राज्य सचिव (Secretary of State for India) का नया पद सृजित किया गया, जिसकी सहायता के लिए 15 सदस्यीय भारतीय परिषद का गठन किया गया। 2. महारानी विक्टोरिया की घोषणा (जिसे 'मैग्नाकार्टा' भी कहा जाता है) के तहत यह स्पष्ट किया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतों के विलय की नीति (Doctrine of Lapse) को भविष्य में भी जारी रखेगी ताकि भारत में प्रशासनिक एकरूपता और आधुनिकीकरण को सुनिश्चित किया जा सके। 3. इस घोषणा में भारतीयों को आश्वासन दिया गया कि उनकी प्राचीन धार्मिक परंपराओं, सामाजिक रीति-रिवाजों और अधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाएगा तथा नस्ल, वर्ण या जन्म के आधार पर किसी भी भारतीय को बिना किसी भेदभाव के उच्च सरकारी सेवाओं में नियुक्त किया जाएगा। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों के राजनीतिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हर्षवर्धन के शासनकाल के दौरान चीनी बौद्ध यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) भारत आया था, जिसने कन्नौज की भव्य धर्मसभा और प्रयाग के महामक्षपर्षद् (महामोक्ष परिषद) का अपनी यात्रा वृत्तांत 'सी-यू-की' में विस्तृत वर्णन किया है। 2. महाबलीपुरम के प्रसिद्ध 'रथ मंदिरों' का निर्माण पल्लव शासक नरसिंहवर्मन प्रथम (महामल्ल) के काल में करवाया गया था, और ये सभी मंदिर एकात्म पत्थर (Monolithic rock) को तराशकर बनाए गए वास्तुकला के उत्कृष्ट नमूने हैं। 3. वातापी (बादामी) के चालुक्य वंश के सबसे महान शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन को पराजित किया था, जिसका प्रत्यक्ष ऐतिहासिक साक्ष्य पुलकेशिन द्वितीय के ऐहोल शिलालेख (जिसे रविचर्ति ने संस्कृत में लिखा है) में मिलता है। 4. तंजौर के प्रसिद्ध राजराजेश्वर (बृहदेश्वर) मंदिर का निर्माण चोल सम्राट राजराज प्रथम द्वारा करवाया गया था, जो द्रविण वास्तुकला की नागर शैली का एक प्रमुख और प्रारंभिक उदाहरण है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? सत्रहवीं शताब्दी के शुरुआती दशकों में भारत में यूरोपीय कंपनियों के प्रवेश, विशेषकर पुर्तगालियों और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के मध्य संघर्ष एवं उनकी व्यापारिक नीतियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1612 में लड़े गए 'स्वाली के युद्ध' (Battle of Swally) में कैप्टन थॉमस बेस्ट के नेतृत्व में ब्रिटिश नौसेना ने पुर्तगाली बेड़े को पराजित किया, जिससे मुगल सम्राट जहांगीर अत्यधिक प्रभावित हुआ और अंग्रेजों को सूरत में अपनी पहली स्थायी फैक्ट्री स्थापित करने की औपचारिक अनुमति दे दी। 2. पुर्तगालियों द्वारा हिंद महासागर में व्यापार पर एकाधिकार बनाए रखने के लिए लागू की गई 'कार्टाज' (Cartaz) प्रणाली के अंतर्गत यह अनिवार्य था कि सभी एशियाई और भारतीय व्यापारी अपनी नौकाओं के लिए पुर्तगाली गवर्नरों से लाइसेंस लें, तथा अक्साइज शुल्क के भुगतान के साथ-साथ हथियारों और काली मिर्च के व्यापार पर प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करें। 3. ब्रिटिश कंपनी को संपूर्ण मुगल साम्राज्य में बिना किसी अतिरिक्त सीमा शुल्क के व्यापार करने का शाही फरमान प्राप्त कराने में सर थॉमस रो पूरी तरह सफल रहा, क्योंकि जहांगीर के दरबार में उसने पुर्तगाली प्रभाव को पूरी तरह समाप्त कर मुगल नौसेना के आधुनिकीकरण का जिम्मा उठाया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1857 के महान विद्रोह के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रिटिश भू-राजस्व नीतियों और वाणिज्यिक दबावों के कारण पारंपरिक कृषक वर्ग और हस्तशिल्प उद्योगों का पतन हुआ, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ब्रिटिश शासन के विरुद्ध तीव्र आर्थिक असंतोष उत्पन्न हुआ। 2. लार्ड डलहौजी द्वारा अपनाए गए 'व्यपगत के सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के तहत सतारा, नागपुर और झांसी जैसी रियासतों का विलय कर लिया गया, तथा कुशासन के आरोप में अवध का विलय किए जाने से वहाँ के सैनिकों और नवाब के आश्रितों में गहरा रोष उत्पन्न हुआ। 3. 'धार्मिक अयोग्यता अधिनियम, 1850' (Religious Disabilities Act) ने हिंदू कानून के उस नियम को संशोधित कर दिया जिसके तहत धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को पैतृक संपत्ति से वंचित कर दिया जाता था, जिसे रूढ़िवादी भारतीयों ने ईसाई धर्म में धर्मांतरण को बढ़ावा देने वाला षड्यंत्र माना। 4. सेना के भीतर नस्लीय भेदभाव, कम वेतन, विदेश यात्रा भत्ता समाप्त किए जाने से संबंधित 'सामान्य सेवा enlistment अधिनियम' (General Service Enlistment Act) और भारतीय सैनिकों की पगड़ी तथा दाढ़ी रखने पर प्रतिबंध लगाने जैसे सैन्य निर्णयों ने सिपाहियों के असंतोष को और अधिक प्रज्वलित कर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मौर्य साम्राज्य की केंद्रीय एवं प्रांतीय प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मौर्य प्रशासन में सर्वोच्च नागरिक और सैन्य अधिकार 'तीर्थ' या 'महामात्र' कहलाने वाले उच्च अधिकारियों के पास होते थे, जिनकी संख्या कौटिल्य के अर्थशास्त्र के अनुसार अठारह (18) थी। 2. साम्राज्य के सुदूर प्रांतों (जैसे तक्षशिला, उज्जैन, और सौराष्ट्र) का शासन प्रबंधन चलाने के लिए राजकुमारों (आर्यपुत्र) को 'कुमार' के रूप में नियुक्त किया जाता था, जो प्रांतीय प्रशासन के वास्तविक प्रमुख होते थे। 3. मेगास्थनीज की 'इंडिका' के अनुसार पाटलिपुत्र नगर का प्रशासन छह समितियों द्वारा संचालित होता था, जिनमें प्रत्येक समिति में पांच सदस्य होते थे जो उद्योगों, विदेशियों, जन्म-मृत्यु और व्यापार की देखरेख करते थे। 4. मौर्य काल में गुप्तचर विभाग को 'महामात्य' कहा जाता था, और गुप्तचरों के दो प्रमुख प्रकार होते थे—संस्थार (एक ही स्थान पर रहकर कार्य करने वाले) और संचरार (भ्रमण करने वाले गुप्तचर)। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.