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Indian Polity
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भारतीय संविधान के निर्माण और संविधान सभा की अंतरिम कार्यप्रणाली तथा उसके विधि-निर्माण के स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान सभा जब एक संविधान सभा के रूप में बैठती थी, तब इसकी अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद करते थे, किंतु जब यह एक विधायी निकाय (Legislative Body) के रूप में देश की पहली संसद के रूप में बैठती थी, तब इसकी अध्यक्षता जी. वी. मावलंकर (G. V. Mavalankar) करते थे।
  2. 2. संविधान सभा द्वारा संविधान के निर्माण के अतिरिक्त भारत की स्वतंत्रता के पश्चात राष्ट्रमंडल (Commonwealth) की सदस्यता का सत्यापन मई 1949 में किया गया, तथा 22 जुलाई 1947 को राष्ट्रीय ध्वज (National Flag) को और 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रीय गान (National Anthem) को आधिकारिक रूप से अंगीकृत किया गया था।
  3. 3. संविधान सभा की कुल बैठकों की संख्या 11 थी, और संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन का समय लगा था, तथा संविधान के प्रारूप पर कुल 112 दिनों तक विचार-विमर्श किया गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: जब संविधान सभा की बैठक संविधान निर्माण के लिए होती थी, तब इसकी अध्यक्षता डॉ. राजेंद्र प्रसाद करते थे; लेकिन जब यह एक अंतरिम संसद (Legislative Body) के रूप में कार्य करती थी, तब इसकी अध्यक्षता जी. वी. मावलंकर करते थे। यह व्यवस्था 17 नवंबर 1947 से आरंभ हुई थी। कथन 2 गलत है: संविधान सभा द्वारा 24 जनवरी 1950 को 'राष्ट्रगान' (National Anthem - जन गण मन) के साथ-साथ 'राष्ट्रगीत' (National Song - वंदे मातरम) को भी अंगीकृत किया गया था, जबकि 'राष्ट्रीय ध्वज' को 22 जुलाई 1947 को ही अपनाया जा चुका था। कथन 3 सही है: संविधान सभा के निर्माण की प्रक्रिया में कुल 2 वर्ष, 11 महीने और 18 दिन लगे थे। संविधान सभा के सत्र कुल 11 आयोजित हुए थे और इसके प्रारूप (Draft) पर कुल 114 दिनों (न कि 112 दिनों) तक विचार-विमर्श हुआ था, किंतु यहाँ 112 दिनों का कोई आधिकारिक संदर्भ नहीं है, अतः इस प्रकार के तथ्यों का सूक्ष्म अध्ययन आवश्यक है। (नोट: मानक ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार प्रारूप पर विचार-विमर्श 114 दिन चला था, अतः कथन 3 में दी गई जानकारी त्रुटिपूर्ण होने के कारण यह कथन गलत हो जाता है। अतः सही विकल्प (c) है, जहाँ केवल कथन 1 सही है - यहाँ संशोधन कर लें कि प्रारूप पर 114 दिन चर्चा हुई थी)। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था के विस्तृत अध्यायों का अध्ययन करें।
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