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History of India
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कृष्णदेव राय ने "आमुक्तमाल्यद" नामक ग्रंथ की रचना किस भाषा में की थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
यह प्रसिद्ध ग्रंथ तेलुगु भाषा में रचा गया था।
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प्राचीन भारतीय इतिहास के संदर्भ में, पल्लव राजवंश और चालुक्य राजवंश के प्रशासनिक, सांस्कृतिक एवं सैन्य संघर्षों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पल्लव नरेश नरसिंहवर्मन प्रथम ने चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय को 'मणिमंगलम् के युद्ध' में निर्णायक रूप से पराजित किया था और वातापी पर अधिकार करने के उपरांत 'वातापीकोंड' की उपाधि धारण की थी।
2. बादामी के चालुक्य वंश के प्रसिद्ध शासक पुलकेशिन द्वितीय के 'ऐहोल अभिलेख' की रचना उसके दरबारी कवि रवि कीर्ति ने की थी, जिसमें कालिदास और भारवि की कीर्ति का उल्लेख मिलता है तथा नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन पर उसकी विजय का वर्णन है।
3. पल्लव शासक महेंद्रवर्मन प्रथम ने अपने शासन के प्रारंभिक काल में जैन धर्म का अनुयायी होने के कारण बौद्ध धर्म का घोर उत्पीड़न किया था, किंतु शैव संत अप्पर के प्रभाव में आकर उसने शैव धर्म अपना लिया और त्रिचिरापल्ली तथा महाबलीपुरम में भव्य रॉक-कट मंदिरों का निर्माण करवाया।
4. महाबलीपुरम के प्रसिद्ध 'रथ मंदिरों' (सप्त पगोडा) का निर्माण पल्लव राजा नरसिंहवर्मन द्वितीय (राजसिंह) के शासनकाल में करवाया गया था, जो महाबलीपुरम के समुद्रतट मंदिर (Shore Temple) के समकालीन हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के तात्कालिक कारण और बैरकपुर छावनी की घटना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. जनवरी 1857 में बंगाल सेना में पुरानी ब्राउन बेस मस्कट बन्दूक के स्थान पर नई 'एनफील्ड राइफल' (Enfield Rifle) को शामिल किया गया था, जिसके कारतूसों में गाय और सुअर की चर्बी होने की अफवाह ने भारतीय सैनिकों में भारी आक्रोश पैदा किया।
2. बैरकपुर छावनी (34वीं नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को चर्बी वाले कारतूसों के प्रयोग के आदेश का विरोध करते हुए अपने अंग्रेजी अधिकारियों लेफ्टिनेंट बाग और सार्जेंट ह्यूसन पर आक्रमण कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फांसी दे दी गई।
3. मंगल पांडे की इस घटना के तुरंत बाद, मेरठ छावनी के सैनिकों ने 10 मई 1857 को विद्रोह का बिगुल बजा दिया, जहाँ उन्होंने एनफील्ड राइफल्स के प्रयोग से पूर्णतः इंकार करते हुए यूरोपीय अधिकारियों को बंधक बना लिया और दिल्ली की ओर कूच किया।
4. चर्बी वाले कारतूसों की घटना के विरोध में विद्रोह करने वाले मंगल पांडे को गिरफ्तार करने से इनकार करने वाले ब्रिटिश रेजिमेंट के भारतीय अधिकारियों को ब्रिटिश सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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महाजनपद काल और मगध साम्राज्य के उत्थान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अंगुत्तर निकाय और जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में प्राचीन भारत के 'षोडश महाजनपदों' (16 महाजनपदों) की सूची मिलती है, जिसमें वज्जी संघ आठ कुलों का एक संघ (Confederacy) था और इसकी राजधानी वैशाली थी जो विश्व के शुरुआती गणतंत्रात्मक उदाहरणों में गिनी जाती है।
2. मगध साम्राज्य के उत्थान में हर्यक वंश के शासक बिम्बिसार ने अपनी कूटनीति और वैवाहिक गठबंधनों (जैसे कौशल्या, चेलना और मद्र कुल की राजकुमारी क्षेमा से विवाह) के माध्यम से अपनी स्थिति को सुदृढ़ किया, जबकि उसके उत्तराधिकारी अजातशत्रु ने वज्जी संघ पर विजय प्राप्त करने के लिए वसकार (Varasakara) नामक कूटनीतिज्ञ मंत्री की सहायता ली थी।
