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History of India
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लोदी काल में निर्मित मकबरों को बागों के बीच बनाने की शैली ने आगे किसे प्रभावित किया?

Detailed Explanation

इस शैली ने आगे चलकर मुगल मकबरों को प्रेरित किया।
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बौद्ध धर्म और जैन धर्म के प्रारंभिक विकास, दार्शनिक मान्यताओं तथा उनके संघ (संघीय व्यवस्था) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बौद्ध संघ में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु सीमा 15 वर्ष निर्धारित की गई थी, जबकि जैन संघ में महावीर स्वामी ने बिना किसी आयु बंधन के सभी वर्ग के लोगों को सीधे प्रवेश की अनुमति दी थी। 2. जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति के लिए 'त्रिरत्न' (सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान और सम्यक् चरित्र) का विधान किया गया है, जबकि बौद्ध धर्म में दुखों से मुक्ति के लिए 'अष्टांगिक मार्ग' (मध्यम मार्ग) का उपदेश दिया गया है। 3. बौद्ध धर्म ने वेदों की प्रमाणिकता और ईश्वर के अस्तित्व को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया था, किंतु कर्मकांडों और यज्ञीय हिंसा का कड़ा विरोध किया। 4. जैन धर्म ने कृषि और युद्ध दोनों व्यवसायों को पूरी तरह वर्जित कर दिया था, क्योंकि इनमें जीवों (सूक्ष्म जीवों और वनस्पतियों) की हिंसा अनिवार्य रूप से होती है, जिसके कारण जैन अनुयायियों ने मुख्य रूप से व्यापार और वाणिज्य को अपनाया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद में विद्रोह के दमन तथा उससे जुड़े नेतृत्वकर्ताओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में मौलवी अहमदुल्लाह शाह ने विद्रोह का नेतृत्व किया था, जिन्हें अंततः ब्रिटिश सेनापति जनरल रेनार्ड के साथ हुए संघर्ष के बाद पराजित किया गया और ब्रिटिश सरकार द्वारा उनकी गिरफ्तारी पर पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 2. बरेली में खान बहादुर खान ने 1857 के विद्रोह का नेतृत्व किया था, और विद्रोह के दमन के पश्चात ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने इस क्षेत्र पर पुनः अधिकार प्राप्त किया, जिसके उपरांत खान बहादुर खान को नेपाल भागना पड़ा जहाँ उनकी मृत्यु हो गई। 3. इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोह का नेतृत्व मौलवी लियाकत अली ने किया था, जिन्हें बाद में ब्रिटिश अधिकारी कर्नल नील (Colonel James Neill) ने अत्यंत क्रूरता के साथ इस विद्रोह को कुचलते हुए पराजित किया था। 4. खान बहादुर खान को बरेली में विद्रोह के दमन के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था और उन पर मुकदमा चलाकर 1860 में कोतवाली के सामने सार्वजनिक रूप से फांसी पर लटका दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? दिल्ली में 1857 के विद्रोह के नेतृत्व, प्रतीकात्मक मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की स्थिति और सैन्य गतिशीलता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यद्यपि मेरठ से आए विद्रोही सिपाहियों ने 11 मई 1857 को दिल्ली पहुंचकर वृद्ध मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर को भारत का सम्राट (शहंशाह-ए-हिंदुस्तान) घोषित कर दिया था, किंतु जफर ने शुरुआत में इस प्रस्ताव को अत्यधिक अनिच्छा से स्वीकार किया क्योंकि उन्हें अंग्रेजों की सैन्य शक्ति और अपनी ही स्थिति की दुर्बलता का पूर्ण आभास था। 2. दिल्ली में विद्रोहियों की वास्तविक सैन्य और प्रशासनिक कमान जनरल बख्त खान के हाथों में थी, जो बरेली से आने वाली विद्रोही तोपखाने की सेना का नेतृत्व कर रहे थे और जिन्हें जफर द्वारा 'साहिब-ए-आलम बहादुर' की उपाधि प्रदान की गई थी। 3. दिल्ली पर पुन: अधिकार प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश सेना ने सितंबर 1857 में कश्मीरी गेट पर भीषण आक्रमण किया, जिसमें ब्रिटिश अधिकारी जॉन निकलसन गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई। 4. हुमायूं के मकबरे से ब्रिटिश अधिकारी मेजर विलियम हडसन द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद बहादुर शाह जफर पर दिल्ली के लाल किले में मुकदमा चलाया गया और उन्हें दोषी ठहराकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की सेलुलर जेल में आजीवन कारावास के लिए भेज दिया गया, जहाँ वर्ष 1862 में उनकी मृत्यु हो गई। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? छठी शताब्दी ईसा पूर्व के 'सोलह महाजनपदों' और मगध साम्राज्य के उत्कर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची मिलती है, जिनमें 'वज्जी' और 'मल्ल' संघ शासन (गणराज्य) प्रणाली के उदाहरण थे, जबकि अधिकांश अन्य महाजनपद राजतंत्रात्मक व्यवस्था के अंतर्गत आते थे। 2. मगध साम्राज्य की प्रारंभिक राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) थी, जो पांच पहाड़ियों से घिरी होने के कारण अत्यधिक सुरक्षित थी, और बाद में राजा उदयन (उदयीन) ने गंगा और सोन नदियों के संगम पर स्थित पाटलिपुत्र को अपनी राजधानी बनाया। 3. मगध के उत्थान में हर्यक वंश के राजा बिम्बिसार ने वैवाहिक संबंधों और विजय की नीति अपनाई, जबकि उसके पुत्र अजातशत्रु ने कौशलों और वज्जी संघ को पराजित करने के लिए रथमुसल और महाशिलाकंटक जैसे नवीन सैन्य हथियारों का प्रयोग किया था। 4. महापद्मनंद को पुराणों में 'सर्वक्षत्र्रान्तक' (क्षत्रियों का नाश करने वाला) और 'एकराट्' की उपाधि से विभूषित किया गया है, जिसने नंद वंश की स्थापना करके कलिंग पर विजय प्राप्त की थी और मगध की सीमा को दक्षिण भारत तक विस्तारित कर दिया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना से लेकर सूरत विभाजन (1907) तक के कालखंड के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कांग्रेस के प्रारंभिक 'नरम दल' के नेताओं का यह दृढ़ विश्वास था कि ब्रिटिश शासन भारत के लिए मूल रूप से हितकारी है, और वे अपनी राजनीतिक माँगों के लिए मुख्य रूप से 'प्रार्थना, याचिका और शिष्टमंडल' (Prayer, Petition and Protest) की पद्धति पर निर्भर थे। 2. वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन के निर्णय के पश्चात उत्पन्न तीव्र असंतोष के कारण 'गरम दल' के नेताओं ने स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन को केवल बंगाल तक ही सीमित रखने का आग्रह किया, क्योंकि उनका मानना था कि पूरे देश में इसे लागू करने से संगठन में फूट पड़ सकती है। 3. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी के अध्यक्ष बनने के बावजूद कांग्रेस के मंच से पहली बार 'स्वराज' (Swaraj) शब्द को आधिकारिक रूप से लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया था। 4. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस के दोनों गुटों के बीच वैचारिक और संगठनात्मक मतभेदों के कारण अंततः विभाजन हो गया, और इस सत्र की अध्यक्षता गरम दल के सर्वमान्य नेता बाल गंगाधर तिलक द्वारा की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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