त्वरित लिंक्स
MPTET
2 views
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer)**—जिसे उस शैक्षणिक तकनीक या परिचयात्मक पाठन सामग्री के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसे मुख्य शिक्षण सामग्री या नए पाठ को पढ़ाने से ठीक पहले विद्यार्थियों के सामने उच्च स्तर की अमूर्तता, सामान्यता और व्यापकता के साथ प्रस्तुत किया जाता है, ताकि यह शिक्षार्थी के मस्तिष्क में पहले से मौजूद प्रासंगिक ज्ञान (Inclusive Concepts) के साथ नए ज्ञान को जोड़ने के लिए एक संज्ञानात्मक 'ब्रीफिंग' या हूक का काम कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के सुदृढ़ीकरण, तार्किक ज्ञान-संरचना और सार्थक अधिगम (Meaningful Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' में 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer) एक केंद्रीय और अत्यधिक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संप्रत्यय है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थियों के संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में पहले से उपस्थित प्रासंगिक विचारों (Inclusive Concepts) और नए ज्ञान के बीच एक तार्किक संबंध स्थापित करना है। यह नए पाठ को प्रस्तुत करने से पूर्व एक वैचारिक रूपरेखा प्रदान करता है, जिससे शिक्षार्थी रटंत अधिगम (Rote Learning) से दूर रहकर सार्थक और स्थायी ज्ञान (Meaningful Learning) का निर्माण करने में सक्षम होते हैं। अतः विकल्प (b) इस संदर्भ में सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक कथन है।
Related Questions
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत दर्शाई गई तीन अवस्थाओं—'सक्रियतावादी अवस्था' (Enactive Stage), 'प्रतिबिम्बात्मक अवस्था' (Iconic Stage), और 'संकेतात्मक अवस्था' (Symbolic Stage)—के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन इन अवस्थाओं के विकासात्मक और शिक्षण-शास्त्रीय स्वरूप को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त् पांथ / मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक और कक्षा-कक्षीय शिक्षण निहितार्थ के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, अल्बर्ट बंडूरा (Albert Bandura) के 'सामाजिक अधिगम सिद्धांत' (Social Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—**'आत्म-प्रभावकारिता' (Self-Efficacy)**—जिसे उस मनोवैज्ञानिक विश्वास के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति यह आकलन करता है कि वह किसी विशिष्ट परिस्थिति या चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए अपने व्यवहार और क्षमताओं का कितना प्रभावी ढंग से संचालन कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के प्रेरणा स्तर, लक्ष्य-निर्धारण और शैक्षणिक दृढ़ता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, जॉन डीवी (John Dewey) के 'प्रयोगात्मक शिक्षावाद' (Experimentalism) एवं 'करके सीखना' (Learning by Doing) के सिद्धांत के अंतर्गत प्रतिपादित 'चिंतनशील चिंतन' (Reflective Thinking) की पाँच चरणों वाली प्रक्रिया—जिसमें 'सुझाव', 'समस्या का बौद्धिकरण', 'परिकल्पना', 'तर्क', और 'परिकल्पना का परीक्षण' शामिल हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समस्या-समाधान की क्षमता, और अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
मध्य प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (MPTET) और बाल विकास के विशेष संदर्भ में, लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' (Socio-Cultural Theory of Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) की अवधारणा—जिसके तहत वास्तविक विकास स्तर (जो स्वतंत्र रूप से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकास स्तर (जो वयस्क मार्गदर्शन या अधिक सक्षम साथी के सहयोग से प्राप्त किया जाता है) के बीच का अंतर शामिल होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम, पाटन (Scaffolding) और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.