BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

MPTET
2 views

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के संस्थापकों—मैक्स वर्दीमर, कुर्ट कोफ्का और वोल्फगांग कोहलर—के 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अचानक मानसिक पुनर्गठन या अकस्मात् प्रबोधन' (Insight / Sudden Cognitive Restructuring)**—जिसे उस तार्किक और संज्ञानात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत समस्याग्रस्त परिस्थिति के बिखरे हुए विभिन्न तत्वों का बाह्य परीक्षण करने के स्थान पर प्राणी अचानक अपनी मानसिक आंतरिक संरचना में ऐसा पुनर्गठन करता है जिससे संपूर्ण समस्या का समाधान एक ही झटके में स्पष्ट हो जाता है (कोहलर के सुल्तान नामक चिम्पाजी के प्रयोग के आधार पर)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र संज्ञान, उत्पादक चिंतन और रचनात्मक समस्या-समाधान के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) के बाल विकास और शिक्षाशास्त्र के पाठ्यक्रम के अंतर्गत गेस्टाल्टवादियों (वर्दीमर, कोफ्का, कोहलर) का 'सूझ या अंतर्दृष्टि का सिद्धांत' (Insight Learning Theory) अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सिद्धांत का केंद्रीय संप्रत्यय 'अचानक मानसिक पुनर्गठन' (Cognitive Restructuring) है, जो यह स्पष्ट करता है कि सीखना केवल यांत्रिक प्रयास और त्रुटि नहीं है, बल्कि यह परिस्थिति को 'समग्र रूप में देखना' (Gestalt means Whole) और अचानक से समस्या के अंतःसंबंधों को समझ लेना है। विकल्प (b) इस सिद्धांत के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ और कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इसके वैज्ञानिक दृष्टिकोण को पूर्णतः सही रूप में परिभाषित करता है, क्योंकि गेस्टाल्ट मनोविज्ञान हमेशा 'संपूर्णता' (Wholeness) और 'उत्पादक चिंतन' (Productive Thinking) पर जोर देता है।
Share:

Related Questions

मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण का सिद्धांत' (Principle of Conservation)**—जिसे उस संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बालक यह भली-भांति समझ लेता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, आकार या दिखावे में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, द्रव्यमान, आयतन या संख्या अपरिवर्तित और सुरक्षित रहती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, मूर्त संक्रियात्मक विकास और गणितीय-वैज्ञानिक समझ के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'ज्ञान के सह-निर्माण और निर्देशित सहभागिता' (Co-construction of Knowledge and Guided Participation)**—जिसे उस सहयोगात्मक शैक्षणिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी अपनी संस्कृति, भाषा और अधिक ज्ञاني अन्य (MKO) व्यक्तियों (जैसे शिक्षक, सहपाठी या अभिभावक) के साथ सामाजिक अंतःक्रिया करते हुए 'समीपस्थ विकास के क्षेत्र' (ZPD) के भीतर सक्रिय रूप से अपने ज्ञान का निर्माण और आंतरिकरण (Internalization) करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास, सामाजिक मध्यस्थता और सार्थक ज्ञान-अर्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 से 15 वर्ष या उससे आगे) के दौरान उभरने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्कणा' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजकता विचार' (Combinatorial Thinking) की अवधारणाओं—जिनके तहत किशोर मूर्त वस्तुओं की सीमाओं से परे जाकर अमूर्त प्रस्तावनाओं (Abstract Propositions), तार्किक विकल्पों के व्यवस्थित संयोजनों और वैज्ञानिक पद्धति के आधार पर समस्याओं के समाधान की क्षमता विकसित करते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय आलोचनात्मक चिंतन, अमूर्त संकल्पनाओं के विश्लेषण, और बौद्धिक स्वायत्तता के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, उरी ब्रॉन्फेनब्रेनर (Urie Bronfenbrenner) के 'पारिस्थितिकी प्रणालियों के सिद्धांत' (Ecological Systems Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'माइक्रosystem' या 'सूक्ष्म प्रणाली' (Microsystem) की अवधारणा—जिसके तहत बालक अपने दैनिक जीवन के सबसे निकटतम पर्यावरण (जैसे परिवार, सहपाठी, विद्यालय, शिक्षक और पड़ोस) के साथ प्रत्यक्ष और आमने-सामने अंतःक्रिया करता है, और यह प्रणाली बच्चे के संज्ञानात्मक, सामाजिक तथा भावनात्मक विकास को सबसे अधिक और सीधे तौर पर प्रभावित करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, पारिवारिक-विद्यालयी सहभागिता और सकारात्मक सामाजिक वातावरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है? मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा सिद्धांत' (Humanistic Theory of Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित 'आवश्यकताओं के पदानुक्रम' (Deficiency Needs vs. Growth Needs) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ—विशेषकर 'न्यूनता संबंधी आवश्यकताएं' (D-Needs जैसे दैहिक व सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं) और 'विकास संबंधी आवश्यकताएं' (B-Needs जैसे आत्म-सिद्धि या Self-Actualization)—एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक अभिप्रेरणा, संवेगात्मक सुरक्षा, और समग्र व्यक्तित्व विकास के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.