BaalVikas
Menu
General Science
Asked 9 hours ago · Viewed 0 times

मानव शरीर में होने वाले विभिन्न रोगों, उनके रोगजनकों (Pathogens) और उनके नैदानिक परीक्षणों या लक्षणों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. डिप्थीरिया (Diphtheria) एक जीवाणु जनित संक्रमण है जो कॉर्नेबैक्टीरियम डिप्थीरिया (Corynebacterium diphtheriae) के कारण होता है, और इसके प्रभाव से गले में एक विशिष्ट 'सफेद-धूसर झिल्ली' (Pseudomembrane) का निर्माण होता है जो श्वसन मार्ग को अवरुद्ध कर सकती है।
  2. 2. विडाल परीक्षण (Widal Test) का उपयोग टाइफाइड ज्वर (Salmonella typhi द्वारा संचरित) के निदान के लिए किया जाता है, जो एंटीजन-एंटीबॉडी प्रतिक्रिया के सिद्धांत पर आधारित है।
  3. 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रेबीज (Hydrophobia) एक तीव्र विषाणु जनित न्यूरोट्रॉपिक रोग है जो लाइसावायरस (Lyssavirus) के संक्रमण से होता है और इसके केंद्रीय तंत्रिका तंत्र तक पहुँचने के बाद संक्रमण की घातकता लगभग शत-प्रतिशत होती है।
  4. 4. एड्स (AIDS) के लिए संपुष्टि परीक्षण (Confirmatory test) 'एलिसा' (ELISA) है, जबकि प्राथमिक स्क्रीनिंग परीक्षण के रूप में 'वेस्टर्न ब्लॉट' (Western Blot) का उपयोग किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि डिप्थीरिया कॉर्नेबैक्टीरियम डिप्थीरिया नामक जीवाणु से होता है और इसमें श्वासनली में स्यूडोमेम्ब्रेन बनती है। कथन 2 सही है, टाइफाइड के निदान के लिए विडाल टेस्ट किया जाता है। कथन 3 सही है, विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार रेबीज लाइसावायरस जनित लाइलाज (लक्षण उभरने के बाद) और घातक न्यूरोट्रॉपिक रोग है। कथन 4 गलत है क्योंकि एड्स के लिए प्राथमिक स्क्रीनिंग परीक्षण 'ELISA' है, जबकि संपुष्टि (Confirmatory) परीक्षण 'Western Blot' है (यहाँ दोनों के नाम आपस में उलट दिए गए हैं)। अतः सही विकल्प (b) है।
Share:
अगला प्रश्न → धातुओं, अधातुओं और उनके यौगिकों के रासायनिक एवं भौतिक गुणों के संदर्भ में… ← पिछला प्रश्न मानव शरीर के तंत्रों की कार्यप्रणाली के संदर्भ में…

Related Questions

→ आनुवंशिकी और जैव विकास के सिद्धांतों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. हार्डी-वेनबर्ग साम्यावस्था (Hardy-Weinberg equilibrium) के अनुसार, एक बड़ी आबादी में अलील आवृत्तियाँ (Allele frequencies) पीढ़ियों तक स्थिर रहती हैं बशर्ते आबादी पर चयन, उत्परिवर्तन, जीन प्रवासन और आनुवंशिक विचलन जैसे विकासवादी बल प्रभावी न हों। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, लैमार्कवाद का मूल सिद्धांत 'उपार्जित लक्षणों की वंशागति' (Inheritance of acquired characters) था, जिसके अनुसार जीवों द्वारा अपने जीवनकाल में अर्जित शारीरिक परिवर्तन अगली पीढ़ी में वंशागत हो जाते हैं, जिसे बाद में वीइस्मैन ने अपने 'जननद्रव्य की निरंतरता के सिद्धांत' (Theory of Germplasm) द्वारा खंडित कर दिया था। 3. डीएनए फिंगरप्रिंटिंग तकनीक का विकास एलेक जेफ़्रीज़ द्वारा किया गया था, जो डीएनए अनुक्रमों में पाए जाने वाले पुनरावृत्ति डीएनए (Repetitive DNA) के अंतर्गत 'सैटेलाइट डीएनए' (विशेषकर VNTRs) बहुरूपता के सिद्धांत पर आधारित है। 