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History of India
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अकबर ने 1582 ई. में किस नए धर्म या आचार संहिता की घोषणा की थी?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1582 ई. में दीन-ए-इलाही की घोषणा की गई।
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19वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में उभरे सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों और उनके संस्थापकों तथा संगठनों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केशव चंद्र सेन के ब्रह्म समाज से अलग होने के पश्चात वर्ष 1866 में उनके द्वारा 'भारतीय ब्रह्म समाज' (Bharatiya Brahmo Samaj) की स्थापना की गई थी, जबकि मूल ब्रह्म समाज का नेतृत्व देवेंद्रनाथ टैगोर के पास 'आदि ब्रह्म समाज' के रूप में रहा।
2. वर्ष 1867 में बंबई में आत्माराम पांडुरंग द्वारा स्थापित 'प्रार्थना समाज' ने धार्मिक सुधारों की तुलना में सामाजिक सुधारों (विशेषकर अंतर-जातीय विवाह और स्त्री शिक्षा) पर अधिक बल दिया, जिससे महादेव गोविंद रानाडे और आर.जी. भंडारकर जैसे विद्वान जुड़े थे।
3. स्वामी विवेकानंद ने वर्ष 1897 में 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना की थी, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठानों का प्रसार करना था, तथा इसने वेदों की अचूकता और रूढ़िवादी हिंदू संस्कारों को पुनर्जीवित करने पर ही अपना संपूर्ण ध्यान केंद्रित किया।
4. सत्यशोधक समाज की स्थापना ज्योतिराव फुले द्वारा 1873 में की गई थी, जिसका मुख्य उद्देश्य शूद्रों और अति-शूद्रों को ब्राह्मणवादी वर्चस्व और रूढ़िवादिता से मुक्त कराना तथा उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान दिल्ली में हुए घटनाक्रम और मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर की भूमिका के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मेरठ के सिपाहियों द्वारा दिल्ली पहुँचने के पश्चात 11 मई 1857 को वृद्ध मुगल सम्राट बहादुर शाह जफर को अनिच्छा और हिचकिचाहट के बावजूद विद्रोहियों द्वारा भारत का सम्राट (शहंशाह-ए-हिंदुस्तान) घोषित कर दिया गया, जिससे इस विद्रोह को एक वैधानिक और अखिल भारतीय राजनीतिक प्रतीक मिल गया था।
2. दिल्ली में विद्रोहियों की सैन्य गतिविधियों का वास्तविक नियंत्रण और कमान 'बख्त खान' के नेतृत्व में बनी एक सैनिक अदालत (कोर्ट) के हाथों में थी, जिसमें विभिन्न रेजिमेंटों के प्रतिनिधि शामिल थे और सम्राट की भूमिका काफी हद तक नाममात्र की थी।
3. सितंबर 1857 में ब्रिटिश सेनापति जॉन निकलसन और हडसन के नेतृत्व में दिल्ली पर पुनः अधिकार प्राप्त करने के पश्चात बहादुर शाह जफर को गिरफ्तार कर लिया गया और उनके सभी शाहजादों (राजकुमारों) की गोली मारकर हत्या कर दी गई, तथा जफर पर मुकदमा चलाकर उन्हें रंगून (बर्मा) निर्वासित कर दिया गया जहाँ वर्ष 1862 में उनका निधन हो गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्धन राजवंश एवं दक्षिण भारत के राजवंशों (चोल, पल्लव, चालुक्य) की राजनीतिक एवं सांस्कृतिक उपलब्धियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. पल्लव शासक महेंद्रवमन् प्रथम ने अपने प्रारंभिक जीवन में जैन धर्म का अनुयायी होने के बाद, तमिल संत अप्पर (थिरुनुवुक्करासर) के प्रभाव से शैव धर्म अपना लिया था, तथा महाबलीपुरम में प्रसिद्ध एकश्म 'रथ मंदिरों' (मंडप और रथ) के निर्माण की शुरुआत उसी के काल में हुई थी।
