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History of India
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औरंगजेब के काल में किस क्षेत्र में "अहोम" विद्रोहियों ने मुगलों को कड़ी चुनौती दी थी?

Detailed Explanation

असम के अहोम राजाओं ने मुगलों का डटकर मुकाबला किया था।
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मध्यकालीन भारत के इतिहास में भक्ति और सूफी आंदोलनों के वैचारिक विकास, दार्शनिक मान्यताओं तथा उनके ऐतिहासिक प्रभावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. दक्षिण भारत में भक्ति आंदोलन को लोकप्रिय बनाने का श्रेय मुख्य रूप से आलवार (वैष्णव) और नयनार (शैव) संतों को जाता है, जिन्होंने अपनी रचनाओं में जाति-पाति के कठोर बंधनों की आलोचना की तथा तमिल भाषा को भक्ति के प्रचार का माध्यम बनाया, जिससे अलवर संत आंदाल को 'दक्षिण की मीरा' के रूप में जाना गया। 2. उत्तर भारत में भक्ति आंदोलन को प्रसारित करने वाले रामानंद ने जातिगत भेदभाव को अस्वीकार करते हुए अपने शिष्यों में रैदास (चमार), कबीर (जुलाहा), और सेना (नाई) जैसे समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को सम्मिलित किया, तथा उन्होंने संस्कृत के स्थान पर लोकभाषा (हिंदी/अवधी) को उपदेश का माध्यम बनाया। 3. सूफी मत (तसव्वुफ़) के चिश्ती सिलसिले की स्थापना भारत में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती द्वारा की गई थी, और इस सिलसिले के संतों ने राज्य के संरक्षण, शाही दरबारों के साथ निकट संबंध और भारी मात्रा में जागीरें स्वीकार करने की नीति का कड़ाई से पालन किया ताकि वे गरीबों की सेवा कर सकें। 4. महान सूफी संत निजामुद्दीन औलिया के दरबार में समकालीन सात सुल्तानों का शासनकाल देखा गया, किंतु उन्होंने कभी भी किसी सुल्तान के दरबार में प्रवेश नहीं किया और 'सुल्तान-उल-मशाइख' की उपाधि से विभूषित हुए, जबकि उनके प्रिय शिष्य अमीर खुसू ने फारसी कविता में भारतीय शैली (सबक-ए-हिन्दी) का सूत्रपात किया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? किस इतिहासकार ने अलाउद्दीन के शासनकाल को "जनता के लिए वरदान" (बाजार सुधारों के कारण) कहा है? शाहजहाँ ने किस वर्ष सिजदा और पाबोस जैसी गैर-इस्लामी प्रथाओं को समाप्त कर दिया था? मुगल कालीन सिक्का "रुपया": विजयनगर किस प्रकार के वस्त्रों के निर्माण के लिए वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध था?
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