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Indian Polity
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भारतीय संविधान के भाग-IV के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP - अनुच्छेद 36-51) की प्रकृति, संशोधनों और उनके विधिक प्रभावों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. संविधान के अनुच्छेद 31ग (Article 31C), जिसे 25वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा अंतःस्थापित किया गया था, के अनुसार यदि राज्य अनुच्छेद 39(ख) और 39(ग) में वर्णित सामाजिक-आर्थिक न्याय संबंधी नीति निर्देशक तत्वों को प्रभावी करने के लिए कोई कानून बनाता है, तो इस आधार पर उसे इस न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती कि वह अनुच्छेद 14 या अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकारों का उल्लंघन करता है।
- 2. 'मिनर्वा मिल्स वाद' (1980) में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट रूप से निर्धारित किया कि भाग-III (मूल अधिकार) और भाग-IV (नीति निर्देशक तत्व) एक-दूसरे के पूरक हैं, और यदि नीति निर्देशक तत्वों को लागू करने के लिए मूल अधिकारों (विशेषकर अनुच्छेद 14 और 19) में संशोधन किया जाता है, तो ऐसा कोई भी कानून संविधान के मूल ढांचा (Basic Structure) का उल्लंघन नहीं माना जाएगा।
- 3. यद्यपि नीति निर्देशक तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और न्यायपालिका द्वारा प्रवर्तनीय (Non-justiciable) नहीं हैं, तथापि उच्चतम न्यायालय ने अपने विभिन्न ऐतिहासिक निर्णयों में यह प्रतिपादित किया है कि संविधान के अनुच्छेद 21 (प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार) की व्यापक व्याख्या करते समय नीति निर्देशक तत्वों में निहित कल्याणकारी संकल्पनाओं को इसके अंतर्गत शामिल किया जा सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है: 25वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1971 द्वारा अनुच्छेद 31ग जोड़ा गया था, जिसके तहत यह प्रावधान किया गया कि अनुच्छेद 39(ख) और (ग) के नीति निर्देशक तत्वों को लागू करने वाले विधियों को इस आधार पर अमान्य नहीं ठहराया जा सकता कि वे अनुच्छेद 14 या 19 का उल्लंघन करते हैं। कथन 2 गलत है: 'मिनर्वा मिल्स वाद' (1980) में उच्चतम न्यायालय ने यह निर्णय दिया था कि मूल अधिकार और नीति निर्देशक तत्व एक-दूसरे के पूरक हैं, किंतु यदि नीति निर्देशक तत्वों को लागू करने के नाम पर मूल अधिकारों (विशेषकर अनुच्छेद 14 और 19) को पूरी तरह समाप्त करने या उन पर अत्यधिक प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया जाता है, तो यह संविधान के 'मूल ढांचे' (Basic Structure) का उल्लंघन होगा और ऐसा कानून असंवैधानिक घोषित किया जाएगा। कथन 3 सही है: न्यायपालिका ने अपने कई ऐतिहासिक निर्णयों (जैसे उन्नी कृष्णन मामला और अन्य) में अनुच्छेद 21 के दायरे का विस्तार करते हुए नीति निर्देशक तत्वों में उल्लेखित स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा के प्रावधानों को जीवन के अधिकार का अंतर्निहित हिस्सा माना है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पोर्टल पर विजिट करें।
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शिक्षा किस सूची का विषय?
