BaalVikas
Menu
Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 10 times

व्यक्तित्व (Personality) के अध्ययन के संदर्भ में, गॉर्डन ऑलपोर्ट के 'शील-गुण सिद्धांत' (Trait Theory) के अंतर्गत 'प्रधान शील-गुण' (Cardinal Traits), 'केंद्रीय शील-गुण' (Central Traits) और 'द्वितीयक शील-गुण' (Secondary Traits) के तात्विक एवं मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों श्रेणियों के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक और सैद्धांतिक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?

Detailed Explanation

गॉर्डन ऑलपोर्ट (Gordon Allport) ने अपने शील-गुण सिद्धांत में व्यक्तित्व को इन तीन स्तरों पर वर्गीकृत किया है। प्रधान शील-गुण (Cardinal Traits) अत्यधिक दुर्लभ और शक्तिशाली होते हैं, जो व्यक्ति के संपूर्ण जीवन और व्यवहार पर हावी होते हैं (जैसे मैकियावेलियन या गांधीवादी प्रवृत्तियाँ)। केंद्रीय शील-गुण (Central Traits) हमारे व्यक्तित्व के मूल निर्माण खंड हैं जो सामान्यतः हर व्यक्ति में पाए जाते हैं (जैसे ईमानदारी, मिलनसारिता)। द्वितीयक शील-गुण (Secondary Traits) अधिक विशिष्ट होते हैं जो केवल विशेष परिस्थितियों या रुचियों के संदर्भ में प्रकट होते हैं। अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:
अगला प्रश्न → मानव विकास की प्रक्रिया में 'वंशानुक्रम' (Heredity) और 'वातावरण' (Environment)… ← पिछला प्रश्न वोल्फगांग कोहलर द्वारा चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए…

Related Questions

→ अधिगम अक्षमताओं (Learning Disabilities) के संदर्भ में, डिस्लेक्सिया (Dyslexia), डिसग्राफिया (Dysgraphia), डिसकैल्कुलिया (Dyscalculia) और डिस्प्रैक्सिया (Dyspraxia) के तात्विक, न्यूरोलॉजिकल तथा व्यवहारपरक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तंत्रिका-विकास संबंधी विकारों (Neurodevelopmental Disorders) के अंतर्निहित कारणों और उनके विशिष्ट लक्षणों के मध्य पाए जाने वाले संबंधों को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक विकास के सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत, 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान या पाड़' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों के मध्य पाए जाने वाले अंतर्संबंध और संज्ञानात्मक विकास में उनकी गतिकी को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → मानव विकास के संदर्भ में 'अभिवृद्धि' (Growth) और 'विकास' (Development) की अवधारणाओं, उनके मध्य पाए जाने वाले तात्विक अंतर तथा विकास के प्रमुख सिद्धांतों (जैसे- निरंतरता का सिद्धांत, सामान्य से विशिष्ट की ओर बढ़ने का सिद्धांत, और एकीकरण का सिद्धांत) का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? → अधिगम स्थानांतरण (Transfer of Learning) के सिद्धांतों के संदर्भ में, एडवर्ड थार्नडाइक के 'समान तत्वों का सिद्धांत' (Theory of Identical Elements), चार्ल्स जूड के 'सामान्यीकरण का सिद्धांत' (Theory of Generalization) और गेस्टाल्टवादियों के 'सूझ और सामान्यीकरण का सिद्धांत' का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन सिद्धांतों के मध्य पाए जाने वाले सबसे मौलिक और तात्विक अंतर को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.