BaalVikas
Menu

त्वरित लिंक्स

Indian Polity
7 views

भारतीय संविधान के भाग III (मूल अधिकार) के अंतर्गत प्रदत्त स्वतंत्रता के अधिकारों और उनके अपवादों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. संविधान के अनुच्छेद 19(2) के अंतर्गत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगाए जाने वाले युक्तियुक्त निर्बंधों (Reasonable Restrictions) के आधारों में 'भारत की संप्रभुता और अखंडता', 'राज्य की सुरक्षा' और 'विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध' शामिल हैं, किंतु 'सार्वजनिक व्यवस्था' (Public Order) मूल संविधान में नहीं था, जिसे प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था।
  2. 2. अनुच्छेद 21 के अंतर्गत दिए गए 'प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण' के दायरे में निजता का अधिकार (Right to Privacy) एक अंतर्निहित मौलिक अधिकार है, जिसे सर्वोच्च न्यायालय ने 'के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ' बाद में सर्वसम्मति से अनुच्छेद 14, 19 और 21 के अंतर्गत एक स्वतंत्र मौलिक अधिकार घोषित किया था।
  3. 3. अनुच्छेद 22 के तहत निवारक नजरबंदी (Preventive Detention) के अधीन किसी व्यक्ति को बिना किसी न्यायिक परीक्षण के अधिकतम तीन महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है, और यदि इस अवधि से अधिक समय तक हिरासत में रखना आवश्यक हो, तो इसके लिए किसी उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता वाले सलाहकार बोर्ड (Advisory Board) का प्रतिवेदन प्राप्त होना अनिवार्य होता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है: अनुच्छेद 19(2) के तहत वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर 'सार्वजनिक व्यवस्था' (Public Order), 'शिष्टता या सदाचार' तथा 'न्यायालय अवमानना' जैसे आधारों को मूल संविधान में संशोधन करते हुए प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 द्वारा जोड़ा गया था। कथन 2 सही है: 'के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017)' मामले में सर्वोच्च न्यायालय की नौ-न्यायाधीशों की पीठ ने निजता के अधिकार को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का एक अनिवार्य हिस्सा माना है। कथन 3 सही है: निवारक नजरबंदी के तहत किसी व्यक्ति को 3 महीने से अधिक समय तक तभी रखा जा सकता है जब एक सलाहकार बोर्ड (जिसमें उच्च न्यायालय के न्यायाधीश या योग्य व्यक्ति हों) इस संबंध में पर्याप्त कारण का प्रतिवेदन दे दे। अधिक विस्तृत जानकारी के लिए आप भारतीय संविधान एवं राजव्यवस्था का अध्ययन कर सकते हैं।
Share:

Related Questions

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और राज्य लोक सेवा आयोग (SPSC) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के भाग XIV के अंतर्गत अनुच्छेद 315 से 323 तक संघ और राज्यों के लिए लोक सेवा आयोगों का प्रावधान किया गया है, तथा राष्ट्रपति या संबंधित राज्यपाल की पूर्व अनुमति से संघ लोक सेवा आयोग किसी राज्य की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सहमत हो सकता है। 2. संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या किसी अन्य सदस्य को उनके पद से केवल राष्ट्रपति द्वारा उसी प्रक्रिया और आधार पर हटाया जा सकता है जिस प्रकार उच्चतम न्यायालय के किसी न्यायाधीश को 'साबित कदाचार या असमर्थता' के आधार पर हटाया जाता है, किंतु राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य को हटाने की शक्ति राज्यपाल के पास होती है। 3. राज्य लोक सेवा आयोग का अध्यक्ष या सदस्य अपने पद की अवधि समाप्त होने पर संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष या सदस्य के रूप में अथवा किसी अन्य राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति का पात्र होता है, किंतु वह भारत सरकार या किसी राज्य सरकार के अधीन किसी अन्य नियोजन का पात्र नहीं होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? प्रथम आम चुनाव किस वर्ष संपन्न हुए? भारतीय संविधान के 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 के अंतर्गत नगरपालिकाओं की संरचना, वित्त आयोग तथा जिला एवं महानगर योजना समितियों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान के अनुच्छेद 243-Y के अनुसार प्रत्येक राज्य में एक वित्त आयोग का गठन किया जाएगा, जो नगरपालिकाओं की वित्तीय स्थिति का पुनरावलोकन करेगा और यह आयोग पंचायतों के लिए गठित राज्य वित्त आयोग से पृथक् होता है। 2. अनुच्छेद 243-ZD के प्रावधानों के तहत प्रत्येक राज्य में जिले स्तर पर संपूर्ण जिले के लिए विकास योजना तैयार करने के वास्ते एक जिला योजना समिति (District Planning Committee) का गठन किया जाएगा, और इस समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम चार-चौथाई (75%) सदस्य जिले की पंचायतों और नगरपालिकाओं के निर्वाचित सदस्यों द्वारा अपने में से ही चुने जाएंगे। 3. संविधान के अनुच्छेद 243-Q के अंतर्गत राज्यपाल लोक अधिसूचना द्वारा किसी शहरी क्षेत्र को 'औद्योगिक नगरी' (Industrial Township) घोषित कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप उस विशिष्ट औद्योगिक क्षेत्र के लिए नगरपालिका का गठन करना राज्य सरकार के लिए अनिवार्य नहीं रहता है, यदि उस क्षेत्र में किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान द्वारा नागरिक सेवाएँ प्रदान की जा रही हों। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान की प्रस्तावना (उद्देशिका) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. संविधान की प्रस्तावना इस देश के नागरिकों के लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के आदर्श को सुनिश्चित करती है, और इन तीनों प्रकार केन्याय के आदर्श को रूस की क्रांति (1917) से भारतीय संविधान में प्रेरणा के रूप में शामिल किया गया था। 2. 'केशवानंद भारती वाद' (1973) में उच्चतम न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि प्रस्तावना संविधान का एक अभिन्न अंग है और इसमें अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन किया जा सकता है, बशर्ते यह संशोधन संविधान के 'मूलभूत ढांचे' (Basic Structure) को क्षति न पहुँचाए। 3. मूल संविधान की प्रस्तावना में 'समाजवादी', 'पंथनिरपेक्ष' और 'अखंडता' शब्दों को 42वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1976 द्वारा जोड़ा गया था, और यह आज तक का प्रस्तावना में एकमात्र संशोधन है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? भारतीय संविधान का कौन सा अनुच्छेद 'अस्पृश्यता का अंत' करता है?
Log in to add to quiz, bookmark, or report issues.