General Science
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मानव शरीर के विभिन्न तन्त्रों (पाचन, श्वसन, परिसंचरण और तंत्रिका तंत्र) की कार्यप्रणाली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. आमाशय में HCl का स्राव करने वाली ऑक्सिंटिक (पारीय) कोशिकाएं पेप्सिनोजेन का भी स्राव करती हैं, जिसे सक्रिय पेप्सिन में बदलने का कार्य गैस्ट्रिन हार्मोन सीधे करता है।
- 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, फेफड़ों की कुल क्षमता (Total Lung Capacity - TLC) वह अधिकतम वायु आयतन है जो एक बलपूर्वक श्वसन के बाद फेफड़ों में समा सकती है, जिसमें ज्वारीय आयतन, पूरक आयतन, अवशेष आयतन और आरक्षित श्वसन आयतन सभी शामिल होते हैं।
- 3. हृदय चक्र के दौरान, जब निलय (Ventricles) संकुचन करते हैं, तो उस समय आलिंद-निलय वाल्व (द्विवलनी और त्रिवलनी वाल्व) रक्त के विपरीत प्रवाह को रोकने के लिए बंद हो जाते हैं, जिससे हृदय की दूसरी ध्वनि (Dub) उत्पन्न होती है।
- 4. केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में सिनेप्स के पार तंत्रिका आवेगों के रासायनिक संचरण के दौरान, प्री-सिनेप्टिक झिल्ली से न्यूरोट्रांसमीटर का विमोचन कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) के अंतःवाह (Influx) द्वारा प्रेरित होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 गलत है क्योंकि ऑक्सिंटिक या parietal कोशिकाएं केवल हाइड्रोक्लोरिक एसिड ($HCl$) और आंतरिक कारक (Intrinsic factor) का स्राव करती हैं, जबकि पेप्सिनोजेन का स्राव मुख्य कोशिकाएं (Chief cells या Peptic cells) करती हैं। पेप्सिनोजेन को सक्रिय पेप्सिन में बदलने का कार्य स्वयं HCl द्वारा होता है, गैस्ट्रिन द्वारा नहीं। कथन 2 सही है; फेफड़ों की कुल क्षमता (TLC) में सभी चार फुफ्फुसीय आयतन (TV + IRV + ERV + RV) शामिल होते हैं। कथन 3 गलत है क्योंकि आलिंद-निलय वाल्वों के बंद होने से हृदय की पहली ध्वनि ('Lub') उत्पन्न होती है, जबकि अर्धचंद्राकार वाल्वों के बंद होने से दूसरी ध्वनि ('Dub') उत्पन्न होती है। कथन 4 सही है; विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, जब क्रिया विभव प्री-सिनेप्टिक टर्मिनल पर पहुँचता है, तो वोल्टेज-संवेदनशील कैल्शियम चैनल खुल जाते हैं, जिससे $Ca^{2+}$ आयनों का अंतःवाह होता है और न्यूरोट्रांसमीटर युक्त पुटिकाएं (Vesicles) सिनैप्टिक विदर में न्यूरोट्रांसमीटर मुक्त करती हैं।
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण (कैल्विन तथा हैच-स्लैग चक्र) और पादप हार्मोन्स की कार्यप्रणाली के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स (Bryophytes) को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं, परंतु लैंगिक जनन के लिए जल पर निर्भर होते हैं, और इनमें मुख्य पादप शरीर युग्मकोद्भिद (Gametophyte) होता है जो स्वतंत्र रूप से प्रकाशसंश्लेषी होता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, $C_4$ पौधों (जैसे मक्का और गन्ना) में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर न्यूनतम होती है क्योंकि इनमें फॉस्फोइनोलपाइरुवेट (PEP) कार्बोक्सिलेस एंजाइम पर्णमध्योतक (Mesophyll) कोशिकाओं में $CO_2$ का प्राथमिक स्थिरीकरण करके चार कार्बन वाला ऑक्सोएसेटिक अम्ल बनाता है।
3. एब्सिसिक एसिड (ABA) एक ऐसा पादप हार्मोन है जो पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है, बीज प्रसुप्तता (Seed dormancy) को तोड़ता है और शुष्क तनाव की स्थिति में पर्णरंध्रों (Stomata) को खोलने का कार्य करता है।
4. जिबरेलिन (Gibberellins) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों की लंबाई में तेजी से वृद्धि (Internode elongation) को प्रेरित करते हैं और सेब जैसे फलों के आकार को सुधारने तथा अंगгуरी गुच्छों की लंबाई बढ़ाने में सहायक होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं के कोशिका विभाजन (सेल साइकिल) और कोशिकांगों की विशिष्ट गतिकी के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. कोशिका चक्र की 'एस-फेज' (S-phase) के दौरान डीएनए का प्रतिकृति (Replication) होता है, और यदि इस चरण में गुणसूत्रों की संख्या दुगुनी हो जाती है, तो कोशिका की ploidy (गुणसूत्र सेट संख्या) भी दोगुनी हो जाती है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, समसूตรี विभाजन (Mitosis) की पश्चावस्था (Anaphase) के दौरान सेंट्रोमियर का विभाजन होता है और सिस्टर क्रोमैटिड्स अलग होकर विपरीत ध्रुवों की ओर गति करते हैं।
