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Indian Polity
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भारतीय संविधान सभा के गठन और उसकी निर्माण प्रक्रिया के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव पद्धति (Proportional Representation by means of Single Transferable Vote) के माध्यम से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश प्रांतों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में कुल 296 सीटें आवंटित की गई थीं।
- 2. रियासतें (Princely States) संविधान सभा में सम्मिलित नहीं हुई थीं, क्योंकि रियासतों के शासकों ने कैबिनेट मिशन योजना का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने का निर्णय लिया था और सभा के चुनाव में भाग लेने से स्पष्ट मना कर दिया था।
- 3. संविधान सभा की अंतिम बैठक 24 जनवरी 1950 को आयोजित की गई थी, जिस दिन संविधान सभा ने औपचारिक रूप से 'भारत के संविधान' पर हस्ताक्षर किए और सभा का अस्तित्व समाप्त होने के पश्चात इसे अंतरिम संसद (Provisional Parliament) में परिवर्तित कर दिया गया था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि संविधान सभा के सदस्यों का निर्वाचन प्रांतीय विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के एकल संक्रमणीय मत द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से किया गया था, जिसमें ब्रिटिश प्रांतों को 296 सीटें मिली थीं। कथन 2 गलत है क्योंकि प्रारंभ में रियासतों ने संविधान सभा से दूरी जरूर बनाई थी, किंतु धीरे-धीरे अधिकांश रियासतों के प्रतिनिधियों ने सभा में भाग लेना शुरू कर दिया था और वे संविधान निर्माण प्रक्रिया का हिस्सा बन गए थे। कथन 3 सही है क्योंकि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक हुई थी, जिस दिन सदस्यों ने संविधान पर हस्ताक्षर किए और इसके तुरंत बाद इसे आम चुनाव होने तक भारत की अंतरिम संसद के रूप में रूपांतरित कर दिया गया था। संविधान निर्माण से जुड़े ऐसे ही महत्वपूर्ण और विस्तृत विषयों के अध्ययन के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के पोर्टल पर जा सकते हैं।
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भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास और ब्रिटिश राज के दौरान पारित अधिनियमों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के माध्यम से ब्रिटिश संसद ने पहली बार ईस्ट इंडिया कंपनी के प्रशासनिक और राजनीतिक कार्यों को मान्यता दी, तथा इसके तहत बंगाल के गवर्नर को 'बंगाल का गवर्नर-जनरल' पदनाम दिया गया और उसकी सहायता के लिए एक चार सदस्यीय कार्यकारी परिषद का गठन किया गया, जिसके पहले गवर्नर-जनरल वारेन हेस्टिंग्स बने।
2. 1833 का चार्टर अधिनियम ब्रिटिश भारत के केंद्रीयकरण की दिशा में एक निर्णायक कदम था, जिसके द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को 'भारत का गवर्नर-जनरल' बना दिया गया और देश के सभी नागरिक एवं सैन्य प्रशासन की पूर्ण शक्तियाँ उसमें निहित कर दी गईं, तथा लॉर्ड विलियम बैंटिक इस पद पर आसीन होने वाले प्रथम व्यक्ति थे।
3. 1909 के भारतीय परिषद अधिनियम (जिसे मार्ले-मिंटो सुधार के नाम से भी जाना जाता है) के द्वारा केंद्रीय और प्रांतीय विधान परिषदों के आकार में व्यापक वृद्धि की गई, तथा इसके अंतर्गत पहली बार मुसलमानों के लिए 'पृथक निर्वाचन मंडल' (Communal Representation) की व्यवस्था करके लॉर्ड मिंटो को भारत में सांप्रदायिक निर्वाचन के जनक के रूप में स्थापित किया गया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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अनुच्छेद 356 कब लगता है?
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मौलिक कर्तव्य (Fundamental Duties) संविधान में किस संशोधन द्वारा जोड़े गए?
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प्रस्तावना कितनी बार संशोधित हुई?
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