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भौतिक राशियों, उनके मापन और विमीय विश्लेषण (Dimensional Analysis) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. किसी भौतिक राशि की विमाहीन (Dimensionless) होने की स्थिति में यह आवश्यक नहीं है कि उसका कोई मात्रक न हो, उदाहरणस्वरूप 'कोण' का मात्रक रेडियन होता है परंतु इसकी कोई विमाहीन प्रकृति होती है।
  2. 2. प्लांक नियतांक ($h$) और कोणीय संवेग (Angular Momentum) दोनों की विमाएँसमान होती हैं, जिसका मान $[M^1 L^2 T^{-1}]$ होता है।
  3. 3. विमीय विश्लेषण की सहायता से किसी समीकरण की शुद्धता की जाँच तो की जा सकती है, परंतु यदि कोई समीकरण विमीय रूप से सही है, तो यह पूर्ण रूप से निश्चित है कि वह भौतिक समीकरण भी सर्वथा सत्य होगा।
  4. 4. श्यानता गुणांक (Coefficient of Viscosity) की विमा $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ होती है, जिसका उपयोग स्टोक्स के नियम में बलों के परिकलन के लिए किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि कुछ भौतिक राशियाँ विमाहीन होती हैं लेकिन उनके मात्रक होते हैं, जैसे कोण (रेडियन) और ठोस कोण (स्टेरेडियन)। कथन 2 सही है क्योंकि प्लांक नियतांक और कोणीय संवेग दोनों की विमा $[M^1 L^2 T^{-1}]$ होती है। कथन 3 गलत है क्योंकि विमीय रूप से सही समीकरण (जैसे $s = ut + rac{1}{2}at^3$) भौतिक रूप से गलत भी हो सकता है; विमीय विश्लेषण समीकरण की गणितीय सत्यता की पूर्ण गारंटी नहीं देता है। कथन 4 सही है, श्यानता गुणांक की विमा $[M^1 L^{-1} T^{-1}]$ होती है। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखें।
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