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History of India
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सल्तनत काल में सुल्तान की शक्ति का मुख्य आधार क्या था?

Detailed Explanation

सुल्तान की शक्ति मूलतः उसकी सैन्य शक्ति पर टिकी थी।
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार के विभिन्न क्षेत्रों—विशेषकर पटना, दानापुर, आरा और मुजफ्फरपुर—में हुई गतिविधियों और नेतृत्व के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. जुलाई 1857 में दानापुर छावनियों के विद्रोही सिपाहियों ने ब्रिटिश सेना के विरुद्ध बगावत कर दी और सोन नदी पार कर आरा पहुँच गए, जहाँ उन्होंने स्थानीय जमींदार बाबू वीर कुंवर सिंह के नेतृत्व को स्वीकार करते हुए एक संयुक्त सैन्य मोर्चा बनाया। 2. पटना शहर में जुलाई 1857 में हुए विद्रोह का नेतृत्व एक प्रसिद्ध पुस्तक विक्रेता पीर अली खान द्वारा किया गया था, जिसमें अफीम एजेंट विलियम टेलर के दमनकारी रवैये के विरुद्ध स्थानीय नागरिकों और कारीगरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। 3. मुजफ्फरपुर और छपरा (सारण) क्षेत्रों में विद्रोहियों के दमन के लिए ब्रिटिश अधिकारी विलियम टेलर और विंसेंट आयर को विशेष रूप से तैनात किया गया था, जिन्होंने दानापुर और आरा के विद्रोहियों को कुचलने के लिए क्रूर सैन्य कार्रवाइयों का संचालन किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह से पूर्व ब्रिटिश नीतियों के कारण उत्पन्न हुए राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लॉर्ड डलहौजी द्वारा लागू की गई 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) के अंतर्गत सतारा, नागपुर और झाँसी के साथ-साथ वर्ष 1856 में अवध का विलय 'कुशासन' के आधार पर किया गया, जिससे पारंपरिक भारतीय रियासतों में तीव्र असुरक्षा और आक्रोश फैल गया। 2. वर्ष 1850 में पारित 'धार्मिक अयोग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) के तहत पुश्तैनी संपत्ति में उत्तराधिकार के अधिकार को धर्म परिवर्तन से जोड़ दिया गया, जिससे यह प्रावधान किया गया कि ईसाई धर्म अपनाने वाले व्यक्ति को अपने पूर्वजों की संपत्ति से वंचित नहीं किया जाएगा, जिसे रूढ़िवादी भारतीयों ने ईसाईकरण का षड्यंत्र माना। 3. ब्रिटिश आर्थिक नीतियों और मुक्त व्यापार (Free Trade) के एकतरफा प्रसार के कारण भारत के पारंपरिक हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों का तेजी से पतन हुआ, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में बेरोजगार हुए कारीगर और शिल्पकार कृषि पर निर्भर होने के लिए बाध्य हो गए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था चरमरा गई। 4. सेना के भीतर नस्लीय भेदभाव, कम वेतन और वर्ष 1856 में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पारित 'सामान्य सेवा enlistment अधिनियम' (General Service Enlistment Act) के तहत भारतीय सैनिकों के लिए समुद्र पार समुद्र यात्रा (समुद्र पार सेवा) अनिवार्य किए जाने से सैनिकों की धार्मिक मान्यताओं को गहरी ठेस पहुँची। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? गदर पार्टी और क्रांतिकारी राष्ट्रवाद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. लाला हरदयाल ने वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की थी, जिसके द्वारा निकाले जाने वाले साप्ताहिक पत्र 'गदर' का पहला अंक मुख्यतः उर्दू में प्रकाशित हुआ था। 2. कामागाटा मारू प्रकरण (1914) के दौरान गुरुदत्त सिंह द्वारा किराए पर लिए गए जापानी जहाज को कनाडा के वेंकूवर बंदरगाह पर रोक लिया गया था, और वापसी पर जब यह जहाज बजबज (कलकत्ता) पहुंचा, तो ब्रिटिश पुलिस के साथ हुई झड़प में कई यात्री मारे गए थे। 3. गदर पार्टी के क्रांतिकारियों ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना में तैनात भारतीय सैनिकों के बीच विद्रोह भड़काने और 'युगांतर आश्रम' के माध्यम से सशस्त्र क्रांति की योजना बनाई थी, जिसे 'गदर षड्यंत्र' कहा जाता है। 