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भारतीय संविधान के भाग-III के अंतर्गत प्रदत्त मूल अधिकारों (अनुच्छेद 12-35) और उनसे संबंधित न्यायिक निर्णयों तथा अपवादों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. संविधान के अनुच्छेद 12 में 'राज्य' (State) की परिभाषा के अंतर्गत भारत की सरकार और संसद, तथा राज्यों की सरकारें और विधानमंडल के साथ-साथ सभी स्थानीय प्राधिकारी (Local Authorities) शामिल हैं, किंतु सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के अनुसार कोई भी निजी निकाय या संस्था जो किसी सरकारी एजेंसी के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन कार्य करती है, उसे अनुच्छेद 12 के अर्थ में 'राज्य' नहीं माना जा सकता है।
2. अनुच्छेद 15(5) और 15(6), जिन्हें क्रमशः 93वें और 103वें संविधान संशोधन अधिनियमों द्वारा जोड़ा गया है, शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के नागरिकों के लिए विशेष उपबंध करने की शक्ति प्रदान करते हैं, और ये उपबंध निजी शिक्षण संस्थानों (चाहे वे अल्पसंख्यक हों या गैर-अल्पसंख्यक) पर भी लागू होते हैं।
3. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन और दैहिक स्वतंत्रता के अधिकार में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने विभिन्न ऐतिहासिक निर्णयों (जैसे पुट्टास्वामी मामला, 2017) के माध्यम से 'निजता का अधिकार' (Right to Privacy) को एक मूल अधिकार के रूप में मान्यता दी गई है, जिसे केवल संसद द्वारा बनाई गई किसी मनमाने कानून के आधार पर सीमित किया जा सकता है, इसके लिए उचित, न्यायसंगत और निष्पक्ष प्रक्रिया (Procedure Established by Law read with Due Process) का होना आवश्यक नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में भारतीय संविधान के ऐतिहासिक विकास के अंतर्गत पारित 'पिट्स इंडिया एक्ट, 1784' (Pitt's India Act, 1784) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. इस अधिनियम के माध्यम से ब्रिटिश संसद ने कंपनी के राजनीतिक और वाणिज्यिक कार्यों को पृथक् कर दिया, जिसके तहत वाणिज्यिक मामलों के प्रबंधन के लिए 'बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स' (Board of Directors) तथा राजनीतिक मामलों के नियंत्रण के लिए एक नए निकाय 'बोर्ड ऑफ कंट्रोल' (Board of Control) का गठन किया गया।
2. इस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल की परिषद के सदस्यों की संख्या चार से घटाकर तीन कर दी गई, और गवर्नर-जनरल को परिषद के निर्णयों को अस्वीकार करने का वीटो अधिकार (Veto Power) प्रदान किया गया।
3. इस अधिनियम के द्वारा पहली बार भारत में कंपनी के अधीन क्षेत्र को 'ब्रिटिश अधिकार क्षेत्र' (British Possessions in India) कहा गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि ब्रिटिश सरकार का भारत के भू-भाग पर प्रत्यक्ष नियंत्रण स्थापित होने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के महत्वपूर्ण संवैधानिक संशोधनों (विशेषकर 42वें और 44वें संशोधन) तथा आपातकालीन उपबंधों (अनुच्छेद 352 से 360) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा अनुच्छेद 352 में यह प्रावधान जोड़ा गया था कि राष्ट्रपति संपूर्ण भारत में या उसके किसी भाग में राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा कर सकता है, तथा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा को न्यायपालिका में किसी भी आधार पर चुनौती नहीं दी जा सकती थी।
2. 44वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1978 द्वारा यह अनिवार्य किया गया कि राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय आपातकाल की उद्घोषणा तभी की जा सकती है जब संघ के मंत्रिमंडल (Cabinet) का ऐसा विनिश्चय लिखित रूप में उसे संसूचित (communicate) किया जाए, और आपातकाल की उद्घोषणा का अनुमोदन संसद के दोनों सदनों द्वारा एक माह के भीतर विशेष बहुमत द्वारा किया जाना आवश्यक है।
3. राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त मूल अधिकार स्वतः निलंबित हो जाते हैं, किंतु 44वें संशोधन के बाद यह स्पष्ट किया गया कि अनुच्छेद 20 और 21 द्वारा प्रदत्त अधिकारों को किसी भी परिस्थिति में निलंबित नहीं किया जा सकता, और अनुच्छेद 19 के अंतर्गत आपातकाल का निलंबन केवल तभी हो सकता है जब आपातकाल 'युद्ध' या 'बाह्य आक्रमण' के आधार पर घोषित किया गया हो, 'सशस्त्र विद्रोह' के आधार पर नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
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भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत अंतर-राज्यीय परिषद (Inter-State Council) के गठन का प्रावधान किया गया है, और इसकी स्थापना सर्वप्रथम किस वर्ष की गई थी?
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