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History of India
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सल्तनत काल में सिंचाई हेतु "नहरों का सबसे बड़ा जाल" बिछाने का श्रेय किसे जाता है?

Detailed Explanation

फिरोज शाह तुगलक को नहरों के सबसे बड़े जाल के निर्माण का श्रेय जाता है।
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सत्रहवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में भारत में यूरोपीय व्यापारिक कंपनियों के आगमन, पुर्तगाली प्रभुत्व के पतन और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के सुदृढ़ीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1612 में स्वाली के युद्ध (Battle of Swally) में ब्रिटिश नौसेना ने पुर्तगालियों को पराजित किया, जिसके परिणामस्वरूप मुगलों के साथ अंग्रेजों के व्यापारिक संबंधों का मार्ग प्रशस्त हुआ और जहांगीर ने अंग्रेजों को सूरत में स्थायी कारखाना स्थापित करने की अनुमति दे दी। 2. ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने वर्ष 1639 में चंद्रगिरी के स्थानीय शासक से मद्रासपट्टनम (मद्रास) पट्टे पर प्राप्त किया और वहाँ सेंट जॉर्ज किले की स्थापना की, जो दक्षिण भारत में उनका प्रमुख व्यापारिक केंद्र बना। 3. पुर्तगालियों ने वर्ष 1661 में ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय को पुर्तगाली राजकुमारी ब्रिगान्सा की कैथरीन के साथ विवाह के अवसर पर दहेज के रूप में बंबई (बॉम्बे) द्वीप सौंपा था, जिसे बाद में सम्राट ने 1668 में मात्र 10 पाउंड के वार्षिक किराए पर ईस्ट इंडिया कंपनी को दे दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? किस सुल्तान ने अनाज पर से "जकात" (चुंगी) हटा दी थी? सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) की आर्थिक संरचना, व्यापारिक संपर्कों और नगरीय नियोजन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे से पूर्णतः परिचित थे और लोहे के बने कृषि उपकरणों का व्यापक उपयोग करके खाद्यान्न का भारी मात्रा में निर्यात करते थे। 2. मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र के लिए 'मेलुहा' (Meluhha) शब्द का प्रयोग किया गया है, और वहाँ से प्राप्त मुहरें तथा साक्ष्य यह दर्शाते हैं कि सिंधु सभ्यता के व्यापारियों का मेसोपोटामिया के साथ प्रत्यक्ष समुद्री व स्थलीय व्यापारिक संबंध था। 3. लोथल में ईंटों से बने एक विशाल संरचना को 'गोदीवाड़ा' (Dockyard) के रूप में पहचाना गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि यह स्थल पश्चिमी एशिया के साथ समुद्री व्यापार का एक प्रमुख बंदरगाह और वाणिज्यिक केंद्र था। 4. सिंधु सभ्यता की नगर योजना 'ग्रिड पद्धति' (Grid System) पर आधारित थी, जिसमें सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं और जल निकासी के लिए ढकी हुई उन्नत नालियों की व्यवस्था थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? गुप्तकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था और भूमि व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त साम्राज्य में भू-राजस्व की दरें सामान्यतः उपज का 1/6 भाग से 1/4 भाग के बीच हुआ करती थीं, तथा ताम्रपत्र अभिलेखों में भूमिदान के लिए 'अग्रहार' और 'ब्रह्मदेय' जैसे शब्दों का उल्लेख मिलता है जो मुख्य रूप से ब्राह्मणों और धार्मिक संस्थानों को दिए जाने वाले कर-मुक्त अनुदान थे। 2. गुप्त काल में मुद्रा व्यवस्था के अंतर्गत सबसे अधिक शुद्ध सोने के सिक्के जारी किए गए जिन्हें फाह्यान के विवरण में 'दीनार' कहा गया है, हालांकि समकालीन राजवंशों और उत्तर-गुप्त काल तक आते-आते सिक्कों में सोने की मिलावट और शुद्धता में गिरावट दर्ज की जाने लगी थी। 3. गुप्त प्रशासन में केंद्रीय अधिकारियों को 'कुमारमात्य' कहा जाता था, जो सर्वोच्च प्रशासनिक श्रेणी के अधिकारी होते थे, तथा प्रांतों को 'भुक्ति' और उनके शासकों को 'उपराजन्' या 'उपरिक' कहा जाता था। 4. इस काल में सुदूर दक्षिण के साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार अपने चरमोत्कर्ष पर था, और रोमन साम्राज्य के साथ होने वाला व्यापार गुप्त काल के उत्तरार्ध तक भी अपने पूर्ण वैभव के साथ निरंतर जारी रहा था, जिससे अर्थव्यवस्था को अत्यधिक मजबूती मिली थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? आईन-ए-अकबरी के लेखक कौन हैं?
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