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History of India
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लोदी काल में न्याय विभाग का सर्वोच्च अधिकारी सुल्तान के बाद कौन होता था?

Detailed Explanation

काजी-उल-कुजात न्याय का प्रमुख होता था।
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सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी द्वारा पश्चिमी और पूर्वी भारत में अपनी सत्ता के सुदृढ़ीकरण तथा मुंबई (बॉम्बे) और कलकत्ता की स्थापना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंबई (वर्तमान मुंबई) को वर्ष 1668 में ब्रिटिश सम्राट चार्ल्स द्वितीय ने पुर्तगाली राजकुमारी कैथरीन से विवाह में मिले दहेज के रूप में प्राप्त किया था, जिसे बाद में सम्राट ने मात्र दस पाउंड वार्षिक किराए पर ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंप दिया था। 2. जॉब चरनाक ने बंगाल में हुगली के स्थान पर सुतानुती, कलिकाता और गोविंदपुर नामक तीन गाँवों की जमींदारी प्राप्त कर आधुनिक कलकत्ता (कोलकाता) शहर की नींव रखी थी, जिसके चारों तरफ निर्मित फोर्ट विलियम किले की प्रथम प्रेसिडेंसी के रूप में स्थापना की गई थी। 3. वर्ष 1686 में ब्रिटिश कंपनी ने मुगल सम्राट औरंगजेब की नीतियों के विरुद्ध जाकर हुगली शहर पर बलपूर्वक अधिकार करने का असफल प्रयास किया था, जिसके परिणामस्वरूप कंपनी के तत्कालीन गवर्नर सर जॉन चाइल्ड को मुगल बंदरगाहों की घेराबंदी करने के दुसाहस के कारण भारत से निष्कासित किए जाने का आदेश झेलना पड़ा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? ब्रिटिश शासनकाल के दौरान भारत में लागू की गई विभिन्न भू-राजस्व प्रणालियों (स्थाई बंदोबस्त, रयतवारी और महालवारी) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बंगाल, बिहार और उड़ीसा में वर्ष 1793 में लॉर्ड कार्नवालिस द्वारा लागू 'स्थाई बंदोबस्त' (Permanent Settlement) के अंतर्गत जमींदारों को भूमि का स्थायी स्वामी बना दिया गया, किंतु 'सूर्यास्त कानून' (Sunset Law) के तहत निर्धारित तिथि को सूर्यास्त से पूर्व लगान न चुकाने पर उनकी जमींदारी नीलामी के लिए उत्तरदायी होती थी। 2. थॉमस मुनरो द्वारा मुख्य रूप से मद्रास और बंबई प्रेसीडेंसी में विस्तृत की गई 'रयतवारी व्यवस्था' (Ryotwari System) में सरकार और कृषक (रयत) के मध्य सीधा समझौता हुआ था, जिसमें भूमि का स्वामित्व वास्तविक काश्तकार को सौंपा गया था तथा लगान की दरें अत्यधिक लचीली थीं। 3. हॉल्ट मैकेंज़ी और विलियम बेंटिंक के प्रयासों से उत्तर-पश्चिम प्रांत, मध्य भारत और पंजाब में लागू की गई 'महालवारी व्यवस्था' (Mahalwari System) के अंतर्गत भू-राजस्व का निर्धारण व्यक्तिगत किसान के स्तर पर न करके संपूर्ण ग्राम या 'महाल' के आधार पर किया जाता था, जिसमें पूरे ग्राम समुदाय की सामूहिक जिम्मेदारी होती थी। 4. ब्रिटिश भारत के कुल भू-भाग पर इन प्रणालियों के विस्तार के संदर्भ में 'रयतवारी व्यवस्था' सबसे बड़े क्षेत्र (लगभग 51%) पर लागू की गई थी, जबकि 'स्थाई बंदोबस्त' लगभग 19% और 'महालवारी व्यवस्था' लगभग 30% भू-भाग पर लागू थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? उन्नीसवीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों के वैचारिक आधार, संस्थागत विकास और उनके सुधारवादी एजेंडे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. राजा राममोहन राय द्वारा 1815 में स्थापित 'आत्मीय सभा' और 1828 में स्थापित 'ब्रह्म समाज' का मूल उद्देश्य मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और पुरोहितवाद का खंडन करते हुए एकेश्वरवाद की स्थापना करना था, तथा केशव चंद्र सेन के वैचारिक मतभेदों के कारण वर्ष 1866 में ब्रह्म समाज का विभाजन 'आदि ब्रह्म समाज' और 'भारतीय ब्रह्म समाज' के रूप में हो गया था। 2. स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा 1875 में स्थापित 'आर्य समाज' ने 'वेदों की ओर लौटो' का नारा देते हुए वेदों को अपौरुषेय और अचूक माना, तथा रूढ़िवादी हिंदू समाज की रक्षा के लिए 'शुद्धि आंदोलन' का प्रारंभ किया, जिसका उद्देश्य उन हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में वापस लाना था जिन्होंने किन्हीं कारणों से इस्लाम या ईसाई धर्म अपना लिया था। 3. महाराष्ट्र में प्रार्थना समाज (स्थापना 1867) के संस्थापकों (जैसे आत्माराम पांडुरंग और महादेव गोविंद रानाडे) ने जातिगत कठोरता, बाल विवाह और अछूत प्रथा का कड़ा विरोध करते हुए विधवा पुनर्विवाह और महिला शिक्षा को बढ़ावा दिया, किंतु धार्मिक रूढ़िवादिता के कारण उन्होंने अपनी सामाजिक सुधार गतिविधियों को केवल दक्षिण भारत तक ही सीमित रखा और वे उत्तर भारतीय आंदोलनों से पूरी तरह पृथक् रहे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? सविनय अवज्ञा आंदोलन, प्रथम गोलमेज सम्मेलन और गांधी-इरविन समझौते के कालक्रम और उनके प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1930 में प्रारंभ हुए सविनय अवज्ञा आंदोलन की पृष्ठभूमि तैयार करने वाले 'दांडी मार्च' के दौरान महात्मा गांधी ने नमक कानून तोड़ा था, जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश सरकार ने कांग्रेस को प्रतिबंधित कर दिया और लंदन में आयोजित प्रथम गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस ने भाग लिया था। 2. मार्च 1931 में संपन्न 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत सरकार ने सभी राजनीतिक कैदियों (हिंसा के आरोपियों को छोड़कर) को रिहा करने तथा समुद्र तट के पास के गांवों को नमक बनाने की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की थी, जबकि कांग्रेस की ओर से सविनय अवज्ञा आंदोलन को स्थगित करना स्वीकार किया गया था। 3. प्रथम गोलमेज सम्मेलन में कांग्रेस की ओर से एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी ने भाग लिया था, जिन्होंने दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल (Separate Electorate) की मांग का पुरजोर समर्थन किया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? मुगल काल में यूरोप से आने वाली सबसे प्रमुख धातु कौन सी थी जिसका उपयोग सिक्कों के लिए होता था?
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