BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Child Development
5 views

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) के संदर्भ में, जब कोई शिक्षक अपनी शिक्षण पद्धति (Teaching Methodology) की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करने और उसमें तुरंत सुधार लाने के लिए स्टीफन एम. कोरे (Stephen M. Corey) या कर्ट लेविन (Kurt Lewin) के चक्रीय प्रतिमान (Cyclical Model) का उपयोग करता है, तो इस शोध प्रक्रिया के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी वैज्ञानिक प्रकृति और मौलिक उद्देश्यों का सबसे सटीक विश्लेषण प्रस्तुत करता है?

Detailed Explanation

क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) एक ऐसी शोध प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य किसी विशिष्ट कक्षा, विद्यालय या संस्थागत स्तर की तात्कालिक समस्याओं का व्यावहारिक समाधान खोजना और शिक्षण विधियों में तुरंत सुधार लाना होता है। पारंपरिक अनुसंधान के विपरीत, इसका उद्देश्य व्यापक सिद्धांतों का निर्माण करना नहीं बल्कि स्थानीय स्तर पर कार्य-प्रणाली को परिष्कृत करना है। इसके बारे में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Share:

Related Questions

थार्नडाइक के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error Theory) के अंतर्गत सीखने की प्रक्रिया में 'तत्परता का नियम' (Law of Readiness) निम्नलिखित में से किस मुख्य मनोवैज्ञानिक स्थिति को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है? अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs) में 'घाटे की आवश्यकताएं' (Deficiency Needs या D-Needs) और 'विकास की आवश्यकताएं' (Growth Needs या B-Needs) के बीच का सबसे सूक्ष्म और मौलिक मनोवैज्ञानिक अंतर निम्नलिखित में से कौन सा है? एक बच्चा अपनी पहली भाषा कहाँ सीखता है? जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage - लगभग 2 से 7 वर्ष) के दौरान बालकों के चिंतन में पाई जाने वाली प्रमुख सीमाओं—जैसे 'आत्मकेन्द्रितता' (Egocentrism), 'अपरिवर्तनीयता' (Irreversibility), और 'केन्द्रीकरण' (Centration)—तथा उनके तार्किक विकास के तात्विक और मनोवैज्ञानिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस अवस्था की सर्वाधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है? गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक मैक्स वर्दिहाइमर, कुर्त कोफ्का और विशेष रूप से वोल्फगांग कोहलर द्वारा चिंपैंजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रसिद्ध प्रयोगों के आधार पर प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के अधिगम सिद्धांत' (Insight Learning Theory) के तात्विक और संज्ञानात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या के समाधान के दौरान अचानक से मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) और संपूर्ण परिस्थिति के तात्कालिक प्रत्यक्षीकरण के माध्यम से बिना किसी यांत्रिक प्रयास या त्रुटि के सही मार्ग ढूंढ लेता है, तो अधिगम के इस गेस्टाल्टवादी प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.