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History of India
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बहलोल लोदी के शासन की मुख्य विशेषता क्या थी?

Detailed Explanation

वह सरदारों को सम्मान देता था और समानता बरतता था।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन तथा उनके प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने किया था, जिन्हें 'डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता था, और इस क्षेत्र में ब्रिटिश सत्ता को पुनः स्थापित करने का श्रेय जनरल कैंपबेल को जाता है। 2. बरेली में रोहिल्ला प्रतिरोध का नेतृत्व खान बहादुर खान ने किया था, जिन्हें अंततः ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल की सेना द्वारा पराजित किया गया और बाद में उन्हें मृत्युदंड दिया गया। 3. इलाहाबाद में विद्रोह की कमान मौलवी लियाकत अली ने संभाली थी, और इस सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र पर ब्रिटिश अधिकार पुनः स्थापित करने में कर्नल जेम्स नेल (Col. James Neil) ने अत्यधिक क्रूरता का परिचय दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास और राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इल्तुतमिश ने सल्तनत काल में सर्वप्रथम 'इक्ता प्रणाली' को संस्थागत रूप दिया, जिसके तहत सैनिकों और अधिकारियों को वेतन के बदले भूमियाँ आवंटित की जाती थीं और ये प्रारंभिक दौर में पूर्णतः वंशानुगत थीं। 2. अलाउद्दीन खिलजी ने इक्तादारों की शक्तियों पर अंकुश लगाने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए केंद्रीय नियंत्रण को कड़ा किया, तथा 'मुक्ता' और 'वली' द्वारा वसूले जाने वाले अतिरिक्त राजस्व का हिसाब लेने के लिए 'दीवान-ए-मुस्तखराज' नामक नए वित्त विभाग की स्थापना की। 3. मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल में कृषि सुधारों के अंतर्गत 'दीवान-ए-कोही' नामक एक नए कृषि विभाग की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य लगान चुकाने में असमर्थ किसानों को 'तकावी' (सोंधार) नामक कृषि ऋण प्रदान करना था। 4. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में जागीरदारी प्रथा और इक्ता व्यवस्था को पुनः वंशानुगत बना दिया, तथा सैनिकों को नकद वेतन देने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त कर उनके वेतन के बदले भूमि का राजस्व देना अनिवार्य कर दिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, वास्तुकला और सामाजिक-आर्थिक विशिष्टताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) का उपयोग संभवतः किसी विशेष अनुष्ठानिक या धार्मिक स्नान के लिए किया जाता था, जिसकी उत्तर और दक्षिण दिशाओं में सीढ़ियाँ बनी हुई हैं तथा इसकी दीवारों पर जल-रिसव को रोकने के लिए बिटुमिन (तारकोल) की परत का प्रयोग किया गया था। 2. लोथल एक प्रमुख हड़प्पाकालीन बंदरगाह (Dockyard) था, जहाँ से पकी हुई ईंटों से निर्मित एक विशाल गोदीवाड़ा मिला है, और यहाँ से फारसी खाड़ी की मुहरें तथा मनके बनाने के कारखाने के साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं जो इसके समुद्री व्यापार के केंद्र होने की पुष्टि करते हैं। 3. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे और पारे से भली-भांति परिचित थे, और उन्होंने अपने दैनिक जीवन तथा युद्धों में बड़े पैमाने पर लोहे के अस्त्र-शस्त्रों और उपकरणों का निर्माण किया था। 4. चान्हूदड़ो एकमात्र ऐसा हड़प्पाकालीन स्थल था जहाँ कोई दुर्ग (Citadel) नहीं था, और यह स्थल विशेष रूप से शिल्प उत्पादन, मनके बनाने, सीप की कटाई और मुद्रा बनाने के उद्योगों के लिए प्रसिद्ध था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, व्यापार-वाणिज्य तथा मुद्राओं (सिक्कों) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त राजाओं ने अपने पूर्ववर्ती कुषाणों की तुलना में अत्यधिक मात्रा में शुद्ध सोने के सिक्के जारी किए, जिन्हें अभिलेखों में 'दीनार' कहा गया है, तथा इन स्वर्ण मुद्राओं पर राजाओं के कलात्मक अंकन और उनकी उपलब्धियों का सजीव चित्रण मिलता है। 2. गुप्त काल के उत्तरार्ध में विदेशी व्यापार में भारी गिरावट आई, विशेषकर रोमन साम्राज्य के साथ पतन के बाद, जिसके कारण आंतरिक व्यापार और शहरी केंद्रों (जैसे पाटलिपुत्र और वैशाली) का ह्रास होने लगा, और इस आर्थिक संकट की पुष्टि गुप्त काल में स्वर्ण सिक्कों में सोने की शुद्धता की कमी और चांदी/तांबे के सिक्कों की अल्प मात्रा से होती है। 3. गुप्तकालीन व्यापारिक निगमों या श्रेणियों (Guilds) के अपने स्वयं के प्रशासनिक नियम, कानून और न्यायपालिका होती थी, जिन्हें 'श्रेणीधर्म' कहा जाता था, और ये श्रेणियां न केवल व्यापार का संचालन करती थीं बल्कि बैंकों के रूप में धन जमा करने और ऋण देने का कार्य भी करती थीं। 4. गुप्त प्रशासन में बंदरगाहों का विशेष महत्व था, और पश्चिमी तट पर स्थित 'भारूच' (भ्रुकच्छ) तथा पूर्वी तट पर स्थित 'ताम्रलिप्ति' (Tamralipti) प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह थे, जिनके माध्यम से दक्षिण-पूर्व एशिया (सुवर्णद्वीप) और रोम के साथ समुद्री व्यापार संचालित होता था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगल कैद से साहू महाराज को 1707 ई. में किस मुगल सम्राट ने मुक्त किया था?
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