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History of India
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अकबर ने ईसाई धर्म के प्रचारकों (Jesuits) को फतेहपुर सीकरी में चर्चा के लिए कब आमंत्रित किया था?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
1580 ई. में अकबर ने जेसुइट पादरियों को आमंत्रित किया था।
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नरम दल और गरम दल के वैचारिक संघर्ष तथा सूरत अधिवेशन (1907) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. वर्ष 1905 के बनारस अधिवेशन में गोपाल कृष्ण गोखले की अध्यक्षता में स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन के प्रस्ताव को पूरे देश में फैलाने का औपचारिक और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसका गरमपंथियों ने पूर्ण समर्थन किया था।
2. वर्ष 1906 के कलकत्ता अधिवेशन में दादाभाई नौरोजी के अध्यक्ष बनने के कारण कांग्रेस विभाजन टल गया, क्योंकि इस अधिवेशन में पहली बार 'स्वराज' (Self-Government) को कांग्रेस के लक्ष्य के रूप में स्वीकार किया गया तथा स्वदेशी, बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा से संबंधित प्रस्ताव पारित किए गए।
3. वर्ष 1907 के सूरत अधिवेशन में कांग्रेस का विभाजन केवल अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर हुआ था, जबकि नरमपंथियों और गरमपंथियों के बीच बंगाल से बाहर स्वदेशी आंदोलन के विस्तार और उग्रवादी रणनीतियों को अपनाने को लेकर पूर्ण वैचारिक सहमति थी।
4. सूरत विभाजन के उपरांत ब्रिटिश सरकार ने उग्रवादी राष्ट्रवादी नेताओं का दमन करने के लिए कई कड़े कानून पारित किए, जिसके तहत बाल गंगाधर तिलक को राजद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर मांडले (बर्मा) की जेल में छह वर्ष के कारावास की सजा दी गई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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दिल्ली सल्तनत के प्रशासनिक सुधारों और आर्थिक नीतियों के संदर्भ में, अलाउद्दीन खिलजी और मुहम्मद बिन तुगलक के शासनकाल की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए:
1. अलाउद्दीन खिलजी ने अपने साम्राज्य में कृषि योग्य भूमि की पैमाइश (विश्वा) अनिवार्य कर दी थी और बिस्वा के आधार पर लगान निर्धारण करते हुए खाद्यान्न पर 'खराज' की दर को बढ़ाकर उपज का आधा (50%) कर दिया था, साथ ही 'घरी कर' (घरों पर) और 'चराई कर' (मवेशियों पर) भी वसूलना शुरू किया था।
2. मुहम्मद बिन तुगलक ने दोआब क्षेत्र में कर वृद्धि के अपने निर्णय के समय क्षेत्रीय अकाल और गंभीर सूखे की स्थिति का अनुमान लगाने में पूरी तरह विफल रहा, जिसके कारण किसानों ने विद्रोह कर दिया और बाद में स्थिति से निपटने के लिए उसने 'दीवान-ए-कोही' नामक एक नए कृषि विभाग की स्थापना की।
3. अलाउद्दीन खिलजी द्वारा स्थापित 'बाजार नियंत्रण प्रणाली' का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद किसानों के कल्याण को बढ़ावा देना था, ताकि ग्रामीण भारत में आय की असमानता को समाप्त किया जा सके।
4. मुहम्मद बिन तुगलक द्वारा चलाई गई 'सांकेतिक मुद्रा' (Token Currency) योजना की असफलता का प्रमुख कारण तांबे और कांसे के सिक्कों के प्रचलन के दौरान बड़े पैमाने पर जाली सिक्कों (Counterfeit Coins) का निर्माण रोकना और शाही टकसाल पर राज्य का कड़ा नियंत्रण बनाए रखना था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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सत्रहवीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य के उत्थान और छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रशासनिक एवं सैन्य व्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. शिवाजी महाराज के केंद्रीय प्रशासन में अष्टप्रधान व्यवस्था थी, जिसमें 'सुमंत' (या दबीर) का मुख्य कार्य विदेश मंत्री के रूप में राजा को युद्ध और संधि मामलों पर परामर्श देना था, जबकि 'पंडितराव' धार्मिक मामलों और दान-पुण्य का सर्वोच्च अधिकारी होता था।
2. शिवाजी द्वारा अपने राज्य की सुरक्षा और मुगल क्षेत्रों से राजस्व वसूली के लिए अपनाई गई कर प्रणालियों में 'चौथ' कुल राजस्व का एक-चौथाई हिस्सा था जो उन क्षेत्रों से वसूला जाता था जो मराठा नियंत्रण में नहीं थे, जबकि 'सरदेशमुखी' उस क्षेत्र पर अतिरिक्त 10% कर था जिसे शिवाजी अपने आप को संपूर्ण देश का मुख्य देशमुखी (सर्वोच्च वतनदार) होने के दावे के रूप में वसूलते थे।
3. शिवाजी की सेना में घुड़सवार सेना का सबसे महत्वपूर्ण भाग 'बारगीर' सैनिक थे, जिन्हें राज्य द्वारा घोड़े और शस्त्र प्रदान किए जाते थे, जबकि 'सिलहदार' वे सैनिक होते थे जो स्वयं अपने घोड़े और हथियार का प्रबंध करते थे।
4. शिवाजी ने अपने शासनकाल में प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को बढ़ावा देते हुए प्रांतों (जिसे 'प्रान्त' या 'सुबा' कहा जाता था) के अंतर्गत जिलों या परगनों में सूबेदारों की नियुक्ति की थी, तथा प्रशासनिक भाषा के रूप में फारसी को पूरी तरह समाप्त कर केवल मराठी को एकमात्र राजभाषा के रूप में स्थापित किया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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विजयनगर के "विट्ठलस्वामी मंदिर" के किस भाग से संगीत के स्वर निकलते हैं?
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वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान बिहार में बाबू वीर कुंवर सिंह और उनके भाई अमर सिंह के नेतृत्व तथा संघर्ष के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. आरा की लड़ाई में वीर कुंवर सिंह ने ब्रिटिश कप्तान डनबार की सेना को बुरी तरह पराजित किया था, तथा ब्रिटिश जनरल आउट्राम और विंसेंट आयर के विरुद्ध संघर्ष करते हुए उन्होंने अपनी कुशल छापामार युद्धनीति का परिचय दिया।
2. जगदीशपुर के पतन के बाद वीर कुंवर सिंह ने उत्तर प्रदेश और मध्य भारत में विद्रोही ताकतों से हाथ मिलाया, तथा आजमगढ़ के समीप ब्रिटिश सेना को परास्त करने के बाद गंगा नदी पार करते समय दाहिने हाथ में गोली लगने पर उन्होंने स्वयं अपनी तलवार से अपना हाथ काटकर गंगा में अर्पित कर दिया था।
3. वीर कुंवर सिंह की मृत्यु के पश्चात उनके छोटे भाई अमर सिंह ने जगदीशपुर के जंगलों से अंग्रेजों के विरुद्ध समानांतर प्रशासन और सशस्त्र संघर्ष का संचालन जारी रखा, तथा अंग्रेजों के खिलाफ युद्धबंदी शिविरों और न्याय प्रणाली की एक अनूठी व्यवस्था स्थापित की थी।
4. अमर सिंह को युद्ध के दौरान गिरफ्तार करके कलकत्ता के अलीपुर जेल में मुकदमा चलाया गया था, जहाँ वर्ष 1860 में बीमारी के कारण उनकी मृत्यु हो गई थी।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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