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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, बुरुस फ्रेडरिक स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'शेपिंग या आकृतिकरण' (Shaping)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक एवं अनुकूली शिक्षण तकनीक के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल, नवीन या अवांछित रूप से दूरस्थ वांछित अंतिम व्यवहार (Terminal Behavior) को सीधे एक बार में प्राप्त करने के बजाय, उस अंतिम लक्ष्य की दिशा में क्रमिक रूप से बढ़ने वाले छोटे-छोटे और निकटवर्ती संनिकटताओं (Successive Approximations) के चरणों को सुदृढीकरण (Reinforcement) प्रदान करते हुए चरणबद्ध तरीके से स्थापित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के जटिल कौशलों के अर्जन, चरणबद्ध अधिगम और व्यवहार संशोधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के दृष्टिकोण से, बी.एफ. स्किनर का 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) बाल मनोविज्ञान और शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में अत्यधिक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। स्किनर द्वारा प्रतिपादित 'शेपिंग' (Shaping या आकृतिकरण) एक ऐसी शक्तिशाली तकनीक है जिसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई नया या जटिल व्यवहार विद्यार्थी के वर्तमान व्यवहार भंडार में मौजूद नहीं होता और उसे एक ही प्रयास में सिखाना असंभव होता है। इसमें शिक्षक अंतिम लक्ष्य (Terminal Behavior) तक पहुँचने के लिए क्रमिक सन्निकटताओं (Successive Approximations) का उपयोग करता है—अर्थात लक्ष्य की दिशा में उठाए गए हर छोटे और सही कदम को सकारात्मक सुदृढीकरण (Positive Reinforcement) दिया जाता है, जिससे धीरे-धीरे जटिल कौशल या वांछित व्यवहार स्थापित हो जाता है। अतः विकल्प (c) इस अवधारणा का सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है।
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