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History of India
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सिकंदर लोदी के समय किस प्रसिद्ध सूफी संत और कवि ने "मसनवी" लिखी थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सूफी कवि जमाली ने मसनवी लिखी थी।
Related Questions
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गुप्तकालीन अर्थव्यवस्था, सिक्कों की बनावट तथा भूमि अनुदान (अग्रहार) व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त सम्राटों द्वारा जारी किए गए स्वर्ण सिक्के, जिन्हें 'दीनार' कहा जाता था, अपनी कलात्मक सुंदरता और शुद्धता में कुषाणों के स्वर्ण सिक्कों से श्रेष्ठ थे, किंतु गुप्त काल के उत्तरार्ध (स्कंदगुप्त के बाद) के सिक्कों में सोने की मिलावट (खोट) बढ़ने लगी थी जो व्यापारिक ह्रास का संकेत देती है।
2. गुप्त काल में ब्राह्मणों और बौद्ध मंदिरों को कर-मुक्त भूमि अनुदान देने की प्रथा बड़े पैमाने पर आरंभ हुई, जिसे 'अग्रहार' कहा जाता था, और इन अनुदानों के साथ-साथ प्राप्तकर्ताओं को प्रशासनिक और न्यायिक अधिकार भी सौंप दिए गए, जिससे सामंती व्यवस्था को बढ़ावा मिला।
3. गुप्त साम्राज्य में तांबे के सिक्कों का प्रचलन बड़े पैमाने पर दैनिक सामान्य बाजार लेन-देन के लिए होता था, और ये तांबे के सिक्के कुषाण काल की तुलना में अत्यंत भारी और संख्या में अत्यधिक बहुतायत में पाए गए हैं, जो सुदृढ़ आंतरिक खुदरा व्यापार का प्रतीक हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सेना में नए 'एनफील्ड' राइफल को शामिल किए जाने से पहले सैनिकों को प्रयुक्त होने वाले कारतूसों के बारे में यह अफ़वाह फैल गई थी कि उनके आवरण पर गाय और सुअर की चर्बी का लेप लगा हुआ है, जिसे लोड करने से पहले दांतों से काटना पड़ता था।
2. इस घटना की शुरुआत सर्वप्रथम जनवरी 1857 में दमदम (कोलकाता के पास) छावनी में हुई थी, जहाँ भारतीय सैनिकों ने इन कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध आधिकारिक रूप से खुलेआम बगावत कर दी थी।
3. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को इन कारतूसों के प्रयोग के आदेश का कड़ा विरोध करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों (लेफ्टिनेंट बॉग और सार्जेंट ह्यूसन) पर आक्रमण कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई थी।
4. चर्बी वाले कारतूस की इस घटना से उपजे असंतोष ने केवल भारतीय सैनिकों को ही प्रभावित किया, जबकि ग्रामीण इलाकों के किसानों, कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों ने इस मुद्दे को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था और वे ब्रिटिश प्रशासन के प्रति वफादार बने रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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जहाँगीर ने किस पुर्तगाली वस्तु के सेवन पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया था?
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वर्ष 1905 के बंगाल विभाजन और इसके विरोध में उपजे स्वदेशी आंदोलन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. बंगाल विभाजन के निर्णय की आधिकारिक घोषणा 20 जुलाई 1905 को लॉर्ड कर्जन द्वारा की गई थी, जिसके विरोध में 7 अगस्त 1905 को कलकत्ता के टाउन हॉल में ऐतिहासिक बैठक में स्वदेशी आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की गई।
2. 16 अक्टूबर 1905 को जब बंगाल विभाजन प्रभावी हुआ, उस दिन को पूरे बंगाल में 'शोक दिवस' के रूप में मनाया गया और रविंद्रनाथ ठाकुर के आह्वान पर लोगों ने एक-दूसरे की कलाई पर राखी बांधकर 'राखी बंधन दिवस' मनाया।
3. स्वदेशी आंदोलन के दौरान आर्थिक बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा पर विशेष बल दिया गया, जिसके तहत कलकत्ता में 'राष्ट्रीय शिक्षा परिषद' (National Council of Education) की स्थापना की गई और इसके प्रथम अध्यक्ष रबींद्रनाथ ठाकुर को बनाया गया था।
4. इस आंदोलन के दौरान उग्रवादी नेताओं के प्रभाव से पारंपरिक भारतीय मेलों, लोक कलाओं और स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को भी अभूतपूर्व बढ़ावा मिला था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली के घटनाक्रम और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के विद्रोही सैनिकों के 11 मई 1857 को दिल्ली पहुँचने के बाद उन्होंने वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा से ही सही, भारत का 'शहंशाह-ए-हिंदुस्तान' घोषित कर दिया था, जिससे इस आंदोलन को एक प्रतीकात्मक अखिल भारतीय वैधता प्राप्त हुई।
2. दिल्ली में विद्रोहियों का वास्तविक सैन्य और प्रशासनिक संचालन एक 'न्याय परिषद' (Court of Administrators) के हाथों में था, जिसमें मुख्य रूप से सैनिक प्रतिनिधि शामिल थे और सम्राट की स्थिति केवल एक संवैधानिक मुखौटे जैसी थी।
3. ब्रिटिश सेना द्वारा दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के लिए जनरल जॉन निकलसन के नेतृत्व में सैनिक अभियान चलाया गया, जिसके दौरान हुमायूं के मकबरे में शरण लिए हुए बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर लिया गया था।
4. दिल्ली पर पुनः नियंत्रण स्थापित करने के पश्चात ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा बहादुर शाह जफर पर देशद्रोह और हत्या का मुकदमा चलाया गया, जिसमें उन्हें दोषी ठहराते हुए सिंगापुर निर्वासित कर दिया गया था जहाँ 1862 में उनकी मृत्यु हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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