BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
2 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रमिक सिद्धांत' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संप्रत्यय अधिगम या कॉन्सेप्ट लर्निंग' (Concept Learning)**—जिसे उस मानसिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी विभिन्न उद्दीपनों या वस्तुओं के सामान्य और विशिष्ट गुणों में समानता व भिन्नता स्थापित करते हुए एक विशिष्ट वर्ग, श्रेणी या अमूर्त विचार (जैसे कि 'कुत्ता', 'त्रिकोण' या 'लोकतंत्र') के आधार पर वर्गीकरण करने की योग्यता अर्जित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक वर्गीकरण, श्रेणीकरण क्षमताओं और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

रॉबर्ट गैग्ने के अधिगम पदानुक्रम (Conditions of Learning) में 'संप्रत्यय अधिगम' (Concept Learning) आठवें स्तर के रूप में महत्वपूर्ण है, जिसके तहत बहु-विभेदन अधिगम के उपरांत बालक विभिन्न वस्तुओं, घटनाओं या विचारों के सामान्य गुणों के आधार पर उन्हें वर्गीकृत (Classify) करना सीखता है। यह अमूर्त चिंतन और तार्किक श्रेणीकरण का आधार बनता है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मैस्लो (Abraham Maslow) के 'मानवीय आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-सिद्धि या आत्म-वास्तविकरण' (Self-Actualization)**—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक और विकासात्मक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अपनी पूर्ण क्षमताओं, अंतर्निहित प्रतिभाओं, रचनात्मकता और व्यक्तिगत विकास की चरम सीमाओं को प्राप्त करने के लिए अभिप्रेरित होता है, बशर्ते उसकी बुनियादी शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान की आवश्यकताएं पहले संतुष्ट हो चुकी हों—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय प्रेरणा, पूर्ण क्षमता के दोहन और व्यक्तिगत उत्कृष्टता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रमिक सिद्धांत' (Conditions of Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)**—जिसे उस सर्वोच्च बौद्धिक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और संप्रत्ययों का उपयोग करते हुए एक नई, जटिल और अनसुलझी परिस्थिति में तार्किक परिकल्पनाओं का निर्माण करके और उनका परीक्षण कर के एक मौलिक समाधान या निष्कर्ष तक पहुँचता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण (Higher-Order Cognitive Processing), सृजनात्मक चिंतन (Creative Thinking) और स्वतंत्र अनुप्रयोग के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'संगीतकीय बुद्धि' (Musical Intelligence) तथा 'शारीरिक-गत्यात्मक बुद्धि' (Bodily-Kinesthetic Intelligence) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वर-लय संवेदनशीलता, शारीरिक नियंत्रण, और क्रिया-आधारित प्रदर्शन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संज्ञानात्मक अवधारणा—**'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer)**—जिसे किसी नवीन और जटिल विषयवस्तु को पढ़ाने से पहले प्रस्तुत की जाने वाली एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त अवधारणात्मक रूपरेखा के रूप में परिभाषित किया जाता है, जो शिक्षार्थी की दीर्घकालिक स्मृति में पहले से मौजूद प्रासंगिक ज्ञान (Prior Knowledge / Cognitive Structure) और नई आने वाली सूचनाओं के बीच एक वैचारिक सेतु का कार्य करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सार्थक ज्ञान निर्माण (Meaningful Knowledge Construction), संज्ञानात्मक समावेशन (Subsumption) और दीर्घकालिक सूचना प्रतिधारण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रोनफेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'मीसोसिस्टम या मध्यतंत्र' (Mesosystem)**—जिसे उस अंतर्संबंधी पारिस्थितिकीय स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ विकासशील बच्चे के विभिन्न सूक्ष्मतंत्रों (Microsystems) यानी उसके परिवार, विद्यालय, सहकर्मी समूह और पड़ोस के बीच होने वाली अंतःक्रियाएं और संबंध शामिल होते हैं, जैसे कि माता-पिता और शिक्षकों के बीच संवाद—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, सामाजिक समायोजन और शैक्षणिक प्रदर्शन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.