4. मेन्डेल के स्वतंत्र अपव्यूहन के नियम (Law of Independent Assortment) की सार्वभौमिकता तब बाधित होती है जब दो भिन्न जीन एक ही गुणसूत्र पर अत्यधिक पास स्थित होते हैं, जिसे 'जीन लिंकेज' (Gene linkage) कहा जाता है, जिसके कारण पुनर्संयोजन (Recombination) की आवृत्ति काफी बढ़ जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → सुकेन्द्रकी (Eukaryotic) कोशिकाओं में अंतःझिल्लिकी तंत्र (Endomembrane system), राइबोसोम की जैव-रासायनिक संरचना और कोशिकांगों के कार्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंतःझिल्लिकी तंत्र के अंतर्गत एंडोप्लाज्मिक रेटिकुलम (ER), गोलगी कॉम्प्रिप्लेक्स, लाइसोसोम और रिक्तिकाएँ (Vacuoles) शामिल हैं, क्योंकि इनके कार्यों का समन्वय होता है, जबकि माइटोकॉन्ड्रिया, क्लोरोप्लास्ट और परॉक्सिसोम इस तंत्र का भाग नहीं हैं। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, सुकेन्द्रकी कोशिकाओं में पाए जाने वाले 80S राइबोसोम की बड़ी उपइकाई 60S और छोटी उपइकाई 40S होती है, तथा ये राइबोसोम मुख्य रूप से प्रोटीन और r-RNA (राइबोसोमल आरएनए) के बने होते हैं। 3. लाइसोसोम अत्यधिक अम्लीय pH (लगभग 4-5) पर सक्रिय रहने वाले हाइड्रोलाइटिक एंजाइम्स (जैसे लाइपेस, प्रोटीएज और कार्बोहाइड्रेटेज) से परिपूर्ण होते हैं, और इस अम्लीय pH को बनाए रखने के लिए इनकी झिल्ली पर हाइड्रोजन आयन ($H^+$) पंप (एटीपी-आस) सक्रिय रहते हैं। 4. गॉल्जी उपकरण (Golgi apparatus) का 'cis' सिस्टर्ना सिरा (निर्माण सिरा) हमेशा केंद्रक की ओर और 'trans' सिरा (परिपक्व सिरा) प्लाज्मा झिल्ली की ओरमुखित होता है, जहाँ ग्लाइकोसिलेशन (Glycosylation) और ग्लाइकोलिपिडेशन की प्रक्रियाएँ संपन्न होती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → रासायनिक बंधन, अम्ल, क्षार और लवण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. आयनिक यौगिक (Electrovalent compounds) सामान्यतः ठोस अवस्था में विद्युत के कुचालक होते हैं क्योंकि उनके आयन क्रिस्टल जालक में स्थिर वैद्युत आकर्षण बलों द्वारा दृढ़ता से बंधे होते हैं, किंतु गलित (Molten) अवस्था या जलीय विलयन में वे विद्युत का चालन करते हैं। 2. लुईस अम्ल (Lewis acids) वे रासायनिक प्रजातियाँ होती हैं जो इलेक्ट्रॉन युग्म ग्रहण (Electron-pair acceptors) कर सकती हैं, जबकि लुईस क्षार इलेक्ट्रॉन युग्म दाता (Electron-pair donors) होते हैं, और इस अवधारणा के अनुसार $BF_3$ एक लुईस अम्ल है। 3. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, ब्रॉन्स्टेड-लोरी संकल्पना के तहत किसी अम्ल का 'संयुग्मी क्षार' (Conjugated base) उस प्रजाति को कहा जाता है जो अम्ल द्वारा प्रोटॉन ($H^+$) त्यागने के पश्चात शेष बचती है, तथा प्रबल अम्लों के संयुग्मी क्षार अत्यधिक दुर्बल होते हैं। 4. जल-अपघटन (Hydrolysis) के दौरान सोडियम एसीटेट ($CH_3COONa$) जैसे लवण का जलीय विलयन अम्लीय प्रकृति का होता है, क्योंकि इसमें दुर्बल अम्ल और प्रबल क्षार के बीच उदासीनीकरण होता है जिससे हाइड्रोनियम आयनों की सांद्रता बढ़ जाती है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → मानव परिसंचरण तंत्र में रक्त कोशिकाओं (RBC, WBC) के जीवनकाल, उनके निर्माण स्थल तथा रक्त स्कंदन (Blood coagulation) की जैव-रासायनिक क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) का औसत जीवनकाल लगभग 120 दिन होता है, जिसके पश्चात वे प्लीहा (Spleen) में नष्ट हो जाती हैं, जिसे 'RBC का कब्रिस्तान' कहा जाता है, तथा भ्रूणीय अवस्था में इनका निर्माण यकृत और प्लीहा में होता है जबकि वयस्क अवस्था में यह मुख्य रूप से लाल अस्थिमज्जा (Red bone marrow) में बनती हैं। 2. विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया (Coagulation cascade) में प्रोथ्रोम्बिन को सक्रिय थ्रॉम्बोप्लास्टिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बिन एंजाइम और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की आवश्यकता होती है, जो अंततः घुलनशील फाइब्रिनोजेन को अघुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में परिवर्तित कर देते हैं। 3. श्वेत रक्त कोशिकाओं (WBC) में सबसे अधिक संख्या में पाई जाने वाली कणिकामय कोशिकाएँ (Granulocytes) 'न्यूट्रोफिल्स' होती हैं जो phagocytic प्रकृति की होती हैं, जबकि अणुकणिकामय (Agranulocytes) कोशिकाओं में लिम्फोसाइट्स शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Antibody-mediated and cell-mediated immunity) के लिए उत्तरदायी होती हैं। 4. रक्त प्लेटलेट्स (Thrombocytes), जिन्हें मेगाकैरीोसाइट्स (Megakaryocytes) के विखंडन से अस्थिमज्जा में बनाया जाता है, रक्त वाहिकाओं की अंतःकला (Endothelium) द्वारा स्रावित 'प्रोस्टासाइक्लिन' (Prostacyclin) और 'हेपरिन' की उपस्थिति के कारण सामान्य अवस्था में वाहिकाओं के भीतर स्वतः थक्का नहीं बनाती हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → पादप जगत के वर्गीकरण, प्रकाश संश्लेषण के तंत्र और पादप हार्मोन्स की क्रियाविधि के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ब्रायोफाइट्स को पादप जगत का 'उभयचर' कहा जाता है क्योंकि ये मृदा में उगते हैं किंतु लैंगिक जनन के लिए जल की उपस्थिति अनिवार्य होती है, और इनमें मुख्य पादप शरीर गेमेटोफाइट (युग्मकोद्भिद्) होता है जो बीजाणुद्भिद (स्पोरोफाइट) पर पोषण के लिए आंशिक रूप से निर्भर रहता है। 2. C3 पौधों की तुलना में C4 पौधों में प्रकाश श्वसन (Photorespiration) की दर नगण्य होती है, जिसका मुख्य कारण यह है कि उनमें रुबिको (RuBisCO) एंजाइम बंडल शीथ कोशिकाओं में उच्च सांद्रता में पाया जाता है जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड का सांद्रण मैलिक अम्ल के डीकार्बोक्सिलेशन द्वारा बढ़ जाता है। 3. ऑक्सिन (जैसे IAA) त्रेपोट्रॉपिज्म और फोटोट्रॉपिज्म की क्रियाओं को नियंत्रित करता है, जहाँ प्रकाश के विपरीत दिशा में ऑक्सिन का पार्श्व वितरण अधिक हो जाने के कारण त्रेपोट्रॉपिक वक्रता उत्पन्न होती है, जिसे डार्विन और उनके पुत्र द्वारा कैनरी ग्रास के कोलियोप्टाइल पर किए गए प्रयोगों से समझा गया था। 4. जिबरेलिन (Gibberellin) आनुवंशिक रूप से बौने पौधों में internode (पर्वान्तर) के दीर्घीकरण को प्रेरित करके उनकी लंबाई बढ़ाते हैं, और ये बीज अंकुरण के दौरान एल्यूरोन परत पर प्रभाव डालकर अल्फा-एमाइलेज जैसे हाइड्रोलिटिक एंजाइमों के संश्लेषण को उत्प्रेरित करते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? → कोशिका का ऊर्जा गृह किसे कहा जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.