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History of India
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विजयनगर साम्राज्य की स्थापना के समय दिल्ली का सुल्तान कौन था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1336 में विजयनगर की स्थापना के समय मोहम्मद बिन तुगलक सुल्तान था।
Related Questions
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छत्रपति शिवाजी महाराज के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी ने अपने सैन्य संगठन में 'पागा' और 'सिलहदार' घुड़सवारों की व्यवस्था की थी, जिसमें पागा सैनिक राज्य द्वारा प्रदत्त घोड़ों और शस्त्रों का प्रयोग करते थे, जबकि सिलहदार सैनिक अपने स्वयं के घोड़े और शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे।
2. शिवाजी के प्रशासन में 'अष्टप्रधान' मंडल का प्रत्येक मंत्री राजा के अधीन सीधे कार्य करता था और इनमें से अधिकांश मंत्रियों को आवश्यकता पड़ने पर सैन्य अभियानों का नेतृत्व भी करना पड़ता था, सिवाय पंडितराव और न्यायाधीश के।
3. शिवाजी की राजस्व व्यवस्था मलिक अंबर की भूमि सुधार प्रणालियों से अत्यधिक प्रभावित थी, जिसके तहत उन्होंने भूमि की पैमाइश के लिए 'काठी' और बीघा के मानक माप को अपनाया तथा उपज का 40% भाग राज्य के कर के रूप में वसूल किया, जिसे बाद में बढ़ाकर 50% कर दिया गया था।
4. शिवाजी के द्वारा दक्षिण भारत के राज्यों से वसूल किया जाने वाला 'चौथ' कर उनकी सीमा के सुरक्षा प्रदान करने के बदले कुल आय का एक-चौथाई हिस्सा होता था, जबकि 'सरदेशमुखी' आंतरिक क्षेत्रों पर उनके पारंपरिक वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में 10 प्रतिशत वसूला जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह की प्रकृति और उसके वैचारिक मूल्यांकन के संदर्भ में, विभिन्न इतिहासकारों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध कथनों पर विचार कीजिए:
1. वी. डी. सावरकर ने अपनी पुस्तक 'द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस 1857' में इस महान विद्रोह को सुनियोजित राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम की संज्ञा दी है।
2. डॉ. आर. सी. मजूमदार का यह प्रसिद्ध मत था कि 'तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था।'-
3. सर जॉन लॉरेन्स और सी. ई. आर. सी. सी. रीस के अनुसार यह विद्रोह मूल रूप से केवल 'सिपाही विद्रोह' (Sepoy Mutiny) था, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय मुक्ति न होकर सैनिकों का पेशेवर असंतोष था।
4. टी. आर. होम्स का यह कथन था कि यह विद्रोह 'सभ्यता और बर्बरता के बीच का संघर्ष' था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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मुगल काल में "मुल्तानी" और "खत्री" कौन थे जो व्यापार में संलग्न थे?
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सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना, वास्तुकला और उसके सामाजिक-आर्थिक पहलुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. हड़प्पा सभ्यता की अधिकांश बस्तियों में नगर दो भागों में विभाजित थे - पश्चिमी भाग जो छोटा किंतु ऊँचा (दुर्ग या गढ़ी) होता था, और पूर्वी भाग जो बड़ा किंतु सामान्य धरातल पर बसा आवासीय क्षेत्र होता था, अपितु 'धोलावीरा' इसका एक अपवाद है जो त्रि-स्तरीय (तीन भागों) विभाजित था।
2. सिंधु घाटी सभ्यता की ईंटों का सामान्य अनुपात मानक रूप से 1:2:4 (मोटाई : चौड़ाई : लंबाई) था और अधिकांश बस्तियों में अलंकृत ईंटों का प्रयोग केवल मंदिरों और सार्वजनिक स्नागारों के फर्श निर्माण में किया जाता था।
3. मोहनजोदड़ो से प्राप्त 'विशाल स्नागार' (Great Bath) के निर्माण में जल रिसाव को रोकने के लिए ईंटों के जोड़ों के बीच बिटुमिन (डामर) की परत का उपयोग किया गया था, और इसके उत्तर तथा दक्षिण में सीढ़ियाँ बनी हुई थीं।
4. सिंधु घाटी सभ्यता के लोग लोहे (अयस) और तांबे दोनों धातुओं से पूर्णतः परिचित थे, और उन्होंने रक्षात्मक हथियारों के बड़े पैमाने पर निर्माण के लिए लोहे का ही सबसे अधिक उपयोग किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक और आर्थिक सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में पहली बार सैनिकों की नगद वेतन देने की परंपरा शुरू की और घोड़ों को दागने तथा सैनिकों का हुलिया लिखने की प्रथा लागू की ताकि सैन्य भ्रष्टाचार पर रोक लग सके।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने अपनी राजधानी दिल्ली से दौलताबाद (देवगिरि) स्थानांतरित की, जिसका मुख्य उद्देश्य मंगोल आक्रमणों से सुरक्षा प्राप्त करना तथा साम्राज्य के मध्य भाग में प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना था, किंतु यह योजना कुप्रबंधन के कारण असफल रही।
3. फ़िरोज़ शाह तुगलक ने कृषि को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर नहरों का निर्माण कराया, जिनमें 'हक-ए-शर्ब' नामक सिंचाई कर उन किसानों पर लगाया गया जो राज्य की नहरों से पानी प्राप्त करते थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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