4. वर्ष 1915 में लाहौर षड्यंत्र केस के दौरान रास बिहारी बोस को गिरफ्तार कर अंग्रेजों द्वारा फांसी दे दी गई थी, जिसके बाद गदर आंदोलन का नेतृत्व पूरी तरह से समाप्त हो गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन और उसके प्रमुख संगठनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भाकना द्वारा सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में स्थापित 'पैसिफिक कोस्ट एसोसिएशन ऑफ अमेरिका' को ही मुख्य रूप से 'ग़दर पार्टी' के रूप में जाना जाता है, जिसने 'ग़दर' नामक साप्ताहिक पत्र के माध्यम से औपनिवेशिक ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति का संदेश प्रसारित किया था। 2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का पुनर्गठन करते हुए इसका नाम बदलकर 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) कर दिया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य समाजवादी व्यवस्था पर आधारित स्वतंत्र भारत की स्थापना करना था। 3. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा (Central Legislative Assembly) में 'पब्लिक सेफ्टी बिल' और 'ट्रेड डिस्प्यूट्स बिल' के विरोध में बम फेंका था, जिसका उद्देश्य किसी की हत्या करना नहीं बल्कि 'बहरों को सुनाना' और अपनी नीतियों के प्रति सरकार का ध्यान आकर्षित करना था। 4. चटगाँव शस्त्रागार लूट (Chittagong Armoury Raid) की ऐतिहासिक घटना का नेतृत्व सूर्य सेन (जिन्हें 'マスター दा' या मास्टर दा के नाम से जाना जाता था) ने किया था, और उन्होंने बंगाल में 'इंडियन रिपब्लिकन आर्मी' (IRA) की चटगाँव शाखा के माध्यम से ब्रिटिश हथियारों पर कब्जा करने की योजना बनाई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के उपरांत ब्रिटिश राज द्वारा भारत प्रशासन में किए गए संरचनात्मक परिवर्तनों और 'क्वीन विक्टोरिया की घोषणा' (1858) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत सरकार अधिनियम 1858 के द्वारा ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को समाप्त कर दिया गया और भारत का शासन सीधे ब्रिटिश क्राउन (महारानी विक्टोरिया) के अधीन कर दिया गया, जिसके तहत 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' और 'कोर्ट ऑफ डायरेक्टर्स' को समाप्त कर उनके समस्त अधिकार 'भारत के राज्य सचिव' (Secretary of State for India) और उसकी सहायता के लिए गठित 15 सदस्यीय 'भारत परिषद' (Council of India) को सौंप दिए गए। 2. 1 नवंबर 1858 को इलाहाबाद में आयोजित दरबार में लॉर्ड कैनिंग द्वारा पढ़ी गई क्वीन विक्टोरिया की घोषणा (प्रॉक्लेमेशन) में यह आश्वस्त किया गया कि ब्रिटिश सरकार भारतीय रियासतों के साथ किए गए सभी संधियों और समझौतों का सम्मान करेगी, भविष्य में ब्रिटिश साम्राज्य का और अधिक विस्तार नहीं किया जाएगा, तथा भारतीय राजाओं को 'गोद लेने की अनुमति' (डॉकट्रिन ऑफ लैप्स की समाप्ति) प्रदान की जाएगी। 3. घोषणा पत्र में यह स्पष्ट रूप से घोषित किया गया कि नस्ल, वर्ण या धर्म के आधार पर किसी भी भारतीय को बिना किसी भेदभाव के उच्च सरकारी पदों पर नियुक्ति दी जाएगी, और प्रशासन में अंग्रेजों के साथ-साथ भारतीयों को भी समान रूप से भागीदारी का अवसर मिलेगा, जिसे ब्रिटिश सरकार ने अपनी नीतियों के तहत पूरी ईमानदारी से तुरंत लागू भी कर दिया। 4. इस अधिनियम और घोषणा के पश्चात ब्रिटिश सेना के पुनर्गठन के अंतर्गत 'पील आयोग' (Peel Commission) की सिफारिशों पर अमल करते हुए सेना में यूरोपीय सैनिकों का अनुपात बढ़ाया गया, तोपखाने जैसे सामरिक और महत्वपूर्ण सैन्य विभाग पूरी तरह यूरोपीय सैनिकों के नियंत्रण में रखे गए, तथा 'फूट डालो और राज करो' की नीति के तहत जाति, क्षेत्र और संप्रदाय के आधार पर रेजिमेंटों का गठन किया गया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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