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Child Development
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लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Moral Development Theory) के अंतर्गत, 'रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) के दूसरे चरण यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिमुखीकरण' (Authority and Social Order-Maintaining Orientation) का सूक्ष्म मनोवैज्ञानिक और तात्विक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस चरण के सबसे मौलिक और विशिष्ट लक्षण को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, पारंपरिक या रूढ़िगत नैतिकता के स्तर (Conventional Level) पर किशोर और वयस्क समाज की अपेक्षाओं और स्थापित नियमों के प्रति वफादार होते हैं। इस स्तर के अंतर्गत आने वाले चौथे चरण यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिमुखीकरण' (Stage 4) में व्यक्ति का मुख्य उद्देश्य सामाजिक व्यवस्था, कानून और व्यवस्था (Law and Order) को बनाए रखना होता है। वह यह मानता है कि समाज के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह नियमों का पालन करे। इस सिद्धांत के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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