BaalVikas
Menu
UPTET
Asked 1 week ago · Viewed 5 times

जीन पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था में बालक मूर्त वस्तुओं पर तार्किक चिंतन करना प्रारंभ करता है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (लगभग 7 से 11 वर्ष) में बालक मूर्त वस्तुओं और घटनाओं के बारे में तार्किक रूप से सोचना शुरू कर देता है।
Share:
अगला प्रश्न → जीन पियाजे के अनुसार संज्ञानात्मक विकास की किस अवस्था को 'मूर्त संक्रियात्मक… ← पिछला प्रश्न राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार स्कूली शिक्षा का नया…

Related Questions

→ ले वाइगोत्สกी के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत में विकास का मुख्य आधार किसे माना गया है? → भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद में निर्वाचन आयोग का प्रावधान किया गया है? → भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत अस्पृश्यता का उन्मूलन किया गया है? → निम्नलिखित में से 'स्वागत' शब्द का सही संधि-विच्छेद क्या है? → भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के तहत राज्यों में प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा की सुविधाओं के लिए पर्याप्त प्रयास करने का प्रावधान किया गया है, जो UPTET परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है? → उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) के पाठ्यक्रम में 'अभिप्रेरणा' (Motivation) के संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) की सर्वोच्च अवस्था 'आत्म-सिद्धि' (Self-Actualization) को प्राप्त करने से ठीक पहले व्यक्ति द्वारा अपनी किन आवश्यकताओं को संतुष्ट करना अनिवार्य माना जाता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.