त्वरित लिंक्स
MPTET
4 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, सिगमंड फ्रायड (Sigmund Freud) के 'मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत' (Psychoanalytic Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'रक्षा तंत्र या डिफेंस मैकेनिज्म' (Defense Mechanisms)**—जिसे उस अचेतन मानसिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके द्वारा अहम् (Ego), इड (Id) की आवेगी माँगों और सुपरइगो (Superego) के नैतिक दबावों के बीच उत्पन्न होने वाली चिंता (Anxiety) और आंतरिक संघर्ष से व्यक्ति की मानसिक रक्षा करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक समायोजन, तनाव प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
सिगमंड फ्रायड के मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत के अनुसार, 'रक्षा तंत्र' (Defense Mechanisms) अहम् (Ego) द्वारा अचेतन स्तर पर संचालित होने वाली वे मानसिक युक्तियाँ हैं, जिनका उपयोग व्यक्ति आंतरिक संघर्षों, तनाव और चिंता (Anxiety) से निपटने के लिए करता है। चूँकि ये प्रक्रियाएँ अचेतन रूप से कार्य करती हैं, इसलिए ये वास्तविकता का सामना किए बिना व्यक्ति को क्षणिक राहत तो देती हैं, परंतु यदि इनका अत्यधिक उपयोग किया जाए, तो यह व्यक्ति की वास्तविकता को स्वीकार करने की क्षमता को कमजोर कर देती हैं और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। कक्षा-कक्षीय परिप्रेक्ष्य में शिक्षकों को यह समझना आवश्यक है कि विद्यार्थी जब अत्यधिक तनाव या विफलता का सामना करते हैं, तो वे अचेतन रूप से इन तंत्रों (जैसे- युक्तमीकरण, दमन, प्रतिगमन आदि) का सहारा ले सकते हैं। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक कथन है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की अवधारणा—जिसके तहत यह उच्चतम स्तर का अधिगम (आठवाँ स्तर) है जहाँ शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का उपयोग करके एक नई, जटिल और अनपेक्षित समस्या का तार्किक समाधान खोजता है तथा संज्ञानात्मक नियमों का पुनर्गठन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय बौद्धिक कौशल, स्वतंत्र चिंतन और सृजनात्मकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम' (Progressive Education and Experiential Learning) के दर्शन के अंतर्गत प्रतिपादित 'रिफ्लेक्टिव थिंकिंग या विचारात्मक चिंतन' (Reflective Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी किसी संशयपूर्ण, जटिल या समस्यात्मक परिस्थिति में सक्रिय रूप से संलग्न होकर अपने पूर्व अनुभवों और तार्किक साक्ष्यों के आधार पर सतत् रूप से अपने विचारों, धारणाओं और निष्कर्षों का मूल्यांकन और पुनर्गठन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समस्या-समाधान कौशल, तार्किक विश्लेषण और स्वायत्त ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'पाह या मचान निर्माण' (Scaffolding)** की अवधारणा—जिसके तहत एक अधिक ज्ञ knowledgeable अन्य (MKO) या शिक्षक द्वारा शिक्षार्थी को उसकी संभावित विकास के क्षेत्र (ZPD) के भीतर समस्या समाधान हेतु शुरुआत में उच्च स्तर की अस्थायी सहायता प्रदान की जाती है और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की निपुणता बढ़ती जाती है, उस सहायता को धीरे-धीरे वापस ले लिया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्व-नियमित अधिगम (Self-Regulated Learning), संज्ञानात्मक स्वतंत्रता और आंतरिक बौद्धिक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रगतिशील शिक्षा और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Progressive Education and Experiential Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शैक्षणिक अवधारणा—**'करके सीखना' (Learning by Doing / Reflective Thinking)**—जिसे एक ऐसी सक्रिय संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी वास्तविक जीवन की समस्याओं और अनुभवों में प्रत्यक्ष रूप से संलग्न होकर, परावर्तनात्मक चिंतन (Reflective Thinking) के माध्यम से ज्ञान का निर्माण और सत्यापन करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के व्यावहारिक कौशल, समस्या-समाधान क्षमता और लोकतांत्रिक मूल्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-प्राप्ति' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनीिक क्षमताओं, प्रतिभाओं और पोटेंशियल (Potential) का पूर्ण विकास करते हुए अपनी सर्वोच्च रचनात्मक और व्यक्तिगत संभावनाओं को प्राप्त करने का प्रयास करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय प्रेरणा, व्यक्तिगत स्वायत्तता और आत्म-साक्षात्कार के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.