MPTET
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment)**—जिसे उस प्रारंभिक भावनात्मक बंध के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिशु अपने प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) को एक सुरक्षित आधार (Secure Base) के रूप में अनुभव करता है, देखभालकर्ता के जाने पर विचलित होता है किंतु उसकी वापसी पर आसानी से शांत होकर पुनः अपनी खोजपूर्ण गतिविधियों में संलग्न हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), सामाजिक समायोजन और स्वायत्त अन्वेषण (Autonomous Exploration) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
जॉन बॉल्बी के संलग्नता सिद्धांत के अनुसार, 'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment) बालकों में संवेगात्मक सुरक्षा और स्थिरता की भावना का विकास करती है। जिस बालक का प्राथमिक देखभालकर्ता के साथ सुरक्षित बंध होता है, वह विश्व को अन्वेषण करने के लिए सुरक्षित मानता है। कक्षा-कक्षीय परिप्रेक्ष्य में, ऐसे बालक उच्च आत्म-सम्मान, बेहतर सामाजिक कौशल, सहपाठियों के साथ सहयोगात्मक संबंध और चुनौतियों का सामना करने की उच्च क्षमता (Resilience) प्रदर्शित करते हैं, जो प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के लिए अत्यंत अनुकूल है।
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मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड थॉर्नडाइक (Edward Thorndike) के 'अधिगम के संबंधात्मक सिद्धांत' (Connectionism Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय नियम—**'प्रभाव का नियम' (Law of Effect)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी अनुक्रिया (Response) के पश्चात यदि संतोषजनक या सुखद परिणाम (Pleasurable Consequence) प्राप्त होते हैं, तो उस उद्दीपक-अनुक्रिया (S-R) बंध या कनेक्शन की मजबूती में वृद्धि होती है, जबकि असंतोषजनक या कष्टप्रद परिणाम मिलने पर वह बंध कमजोर हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पुनर्बलन (Reinforcement), प्रेरणा प्रबंधन और त्रुटिहीन कौशल अर्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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