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मानव रक्त परिसंचरण तंत्र और प्लाज्मा के थक्के जमने की क्रियाविधि (Blood Coagulation Cascade) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. रक्त का थक्का जमने की प्रक्रिया में 'प्रोथ्रॉम्बिन' को सक्रिय 'थ्रॉम्बिन' में बदलने के लिए थ्रॉम्बोप्लास्टिन और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की उपस्थिति अनिवार्य होती है, जिसे कैस्केड परिकल्पना के अंतर्गत आंतरिक (Intrinsic) और बाह्य (Extrinsic) दोनों मार्गों द्वारा प्रेरित किया जा सकता है।
  2. 2. हिपैरिन (Heparin) एक प्राकृतिक थक्کارोधी (Anticoagulant) है जिसे मुख्य रूप से यकृत और बेसोफिल कोशिकाओं द्वारा स्रावित किया जाता है, जो रक्त वाहिकाओं के भीतर रक्त को जमने से रोकता है।
  3. 3. रुधिर स्कंदन के दौरान फाइब्रिनोजेन एक अघुलनशील प्रोटीन है, जिसे सक्रिय थ्रॉम्बिन एंजाइम द्वारा घुलनशील फाइब्रिन तंतुओं में परिवर्तित किया जाता है, जो विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार घाव को बंद करने वाला मुख्य जाल बनाते हैं।
  4. 4. सीरम (Serum) और प्लाज्मा में मुख्य रासायनिक अंतर यह है कि सीरम वह प्लाज्मा है जिसमें से फाइब्रिनोजेन और अन्य स्कंदन कारक निकाले जा चुके होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि प्रोथ्रॉम्बिन को थ्रॉम्बिन में बदलने के लिए थ्रॉम्बोप्लास्टिन (एंजाइम कॉम्प्लेक्स) और कैल्शियम आयनों ($Ca^{2+}$) की आवश्यकता होती है, जो आंतरिक और बाह्य दोनों मार्गों से सक्रिय होता है। कथन 2 सही है क्योंकि हिपैरिन एक प्राकृतिक एंटीकोआगुलेंट है जो रक्त वाहिकाओं के भीतर रक्त को जमने से रोकता है और इसका स्रावण बेसोफिल व मास्ट कोशिकाओं द्वारा होता है। कथन 3 गलत है क्योंकि फाइब्रिनोजेन एक **घुलनशील** प्रोटीन है जिसे थ्रॉम्बिन द्वारा **अघुलनशील** फाइब्रिन तंतुओं में बदला जाता है (कथन में इसे उल्टा लिखा गया है)। कथन 4 सही है क्योंकि सीरम वह प्लाज्मा होता है जिसमें स्कंदन कारक (फाइब्रिनोजेन आदि) नहीं होते। अतः विकल्प (a) सही है।
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