Child Development
Asked 1 month ago · Viewed 23 times
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) की प्रमुख विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) का गहन विश्लेषण करने पर, जब कोई किशोर किसी वैज्ञानिक या तार्किक समस्या के समाधान के लिए पहले सभी संभावित संभावनाओं या परिकल्पनाओं की मानसिक रूप से सूची बनाता है और फिर व्यवस्थित रूप से प्रयोगों द्वारा उनकी जाँच करता है, तो पियाजे के अनुसार यह संज्ञानात्मक गतिकी निम्नलिखित में से किस मुख्य तात्विक विशेषता को दर्शाती है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (लगभग 11 वर्ष से वयस्कता तक) संज्ञानात्मक विकास का सर्वोच्च चरण है। इस अवस्था की सबसे बड़ी विशेषता 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' है। इसमें किशोर केवल वर्तमान या प्रत्यक्ष रूप से मौजूद वस्तुओं पर ही विचार नहीं करते, बल्कि वे किसी समस्या के समाधान के लिए सभी संभावित तार्किक विकल्पों की कल्पना कर सकते हैं, परिकल्पनाएँ (Hypotheses) गढ़ सकते हैं और व्यवस्थित ढंग से उनकी सत्यता की जाँच कर सकते हैं। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
अगला प्रश्न →
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत…
← पिछला प्रश्न
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत…
Related Questions
→
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिकों (विशेषकर वोल्फगांग कोहलर) द्वारा प्रतिपादित 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत, जब कोई अधिगमकर्ता किसी जटिल समस्या का समाधान अचानक बिना किसी क्रमिक प्रयत्न एवं भूल के खोज लेता है, तो इस पूरी संज्ञानात्मक प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इसकी तात्विक विशेषता को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत 'संज्ञानात्मक विकास में भाषा की भूमिका' (Role of Language in Cognitive Development) का गहन विश्लेषण करने पर, वाइगोत्स्की द्वारा वर्णित भाषा के तीन रूपों—सामाजिक वाक् (Social Speech), निजी वाक् (Private Speech), और आंतरिक वाक् (Inner Speech)—के विकास क्रम और उनके मनोवैज्ञानिक कार्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (Specific Learning Disabilities) के अंतर्गत 'डिसलेक्सिया' (Dyslexia), 'डिसकैलकुलिया' (Dyscalculia) और 'डिसग्राफिया' (Dysgraphia) की न्यूरो-कॉग्निटिव विशेषताओं तथा उनके अंतर्संबंधों का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तंत्रिका-मनोवैज्ञानिक विकारों की वास्तविक प्रकृति को सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से स्पष्ट करता है?
→
गेस्टाल्टवादी अधिगम सिद्धांत (सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत) के अंतर्गत, जब कोहलर के प्रयोगों में चिम्पैंजी ने बाह्य उद्दीपकों और परिस्थितियों के प्रत्यक्ष अवलोकन के आधार पर समस्या के संपूर्ण क्षेत्र का तात्कालिक और एकीकृत मानसिक पुनर्गठन किया, तो इस पूरी संज्ञानात्मक प्रक्रिया में थार्नडाइक के 'प्रयत्न एवं भूल' सिद्धांत की तुलना में 'सूझ' (Insight) की कौन-सी मौलिक विशेषता इसे एक उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक अधिगम बनाती है?
→
निम्नलिखित में से कौन सा कथन विकास के 'समीप - दूराभिमुख' सिद्धांत का प्रतिनिधित्व करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत की आलोचना करते हुए कैरोल गिलिगन ने यह तर्क दिया कि कोहलबर्ग के मूल अध्ययन में केवल पुरुषों को शामिल किए जाने के कारण उनका सिद्धांत 'न्याय के दृष्टिकोण' (Justice Perspective) पर अत्यधिक बल देता है, जबकि महिलाओं का नैतिक विकास 'देखभाल और संबंधों के दृष्टिकोण' (Care and Perspective) पर आधारित होता है। इस वैचारिक भिन्नता और कोहलबर्ग के सिद्धांत के अंतिम स्तर (सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास) तथा गिलिगन के देखभाल के नैतिकता के चरणों के बीच के अंतर्संबंध का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.