2. बादामी के चालुक्य वंश के महान शासक पुलकेशिन द्वितीय ने नर्मदा नदी के तट पर हर्षवर्धन की उत्तर भारत की विजय यात्रा को रोककर उसे पराजित किया था, और इस ऐतिहासिक घटना का विस्तृत उल्लेख हमें एहोल शिलालेख में मिलता है, जिसकी रचना रविचर्ति ने की थी।
3. चोल राजवंश की सुदृढ़ स्थानीय स्वशासन प्रणाली, विशेष रूप से 'उत्तरमेरूर शिलालेख' (Uttiramerur Inscriptions), में ग्राम सभाओं (कुडम) के गठन, सदस्यों की योग्यता, अयोग्यता और पर्ची प्रणाली (कुरावोलै पद्धति) के माध्यम से चुनाव प्रक्रिया का अत्यंत विस्तृत वर्णन मिलता है।
4. वर्धन वंश के शासक हर्षवर्धन के शासनकाल में चीनी यात्री ह्वेनसांग भारत आया था, जिसने कन्नौज की भव्य धर्मसभा और प्रयागराज की महामोक्ष परिषद का अपनी यात्रा वृत्तांत 'सी-यु-की' में सजीव वर्णन किया है, तथा हर्षवर्धन ने स्वयं 'रत्नावली', 'प्रियदर्शिका' और 'नागानंद' जैसे नाटकों की रचना की थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के तात्कालिक कारणों और चर्बी वाले कारतूस की घटना के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. सेना में नए 'एनफील्ड' राइफल को शामिल किए जाने से पहले सैनिकों को प्रयुक्त होने वाले कारतूसों के बारे में यह अफ़वाह फैल गई थी कि उनके आवरण पर गाय और सुअर की चर्बी का लेप लगा हुआ है, जिसे लोड करने से पहले दांतों से काटना पड़ता था।
2. इस घटना की शुरुआत सर्वप्रथम जनवरी 1857 में दमदम (कोलकाता के पास) छावनी में हुई थी, जहाँ भारतीय सैनिकों ने इन कारतूसों के प्रयोग के विरुद्ध आधिकारिक रूप से खुलेआम बगावत कर दी थी।
3. बैरकपुर छावनी (34वीं बंगाल नेटिव इन्फैंट्री) के सिपाही मंगल पांडे ने 29 मार्च 1857 को इन कारतूसों के प्रयोग के आदेश का कड़ा विरोध करते हुए ब्रिटिश अधिकारियों (लेफ्टिनेंट बॉग और सार्जेंट ह्यूसन) पर आक्रमण कर दिया था, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें 8 अप्रैल 1857 को फाँसी दे दी गई थी।
4. चर्बी वाले कारतूस की इस घटना से उपजे असंतोष ने केवल भारतीय सैनिकों को ही प्रभावित किया, जबकि ग्रामीण इलाकों के किसानों, कारीगरों और पारंपरिक शिल्पकारों ने इस मुद्दे को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया था और वे ब्रिटिश प्रशासन के प्रति वफादार बने रहे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन के प्रारंभिक चरण और संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में लाला हरदयाल और सोहन सिंह भखना द्वारा अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में 'पैसिफिक कोस्ट हिंदुस्तान एसोसिएशन' की स्थापना की गई थी, जिसे आगे चलकर इसके साप्ताहिक पत्र 'गदर' के नाम पर 'गदर पार्टी' के रूप में जाना गया।
2. वर्ष 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई, जिसका मुख्य उद्देश्य समाजवादी विचारधारा पर आधारित एक स्वतंत्र गणराज्य की स्थापना करना था।
3. भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने ट्रेड डिस्प्यूट बिल और पब्लिक सेफ्टी बिल के विरोध में 8 अप्रैल 1929 को केंद्रीय विधान सभा में बम फेंका, जिसका उद्देश्य किसी की जान लेना नहीं बल्कि 'बहनों को अपनी बात सुनाने' के लिए धमाका करना और अपनी गिरफ्तारी देकर अदालत को प्रचार का मंच बनाना था।
4. वर्ष 1931 में लाहौर षड्यंत्र केस के तहत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फाँसी दी गई थी, और उसी वर्ष दिसंबर में चटगांव शस्त्रागार लूट के प्रमुख क्रांतिकारी सूर्य सेन को अंग्रेजों ने गिरफ्तार कर लिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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