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Child Development
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शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के अंतर्गत 'निदानात्मक आकलन' (Diagnostic Assessment), 'रचनात्मक आकलन' (Formative Assessment) और 'संकल्पात्मक आकलन' (Summative Assessment) की क्रियात्मक रणनीतियों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के तात्विक एवं काल-क्रमिक (Chronological) उपयोग को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में आकलन को एक सतत और बहुआयामी प्रक्रिया माना जाता है। विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार, रचनात्मक आकलन (Formative Assessment) सीखने के दौरान निरंतर फीडबैक और सुधार के लिए होता है, निदानात्मक आकलन (Diagnostic Assessment) विद्यार्थियों की विशेष कमियों और असफलताओं के कारणों की गहरी पड़ताल करता है, तथा संकल्पात्मक आकलन (Summative Assessment) एक निश्चित अवधि के अंत में कुल अधिगम स्तर को मापने और प्रमाणित करने का कार्य करता है। अत: विकल्प (b) इन तीनों के बीच के तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है।
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