BaalVikas
Menu
Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 12 times

शैक्षणिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning), 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) और 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) के संप्रत्ययों का गहन विश्लेषण करने पर, सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) के परिप्रेक्ष्य में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के बीच के तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?

Detailed Explanation

सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) प्रणाली में आकलन को केवल छात्रों की योग्यता मापने का साधन नहीं बल्कि सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने का माध्यम माना जाता है। 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning) शिक्षक को शिक्षण रणनीतियों में सुधार करने और छात्रों को समय पर फीडबैक देने का अवसर देता है (रचनात्मक आकलन)। इसके विपरीत, 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) विद्यार्थियों को मेटा-कॉग्निटिव (metacognitive) रूप से सक्रिय करता है जहाँ वे स्वयं अपने सीखने की निगरानी करते हैं, जिसमें स्व-आकलन (Self-assessment) और सहपाठी मूल्यांकन शामिल होते हैं। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:
अगला प्रश्न → अधिगम मनोविज्ञान में 'अधिगम स्थानांतरण' (Transfer of Learning) के… ← पिछला प्रश्न क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) की प्रक्रिया के…

Related Questions

→ विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिस्लेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसकैलकुलिया' (Dyscalculia) और 'डिसफैसिया' (Dysphasia) जैसी न्यूरोलॉजिकल विकृतियों का गहन विश्लेषण करने पर, इनके नैदानिक लक्षणों और मस्तिष्क के प्रसंस्करण (Processing) दोषों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा मिलान पूर्णतः सही और सटीक है? → समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'सार्वभौमिक अभिकल्प फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—engagement (संलग्नता), representation (प्रस्तुतीकरण), और action & expression (कार्रवाई और अभिव्यक्ति)—का गहन विश्लेषण करने पर, विभिन्न योग्यताओं वाले शिक्षार्थियों की विविध आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा दृष्टिकोण सबसे अधिक प्रभावी और तात्विक रूप से संगत है? → जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) की विशिष्ट संज्ञानात्मक सीमाओं का गहन विश्लेषण करने पर, 'जीववाद' (Animism), 'अहंप्रतिबद्धता' (Egocentrism), और 'संरक्षण का अभाव' (Lack of Conservation) के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था के बालकों की मानसिक प्रक्रिया को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → मानव विकास के संदर्भ में, एनास्तासिए (Anastasi) द्वारा प्रतिपादित 'वंशानुक्रम और वातावरण की अन्योन्य क्रिया' (Interaction of Heredity and Environment) के सिद्धांत तथा 'एपिकर्जेटिक्स' (Epigenetics) के आधुनिक जैविक दृष्टिकोण का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों कारकों के सहयोगात्मक और योगात्मक प्रभाव को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? → निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है? → लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.