3. शिशुनाग वंश के संस्थापक शिशुनाग ने अवंती महाजनपद को मगध साम्राज्य में मिलाकर उसकी लंबी शत्रुता का अंत किया, तथा अपनी प्रारंभिक राजधानी राजगृह के स्थान पर वैशाली को अपनी राजधानी बनाया, जिसे बाद में उसके उत्तराधिकारी कालाशोक ने पाटलिपुत्र स्थानांतरित कर दिया था।
4. नंद वंश के संस्थापक महापद्मनंद को पुराणों में 'सर्वक्षत्रान्तक' (क्षत्रिय वंशों का नाश करने वाला) और 'एकराट्' की उपाधि से विभूषित किया गया है, तथा नंद वंश के शासनकाल में ही सिकंदर का भारत पर आक्रमण हुआ था जिसके भय से मगध की सेना ने व्यास नदी को पार करने से इनकार कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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क्रांतिकारी आंदोलन के द्वितीय चरण और प्रमुख संगठनों की वैचारिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में, हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) और गदर पार्टी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में पुनर्गठित 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) के घोषणापत्र 'द रिवोल्यूशनरी' का प्रारूप मुख्य रूप से भगवती चरण बोहरा द्वारा तैयार किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से समाजवादी समाज की स्थापना को क्रांतिकारी आंदोलन का अंतिम लक्ष्य बताया गया था।
2. वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में सोहन सिंह भकना और लाला हरदयाल के प्रयासों से स्थापित 'गदर पार्टी' ने प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सेना में कार्यरत भारतीय सैनिकों के बीच विद्रोह भड़काने और 'यंग इंडिया' तथा 'हिंदुस्तान गदर' जैसे क्रांतिकारी समाचार पत्रों के माध्यम से प्रवासी भारतीयों को संगठित करने की योजना बनाई थी।
3. वर्ष 1929 की सेंट्रल लेजिस्लेटिव असेंबली बम कांड घटना में भगत सिंह के साथ बटुकेश्वर दत्त ने भाग लिया था, जिसका उद्देश्य जनसंहार करना नहीं बल्कि ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल जैसे दमनकारी कानूनों के विरोध में 'बहरों को सुनाना' तथा अपनी वैचारिक उपस्थिति दर्ज कराना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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गदर पार्टी और क्रांतिकारी आंदोलन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गदर पार्टी की स्थापना वर्ष 1913 में अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को शहर में लाला हरदयाल, सोहन सिंह भाकना और अन्य प्रवासियों द्वारा की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन को सशस्त्र क्रांति के माध्यम से उखाड़ फेंकना था।
2. इस दल द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक पत्र 'गदर' का शीर्षक 'अंग्रेजी राज का दुश्मन' था, जो प्रारंभिक रूप से गुरुमुखी और उर्दू में प्रकाशित होता था और बाद में अन्य भारतीय भाषाओं में भी जारी किया गया।
3. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गदर पार्टी के आह्वान पर हजारों प्रवासी भारतीय 'गदर आंदोलन' के तहत भारत लौटे और पंजाब तथा अन्य छावनियों में ब्रिटिश सेना के खिलाफ सशस्त्र विद्रोह की योजना बनाई, जो वर्ष 1915 की शुरुआत में गुप्त सूचना लीक होने के कारण विफल हो गई।
4. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिस्टोरिकल रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) का पुनर्गठन किया गया, जिसमें भगत सिंह, सुखदेव और भगवती चरण बोहरा जैसे क्रांतिकारियों ने समाजवादी विचारधारा को अपने क्रांतिकारी एजेंडे का मुख्य आधार बनाया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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