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History of India
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दीन-ए-इलाही के संस्थापक कौन थे?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
अकबर ने 1582 में शुरू किया था।
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वैदिक सभ्यता के आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक जीवन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऋग्वैदिक काल में संपत्ति का मुख्य आधार गोधन (गाय) था तथा 'दुहितृ' शब्द का प्रयोग उस पुत्री के लिए किया जाता था जो गाय का दूधहिया (दूध निकालने वाली) होती थी, जबकि उत्तर वैदिक काल में लोहे के व्यापक प्रयोग (जिसे 'कृष्ण अयस' कहा गया) ने कृषि अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से रूपांतरित कर दिया।
2. शतपथ ब्राह्मण में विदेध माधव और गौतम राहुगण की कथा का उल्लेख है, जो उत्तर वैदिक आर्यों के पूर्व की ओर सदािरा (गंडक) नदी घाटी तक भौगोलिक विस्तार और बस्तियों के बसने की प्रक्रिया को दर्शाती है।
3. ऋग्वैदिक काल में बहुविवाह और नियोग प्रथा का प्रचलन था, लेकिन बाल विवाह और परदा प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियाँ समाज में पूरी तरह से अपनी जड़ें जमा चुकी थीं, जिसका उल्लेख दसवें मंडल में मिलता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के स्वरूप और उसकी प्रकृति के संबंध में विभिन्न ब्रिटिश एवं भारतीय इतिहासकारों द्वारा दिए गए प्रसिद्ध मतों और कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
1. "यह तथाकथित प्रथम राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम न तो प्रथम, न ही राष्ट्रीय और न ही स्वतंत्रता संग्राम था" - आर.सी. मजूमदार
2. "यह विशुद्ध रूप से एक देशभक्तिपूर्ण स्वतंत्रता संग्राम था, जो विदेशी शासन के विरुद्ध सुनियोजित राष्ट्रीय विद्रोह के रूप में लड़ा गया था" - वी.डी. सावरकर
3. "यह एक सुनियोजित राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम था, जिसे भारतीय जनता द्वारा ब्रिटिश साम्राज्य को उखाड़ फेंकने के लिए अंतिम युद्ध के रूप में लड़ा गया था" - बेंजामिन डिजरायली
4. "यह मूलतः सिपाहियों का विद्रोह था, जिसका चरित्र पूरी तरह से सैनिक था और इसमें राष्ट्रीय भावना का पूर्ण अभाव था" - सर जॉन लॉरेन और सी.आर. रीस
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
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वर्ष 1857 के विद्रोह के राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक और आर्थिक कारणों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजनीतिक कारणों के अंतर्गत लॉर्ड डलहौजी की 'व्यपगत का सिद्धांत' (Doctrine of Lapse) नीति के तहत सतारा, नागपुर और झाँसी जैसी रियासतों का ब्रिटिश साम्राज्य में विलय कर दिया गया था, तथा लॉर्ड कैनिंग द्वारा मुगल सम्राट के उपाधि और शाही परिवार के विशेषाधिकारों को समाप्त करने की घोषणा ने मुस्लिम और राजशाही वर्ग में तीव्र असंतोष फैलाया था।
2. सामाजिक और धार्मिक कारणों में ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा भारतीय समाज की रूढ़ियों (जैसे सती प्रथा और बाल विवाह) पर कानून बनाकर रोक लगाना तथा वर्ष 1850 के 'धार्मिक निर्योग्यता अधिनियम' (Religious Disabilities Act) द्वारा ईसाई धर्म अपनाने वाले व्यक्ति को उसकी पैतृक संपत्ति से वंचित न किए जाने के प्रावधान ने पारंपरिक भारतीयों में यह भय उत्पन्न कर दिया कि अंग्रेज उनके धर्म को नष्ट करना चाहते हैं।
3. आर्थिक कारणों के अंतर्गत अंग्रेजों की पारंपरिक मुक्त व्यापार नीति और एकतरफा शुल्क व्यवस्था ने भारतीय हस्तशिल्प और कुटीर उद्योगों को पूरी तरह तबाह कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पारंपरिक कारीगर और शिल्पकार कृषि पर निर्भर होने के लिए बाध्य हुए और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अत्यधिक दबाव बढ़ गया।
4. भू-राजस्व प्रणालियों (जैसे स्थायी बंदोबस्त, रैयतवाड़ी और महालवाड़ी) के कारण किसानों और ज़मींदारों दोनों पर अत्यधिक करों का बोझ लादा गया, जिसके चलते साहूकारों और महाजनों द्वारा किसानों का भारी शोषण हुआ और अधिकांश उपजाऊ भूमि साहूकारों के नियंत्रण में चली गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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बरार के "इमादशाही वंश" की स्थापना किसने की थी?
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मराठा साम्राज्य के प्रशासन और शिवाजी की राजस्व प्रणाली के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी ने मलिक अंबर की रयतवारी व्यवस्था के आधार पर अपनी भू-राजस्व प्रणाली को पुनर्गठित किया, जिसके तहत भूमि की पैमाइश काठी और जरीब के माध्यम से की जाती थी और राज्य का प्रारंभिक हिस्सा कुल उपज का 33 प्रतिशत निर्धारित किया गया था जिसे बाद में बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया।
2. 'चौथ' कर उन क्षेत्रों से वसूला जाने वाला कर था जो सीधे मराठा नियंत्रण में नहीं थे, और यह कर उस क्षेत्र की कुल राजस्व आय का एक-चौथाई हिस्सा होता था, जिसके बदले मराठा आक्रमणकारियों द्वारा उन क्षेत्रों को बाहरी आक्रमणों से सुरक्षा प्रदान करने की गारंटी दी जाती थी।
3. 'सरदेशमुखी' कर शिवाजी द्वारा संपूर्ण महाराष्ट्र पर अपने वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में वसूला जाने वाला अतिरिक्त कर था, जो कुल राजस्व का 10 प्रतिशत होता था और इसे चौथ वसूलने वाले क्षेत्रों से नहीं लिया जाता था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
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