Child Development
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हंस आइजेंक (Hans Eysenck) के व्यक्तित्व के त्रि-आयामी सिद्धांत (Three-Factor Theory of Personality) के अंतर्गत 'मनोविकृतिवाद' (Psychoticism), 'बहिर्मुक्ता' (Extraversion), और 'तंत्रिकाताप' (Neuroticism या Emotional Stability) के जैविक एवं न्यूरोलॉजिकल आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक व्यक्ति अत्यधिक आवेกระ, आत्मकेंद्रित, सहानुभूतिहीन, और सामाजिक रूप से आक्रामक व्यवहार प्रदर्शित करता है, तथा साथ ही वह उच्च स्तर के न्यूरोटिक तनाव और संवेगकीय अस्थिरता से भी ग्रसित है, तो आइजेंक के इस पदानुक्रमित मॉडल के अनुसार उसकी यह मनोवैज्ञानिक संरचना मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र के किस जैविक तंत्र और हॉर्मोनल संतुलन से सर्वाधिक गहराई से जुड़ी होगी?
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Detailed Explanation
हंस आइजेंक (Hans Eysenck) ने व्यक्तित्व को मुख्य रूप से जैविक और आनुवंशिक कारकों पर आधारित माना है। उनके त्रि-आयामी (PEN model) सिद्धांत के अनुसार, मनोविकृतिवाद (Psychoticism) का संबंध उच्च टेस्टोस्टेरोन स्तर और कम MAO एंजाइम गतिविधि से होता है जो आक्रामकता और असामाजिकता को बढ़ावा देता है; जबकि तंत्रिकाताप (Neuroticism) का जैविक आधार मस्तिष्क के लिम्बिक सिस्टम और स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) की अत्यधिक संवेगात्मक प्रतिक्रियाशीलता से जुड़ा होता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए विकिपीडिया संदर्भ देखा जा सकता है।
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सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory)…
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