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Indian Polity
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भारतीय संविधान के भाग-IV के अंतर्गत वर्णित राज्य के नीति निर्देशक तत्वों (DPSP) और अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा से संबंधित प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 51 के अंतर्गत राज्य, अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि करने, राष्ट्रों के बीच न्यायसंगत और सम्मानजनक संबंधों को बनाए रखने, संगठित लोगों के आपसी व्यवहार में अंतर्राष्ट्रीय विधि और संधि-बाध्यताओं के प्रति आदर बढ़ाने, तथा अंतर्राष्ट्रीय विवादों को मध्यस्थता द्वारा निपटाने के लिए प्रोत्साहन देने का प्रयास करेगा।
  2. 2. नीति निर्देशक तत्वों के अंतर्गत उल्लिखित ये अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा संबंधी आदर्श पूर्णतः 'गांधीवादी विचारधारा' पर आधारित हैं, और इनका मुख्य उद्देश्य देश के भीतर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर अहिंसा को बढ़ावा देना है।
  3. 3. यद्यपि नीति निर्देशक तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं और देश के विधان बनाने में इन तत्वों को लागू करना राज्य का कर्तव्य है, तथापि अनुच्छेद 37 के अनुसार इन्हें किसी भी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय (Justiciable) नहीं बनाया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 51 में स्पष्ट रूप से अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की अभिवृद्धि, राष्ट्रों के बीच न्यायसंगत संबंधों, अंतर्राष्ट्रीय विधि के प्रति आदर और मध्यस्थता द्वारा विवादों के निपटारे का प्रावधान किया गया है। कथन 2 गलत है क्योंकि अनुच्छेद 51 के तहत अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े प्रावधान गांधीवादी विचारधारा पर आधारित नहीं हैं, बल्कि ये मुख्य रूप से 'उदारवादी-बौद्धिक' (Liberal-Intellectual) सिद्धांतों की श्रेणी में आते हैं। कथन 3 सही है क्योंकि संविधान के अनुच्छेद 37 के अनुसार नीति निर्देशक तत्व देश के शासन में मौलिक अवश्य हैं, किंतु इन्हें किसी भी न्यायालय द्वारा बाध्यकारी या न्यायोचित (Justiciable) नहीं किया गया है। अधिक जानकारी के लिए भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था पढ़ें।
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