त्वरित लिंक्स
MPTET
2 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) के 'पार्श्व चिंतन और संज्ञानात्मक रणनीतियों' (Lateral Thinking and Cognitive Strategies) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'छह चिंतन टोपियाँ' (Six Thinking Hats)**—जिसे उस बहु-आयामी और रचनात्मक निर्णय-निर्माण पद्धति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी या शिक्षक किसी जटिल समस्या या निर्णय पर एक ही दृष्टिकोण से विचार करने के बजाय छह अलग-अलग रंगों की टोपियों (सफेद-तथ्य, लाल-भावनाएं, काला-जोखिम/तर्क, पीला-सकारात्मकता, हरा-सृजनात्मकता और नीला-नियंत्रण/प्रक्रिया) के माध्यम से क्रमिक और समानांतर रूप से अपने संज्ञानात्मक दृष्टिकोण को बदलते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आलोचनात्मक विश्लेषण, रचनात्मकता और बहु-प्रेक्ष्य चिंतन (Multi-perspective Thinking) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
एडवर्ड डी बोनो (Edward de Bono) द्वारा प्रतिपादित 'छह चिंतन टोपियाँ' (Six Thinking Hats) का सिद्धांत पार्श्व चिंतन (Lateral Thinking) का एक उत्कृष्ट उपकरण है। यह विद्यार्थियों और शिक्षकों को किसी समस्या पर अलग-अलग दृष्टिकोणों (तथ्य, भावना, जोखिम, लाभ, सृजनात्मकता और नियंत्रण) से विचार करने की अनुमति देता है। यह पद्धति शिक्षार्थियों को अपने पूर्वाग्रहों को अलग रखकर एक समय में एक ही प्रकार के मानसिक प्रक्रम का उपयोग करने में सक्षम बनाती है, जिससे उनकी आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और बहु-प्रेक्ष्य समस्या-समाधान क्षमता का वैज्ञानिक रूप से विकास होता है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, रॉबर्ट गैने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च अधिगम प्रकार—अर्थात 'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—तथा उससे ठीक पूर्ववर्ती अधिगम के प्रकार 'सिद्धांत अधिगम' (Rule Learning) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक योग्यताओं, तार्किक विश्लेषण, और जटिल मानसिक नियमों के अनुप्रयोग के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Hierarchy of Needs Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित पाँच बुनियादी आवश्यकताओं—(1) शारीरिक आवश्यकताएँ (Physiological Needs), (2) सुरक्षा आवश्यकताएँ (Safety Needs), (3) अपनेपन और प्रेम की आवश्यकताएँ (Belongingness and Love Needs), (4) सम्मान आवश्यकताएँ (Esteem Needs), और (5) आत्म-सिद्धि की आवश्यकताएँ (Self-Actualization Needs)—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक कल्याण, प्रेरणा के स्तर, और समग्र शैक्षिक विकास के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'संरक्षण या कंजर्वेशन' (Conservation)**—जिसे उस तार्किक मानसिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत बच्चा यह समझ जाता है कि किसी वस्तु के भौतिक रूप, रंग, आकार या विन्यास (Appearance) में परिवर्तन होने पर भी उसकी मात्रा, आयतन, द्रव्यमान या संख्या अपरिवर्तित (Constant) रहती है, और यह क्षमता सामान्यतः किस संज्ञानात्मक अवस्था में पूर्ण रूप से विकसित होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक विसर्जन, विकेंद्रीकरण (Decentration) और मूर्त चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'विकेंद्रीकरण' (Decentration)**—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ बच्चा किसी वस्तु या समस्या के केवल एक ही आयाम या पहलू पर ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण / Centration) की अपनी पूर्व प्रवृत्ति से ऊपर उठकर, एक साथ उसके कई आयामों (जैसे—लंबाई, चौड़ाई, आयतन या दृष्टिकोण) पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने और मानसिक रूप से उनका समन्वय करने में सक्षम हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संरक्षण (Conservation), बहु-परप्रेक्ष्य बोध (Perspective-taking) और तार्किक संतुलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्नता या संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित **'असुरक्षित-प्रतिरोधी / उभयभावी संलग्नता' (Insecure-Resistant / Ambivalent Attachment)**—जिसके तहत शिशु अपनी प्राथमिक देखभाल करने वाले (माता-पिता) के प्रति अत्यधिक निकटता और आसक्ति तो प्रदर्शित करता है, परंतु जब देखभाल करने वाला व्यक्ति वापस लौटता है, तो शिशु एक ही समय में उससे चिपकने और अत्यधिक क्रोध या विरोध (Resistance) प्रकट करने की मिश्रित एवं विरोधाभासी प्रतिक्रिया देता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), विद्यालयी समायोजन और अनिश्चितता के प्रति सहिष्णुता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.