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MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मचान या ढांचा निर्माण (स्काफोल्डिंग - Scaffolding)'**—जिसे मूल रूप से लेव वाइगोत्स्की के सिद्धांत से लिया गया है और ब्रूनर ने इसे अनुदेशात्मक सहायता (Instructional Support) के रूप में परिभाषित किया है, जिसके अंतर्गत एक वयस्क या अधिक ज्ञानी व्यक्ति (MKO) बालक को किसी जटिल कार्य को सीखने के दौरान अस्थायी और लचीली सहायता प्रदान करता है और जैसे-जैसे बालक की क्षमता बढ़ती जाती है, उस सहायता को धीरे-धीरे कम या समाप्त कर दिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमन, समीपस्थ विकास के क्षेत्र (ZPD) के प्रभावी दोहन और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक स्वायत्तता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

जेरोम ब्रूनर के शैक्षिक मनोविज्ञान और लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक दृष्टिकोण में 'स्काफोल्डिंग' (Scaffolding) या मचान निर्माण का तात्पर्य उस अस्थायी और लचीली सहायता से है जो शिक्षक या सक्षम साथी (MKO) द्वारा शिक्षार्थी को दी जाती है ताकि वह अपनी वर्तमान क्षमता से परे जाकर ZPD (Zone of Proximal Development) के भीतर कार्य को पूरा कर सके। जैसे-जैसे छात्र आत्मनिर्भर होता जाता है, इस सहायता को चरणबद्ध तरीके से हटा लिया जाता है। अतः विकल्प (b) इसका सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य स्पष्टीकरण है।
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