3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की पैकीटीन (Pachytene) उप-अवस्था में सजातीय (Homologous) गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक सामग्री का विनिमय 'क्रॉसिंग ओवर' के माध्यम से होता है, जिसे उत्प्रेरित करने वाला मुख्य एंजाइम 'रिकॉम्बिनेस' (Recombinase) है।
4. माइटोकॉन्ड्रिया और हरित लवक (Chloroplast) ऐसे अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिकांग हैं जो कोशिका चक्र की जी-जीरो ($G_0$) अवस्था में ही केवल स्वतंत्र रूप से विभाजित होते हैं और इनमें नाभिकीय डीएनए पर पूरी तरह निर्भर रहने वाले अपने स्वयं के राइबोसोम्स होते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पदार्थ की अवस्थाओं और परमाणु संरचना से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. क्वार्क-ग्लूऑन प्लाज्मा (QGP) पदार्थ की वह चरम उच्च ऊर्जा अवस्था है जो बिग बैंग के तुरंत बाद अस्तित्व में थी, जहाँ तापमान इतना अधिक होता है कि प्रोटॉन और न्यूट्रॉन पिघلकर अपने मूल क्वार्क और gluon घटकों में स्वतंत्र हो जाते हैं।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सोमरफील्ड का परमाणु मॉडल बोर के मॉडल का विस्तार था, जिसमें इलेक्ट्रॉनों के लिए दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं (Elliptical orbits) की परिकल्पना की गई और आपेक्षिकीय सुधारों (Relativistic corrections) को शामिल करके हाइड्रोजन स्पेक्ट्रम की सूक्ष्म संरचना (Fine structure) को समझाया गया।
3. जब किसी ठोस पदार्थ को बिना द्रव अवस्था में बदले सीधे गैस में परिवर्तित किया जाता है, तो इस प्रक्रम को ऊर्ध्वपातन (Sublimation) कहते हैं, और इस अवस्था परिवर्तन के दौरान एन्ट्रॉपी (Entropy) में होने वाला परिवर्तन ऋणात्मक होता है।
4. किसी परमाणु के लिए मुख्य क्वांटम संख्या ($n$) उस कक्षक के आकार और ऊर्जा को निर्धारित करती है, जबकि azimuthal (दिग्लंशी) क्वांटम संख्या ($l$) कक्षक के त्रिविमीय आकार (Three-dimensional shape) और कोणीय संवेग को निरूपित करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विद्युत धारा, प्रतिरोध और परिपथ (Circuits) के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. किसी चालक का विद्युत प्रतिरोध (Resistance) उसकी लंबाई के सीधे आनुपातिक और अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपातिक होता है, तथा तापमान में वृद्धि होने पर धात्विक चालकों का प्रतिरोध बढ़ता है क्योंकि तापीय कंपन बढ़ने से इलेक्ट्रॉनों का विश्रांति काल (Relaxation time) घट जाता है।
2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, किरचॉफ का प्रथम नियम (संधि नियम या KCL) आवेश संरक्षण के सिद्धांत पर आधारित है, जिसके अनुसार किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है।
3. जब कई प्रतिरोधकों को श्रेणीक्रम (Series combination) में जोड़ा जाता है, तो परिपथ का कुल समतुल्य प्रतिरोध प्रत्येक व्यक्तिगत प्रतिरोध के योग से कम होता है, और परिपथ के प्रत्येक भाग में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा का मान भिन्न-भिन्न होता है।
4. व्हीटस्टोन सेतु (Wheatstone Bridge) का उपयोग अज्ञात प्रतिरोध को मापने के लिए किया जाता है, और यह संतुलन की स्थिति में तब होता है जब धारामापी (Galvanometer) से कोई धारा प्रवाहित नहीं होती है, अर्थात् $P/Q = R/S$ संबंध संतुष्ट होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है।
2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है।
3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था।
4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
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