Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मार्गदर्शक सिद्धांतों और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम 2009 के वैधानिक प्रावधानों का समन्वित और गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा विकल्प इन दोनों दस्तावेजों के उस अंतर्निहित दार्शनिक दृष्टिकोण को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से रेखांकित करता है जो पारंपरिक 'ज्ञान के संचरण' (Transmission of Knowledge) मॉडल को अस्वीकार करते हुए ज्ञान के 'सह-निर्माण' (Co-construction) और बाल-केन्द्रित शिक्षाशास्त्र को अनिवार्य बनाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और RTE अधिनियम 2009 दोनों ही रचनावाद (Constructivism) पर आधारित हैं, जिसके अनुसार बच्चा ज्ञान का निष्क्रिय प्राप्तकर्ता नहीं बल्कि एक सक्रिय निर्माता है। NCF 2005 ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ने और रटकर सीखने की पद्धति को समाप्त करने की वकालत करता है, जबकि RTE Act 2009 बच्चों के सर्वांगीण विकास, भयमुक्त और बाल-केन्द्रित वातावरण की गारंटी देता है। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार शिक्षा प्रणाली में गुणात्मक सुधार लाने के लिए बाल-केन्द्रित दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के तहत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बालकों'…
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत…
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के दार्शनिक और विधिक प्रावधानों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन यह सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है कि ये दोनों दस्तावेज बच्चों के मूल्यांकन और ज्ञान के निर्माण की प्रक्रिया को किस प्रकार पुनर्परिभाषित करते हैं?
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गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के प्रणेता मैक्स वर्दीमर, कोहलर और कोफ्का द्वारा प्रतिपादित 'संपूर्णता के नियम' (Law of Pragnanz) तथा संज्ञानात्मक क्षेत्र के पुनर्गठन (Reorganization of Cognitive Field) की अवधारणा का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यह सिद्धांत थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) से किस मूलभूत दार्शनिक और संज्ञानात्मक बिंदु पर भिन्न है?
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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