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Indian Polity
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भारतीय संविधान की अनुसूचियों, भागों तथा राजभाषा से संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें बाद में विभिन्न संवैधानिक संशोधनों (जैसे 21वें, 71वें और 92वें संशोधन) के माध्यम से जोड़कर वर्तमान में कुल 22 भाषाएँ कर दिया गया है, और अंग्रेजी भाषा को इस अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है।
  2. 2. संविधान के भाग XVII के अंतर्गत अनुच्छेद 343 से 351 तक संघ की राजभाषा से संबंधित उपबंध किए गए हैं, जिसके तहत अनुच्छेद 345 राज्यों की राजभाषा या राजभाषाओं से संबंधित है और इसके अनुसार किसी राज्य की विधानसभा विधि द्वारा उस राज्य में प्रयुक्त होने वाली किसी एक या अधिक भाषाओं को या हिंदी को राज्य के सभी या किसी एक या अधिक राजकीय प्रयोजन के लिए अपना सकती है।
  3. 3. संविधान की नौवीं अनुसूची को प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था, और इस अनुसूची में शामिल किए गए विधियों की न्यायिक समीक्षा (Judicial Review) किसी भी परिस्थिति में उच्चतम न्यायालय द्वारा नहीं की जा सकती है, भले ही वे कानून मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हों।
  4. 4. संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची (जो 73वें संशोधन द्वारा जोड़ी गई) में पंचायतों के लिए 29 कार्यकारी विषय हैं, जबकि बारहवीं अनुसूची (जो 74वें संशोधन द्वारा जोड़ी गई) में नगरपालिकाओं के लिए 18 कार्यकारी विषयों को सूचीबद्ध किया गया है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान की आठवीं अनुसूची में मूल रूप से 14 भाषाएँ थीं, जिन्हें सिंधी (21वें संशोधन), कोंकणी, मणिपुरी, नेपाली (71वें संशोधन), और बोडो, डोगरी, मैथिली, संथाली (92वें संशोधन) द्वारा जोड़कर 22 किया गया है, और अंग्रेजी इसमें शामिल नहीं है। कथन 2 सही है; अनुच्छेद 345 राज्यों की राजभाषा से संबंधित है। कथन 3 गलत है क्योंकि 'आई.आर. कोएलो बनाम तमिलनाडु राज्य वाद (2007)' में उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया था कि 24 अप्रैल 1973 (केशवानंद भारती वाद की तिथि) के बाद नौवीं अनुसूची में जोड़े गए कानूनों की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है यदि वे मूल ढांचे का उल्लंघन करते हैं। कथन 4 सही है; ग्यारहवीं अनुसूची में 29 और बारहवीं में 18 विषय हैं। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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