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Child Development
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मैक्स वर्दइमर, कर्ट कोफ्का और वोल्फगैंग कोहलर द्वारा प्रतिपादित 'गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत' (Gestalt Learning Theory) के अंतर्गत 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) का गहन विश्लेषण करने पर, कोहलर द्वारा चिम्पैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और इस संज्ञानात्मक प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक वैज्ञानिक एवं तार्किक व्याख्या प्रस्तुत करता है?

Detailed Explanation

गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के अनुसार, अधिगम कोई यांत्रिक या क्रमिक प्रयास-और-भूल प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह स्थिति के समग्र रूप (Whole) की अचानक समझ या 'सूझ' (Insight) पर आधारित है। वोल्फगैंग कोहलर (Wolfgang Köhler) ने अपने प्रयोगों में यह सिद्ध किया कि प्राणी समस्या के विभिन्न अंगों को अलग-अलग देखने के बजाय उन्हें एक संपूर्ण संदर्भ में देखता है और अचानक मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) के माध्यम से समाधान तक पहुँचता है। इस सिद्धांत के ऐतिहासिक और सैद्धांतिक स्वरूप के विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) के तात्विक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान 'फालिक अवस्था' (Phallic Stage) से गुजर रहा है और इस दौरान वह अपनी विपरीत लिंगी माता के प्रति अचेतन आकर्षण तथा समलिंगी पिता के प्रति शत्रुतापूर्ण प्रतिस्पर्धात्मक भावना प्रदर्शित करता है (जिसे फ्रायड द्वारा 'इडीपस कॉम्प्लेक्स' कहा गया है), तथा बाद में इस आंतरिक द्वंद का समाधान वह अपने पिता के साथ तादात्म्य (Identification) स्थापित करके करता है, तो फ्रायड के इस मनोविश्लेषणात्मक प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है? कोहलबर्ग के 'नैतिक विकास' सिद्धांत का अंतिम चरण 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) क्या दर्शाता है? कोहलबर्ग के अनुसार, बच्चा किस अवस्था में दंड से बचने के लिए नियमों का पालन करता है? राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) के मूल सिद्धांतों और शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों का सूक्ष्म और विश्लेषणात्मक अध्ययन करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों दस्तावेजों के अंतर्निहित दार्शनिक और विधिक दृष्टिकोण के मध्य के संबंध को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है? SMC निम्न सुनिश्चित नहीं करता है-
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