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History of India
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औरंगजेब की धार्मिक नीति का विरोध किसने किया?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
शिवाजी महाराज ने मुगलों का विरोध किया।
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शाहजहाँ ने अपनी बेटी जहाँआरा को कौन सी उपाधि दी थी?
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1857 के महान विद्रोह के दौरान ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में विद्रोह को दबाने के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. दिल्ली - जॉन निकलसन
2. लखनऊ - कैंपबेल और आउट्राम
3. झांसी और ग्वालियर - मेजर जनरल ह्यूरोज
4. कानपुर - कर्नल नील
उपर्युक्त में से कौन-से युग्म सही सुमेलित हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक विकास, राजस्व सुधारों और सैन्य सुधारों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने सल्तनत काल में पहली बार समस्त कृषि योग्य भूमि की पैमाइश (विश्वा) करवाकर भू-राजस्व को बढ़ाकर उपज का आधा (50%) भाग कर दिया था और बिचौलियों (खूत्, मुकद्दम और चौधरी) के विशेषाधिकारों को समाप्त कर उनके द्वारा दिए जाने वाले करों को भी वसूल करना शुरू किया था।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि के कुप्रभावों से निपटने और कृषि को पुनर्जीवित करने के लिए 'दीवान-ए-कोही' नामक एक नया कृषि विभाग स्थापित किया था, जिसके तहत किसानों को कृषि ऋण (तकावी या sondhar) प्रदान किए गए थे।
3. फिरोजशाह तुगलक ने सल्तनत काल में सिंचाई व्यवस्था को उन्नत करने के लिए नहरों का एक विस्तृत जाल बिछाया, जिसमें यमुना से हिसार तक जाने वाली 'उलूग खानी' और सतलज से घग्गर तक जाने वाली नहरें शामिल थीं, और उसने किसानों से इन नहरों के उपयोग के बदले 'हक-ए-शर्ब' (सिंचाई कर) वसूल किया जो कुल उपज का 1/10 भाग था।
4. लोदी वंश के संस्थापक बहलोल लोदी ने सल्तनत की शक्ति को पुनर्गठन करने के लिए केंद्रीय राजतंत्र को अत्यधिक शक्तिशाली बनाया और सुल्तान के पद की गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए अफगान सरदारों के साथ 'मस्नद-ए-आली' की सामंती समानता की नीति को पूर्णतः समाप्त कर दिया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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गुप्तकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था और भूमि व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. गुप्त साम्राज्य में विकेंद्रीकरण की प्रवृत्ति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जहाँ उच्च अधिकारियों जैसे 'कुमारमात्य' और 'आयुष्मन्त' को नकद वेतन देने के स्थान पर प्रशासनिक अधिकारों के साथ बड़े पैमाने पर राजस्व अनुदान (भू-दान) दिए जाते थे, जिससे सामंतवाद के बीज पड़े।
2. अमरसिंह द्वारा रचित 'अमरकोश' और वाराणहमिहिर की 'बृहत्संहिता' में गुप्त काल की विभिन्न प्रकार की भूमियों का उल्लेख मिलता है, जिसमें 'क्षेत्र' (खेती योग्य भूमि), 'वापस' या 'वास्तुक' (वास करने योग्य भूमि), 'अप्राहत' (जंगली या बिना जोती गई भूमि) और 'अपहत' (दलदली भूमि) शामिल थीं।
3. गुप्त काल में भूमि राजस्व सामान्यतः कुल उत्पादन का 1/6 भाग से 1/4 भाग के बीच वसूला जाता था, जिसे 'भाग' या 'भोग' कहा जाता था, तथा 'विष्टि' (बेगार या अनिवार्य श्रम) को एक प्रकार का कर माना जाता था जिसका उपयोग राज्य द्वारा सैन्य और सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जाता था।
4. इस काल में उज्जैन और पाटलिपुत्र के अतिरिक्त ताम्रलिप्ती (बंदरगाह) पूर्वी तट का प्रमुख व्यापारिक केंद्र था, जहाँ से दक्षिण-पूर्व एशिया (सुवर्णभूमि) और रोमन साम्राज्य के साथ होने वाले व्यापार में गुप्त शासकों द्वारा भारी मात्रा में शुद्ध सोने के सिक्के (दिनार) जारी किए गए थे, जिनकी शुद्धता कुषाण सिक्कों की तुलना में सर्वोत्कृष्ट थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन और प्रमुख संगठनों के विकास के संदर्भ में, गदर पार्टी (Ghadar Party) और हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1913 में लाला हरदयाल, सोहन सिंह भाकना और अन्य प्रवासियों द्वारा सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में स्थापित 'गदर पार्टी' ने 'द गदर' साप्ताहिक पत्र के माध्यम से ब्रिटिश साम्राज्यवाद के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति का संदेश दिया, और इसका मुख्यालय 'युगांतर आश्रम' के रूप में स्थापित किया गया था।
2. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान गदर पार्टी के नेताओं ने ब्रिटिश सेना में तैनात भारतीय सैनिकों को भड़काने और देशव्यापी विद्रोह (गदर) कराने की योजना बनाई थी, किंतु ब्रिटिश गुप्तचर तंत्र की सक्रियता के कारण यह योजना समय से पूर्व ही विफल हो गई।
3. सितंबर 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में चंद्रशेखर आजाद के नेतृत्व में 'हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HRA) का पुनर्गठन करके 'हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन' (HSRA) की स्थापना की गई, जिसमें मार्क्सवादी-समाजवादी विचारधारा को इसके घोषणापत्र का मुख्य आधार बनाया गया।
4. HSRA के प्रमुख रणनीतिकार भगवती चरण बोहरा द्वारा रचित प्रसिद्ध दस्तावेज 'बम का दर्शन' (The Philosophy of the Bomb) में व्यक्तिगत आतंकवाद और राजनीतिक हिंसा का पूर्ण रूप से समर्थन किया गया था, तथा यह तर्क दिया गया था कि भारतीय स्वतंत्रता प्राप्ति के लिए केवल अहिंसक असहयोग ही एकमात्र मार्ग है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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