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History of India
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मुगल प्रशासन में "वजीर" या "दीवान-ए-आला" मुख्य रूप से किस विभाग का अध्यक्ष होता था?

Detailed Explanation

दीवान या वजीर साम्राज्य के वित्त और राजस्व विभाग का प्रमुख होता था।
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सविनय अवज्ञा आंदोलन, गांधी-इरविन समझौते और गोलमेज सम्मेलनों के ऐतिहासिक घटनाक्रम के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. मार्च 1931 में संपन्न 'गांधी-इरविन समझौते' के तहत सरकार ने हिंसा के आरोपियों को छोड़कर सभी राजनीतिक कैदियों को तत्काल रिहा करने तथा समुद्र तट के समीपवर्ती क्षेत्रों में लोगों को व्यक्तिगत या घरेलू उपयोग के लिए नमक बनाने का अधिकार देने पर सहमति व्यक्त की थी। 2. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने कांग्रेस के एकमात्र प्रतिनिधि के रूप में महात्मा गांधी को प्रथम गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने के लिए लंदन भेजा था, जहाँ गांधीजी ने दलितों के लिए पृथक निर्वाचक मंडल की मांग का पुरजोर समर्थन किया था। 3. द्वितीय गोलमेज सम्मेलन की असफलता के उपरांत जब महात्मा गांधी भारत लौटे, तो उन्होंने जनवरी 1932 में सविनय अवज्ञा आंदोलन के द्वितीय चरण को पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया, जिसके तहत वायसराय लॉर्ड वेलिंगटन ने कांग्रेस को गैर-कानूनी घोषित करते हुए कठोर दमनकारी अध्यादेशों का सहारा लिया। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान फैजाबाद, बरेली और इलाहाबाद (प्रयागराज) में विद्रोह के नेतृत्व और उनके दमन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. फैजाबाद में विद्रोह का नेतृत्व करने वाले मौलवी अहमदुल्लाह शाह को उनकी उत्कृष्ट सैन्य रणनीतियों और ओजस्वी भाषणों के कारण 'डंका शाह' भी कहा जाता था, और वे अंततः पुवायाँ के राजा के विश्वासघात के कारण अंग्रेजों के साथ हुए संघर्ष में वीरगति को प्राप्त हुए थे। 2. बरेली में रोहिल्ला सेना का नेतृत्व करने वाले खान बहादुर खान ने ब्रिटिश शासन के पतन के बाद अपनी स्वतंत्र सरकार गठित की थी, जिसे मार्च 1858 में सर कॉलिन कैंपबेल के नेतृत्व वाली ब्रिटिश सेना ने पूरी तरह से कुचल दिया और खान बहादुर खान को बाद में फाँसी दे दी गई। 3. इलाहाबाद में मौलवी लियाकत अली ने विद्रोह की कमान संभाली थी, और इस सामरिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र पर पुनः नियंत्रण प्राप्त करने के लिए ब्रिटिश अधिकारी कर्नल जेम्स नील ने अत्यधिक क्रूरता और दमनकारी नीतियों का सहारा लिया था। 4. इलाहाबाद के विद्रोह के दमन के पश्चात मौलवी लियाकत अली अंग्रेजों के हाथों तुरंत गिरफ्तार कर लिए गए थे और उन्हें सार्वजनिक रूप से फाँसी दे दी गई थी, जबकि इतिहास के अनुसार लियाकत अली कभी भी ब्रिटिश गिरफ्त में नहीं आए और वे भूमिगत होकर जीवनभर अंग्रेजों को चकमा देते रहे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? भारत छोड़ो आंदोलन (1942) और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों में समानांतर सरकारें (Parallel Governments) स्थापित हुईं, जिनमें बलिया में चित्तू पांडेय के नेतृत्व में, तामलुक में 'जातीय सरकार' और सतारा में 'प्रति सरकार' (जो सबसे लंबे समय तक चली) प्रमुख थीं। 2. सुभाष चंद्र बोस ने जनवरी 1941 में कलकत्ता से गुप्त रूप से निकलकर (ग्रेट एस्केप) रूस के रास्ते जर्मनी पहुँचे, जहाँ उन्होंने बर्लिन में 'फ्री इंडिया सेंटर' की स्थापना की और वहीं से सर्वप्रथम महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था। 3. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा स्थापित 'इंडियन इंडिपेंडेंस लीग' और 'आज़ाद हिंद फौज' का सर्वोच्च नेतृत्व अक्टूबर 1943 में सुभाष चंद्र बोस को सौंपा गया, जिन्होंने सिंगापुर में ही 'आर्गांई सरकार' (Arzi Hukumat-e-Azad Hind) यानी स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार का गठन किया था। 4. आज़ाद हिंद फौज की 'रानी झांसी रेजीमेंट' के गठन का मुख्य श्रेय शाहनवाज खान को जाता है, तथा इस सेना ने जापानी सेना के सहयोग से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह पर अधिकार कर उनका नाम क्रमशः 'शहीद द्वीप' और 'स्वराज द्वीप' रखा था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? मुगल चित्रकला का स्वर्ण युग: मराठा साम्राज्य के प्रशासन और छत्रपति शिवाजी महाराज की सैन्य एवं राजस्व व्यवस्था के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. शिवाजी की केंद्रीय मंत्रिपरिषद को 'अष्टप्रधान' कहा जाता था, जिसमें प्रत्येक मंत्री राजा के अधीन सीधे तौर पर कार्य करता था और इनमें से अधिकांश मंत्रियों (पंडितराव और न्यायधीश को छोड़कर) को आवश्यकता पड़ने पर सैन्य अभियानों का नेतृत्व भी करना पड़ता था। 2. 'चौथ' और 'सरदेशमुखी' मराठों द्वारा वसूलए जाने वाले प्रमुख कर थे, जिसमें चौथ मराठा साम्राज्य की सीमा के बाहर के क्षेत्रों से उस क्षेत्र की कुल आय का एक-चौथाई हिस्सा सुरक्षा प्रदान करने के बदले वसूला जाता था, जबकि सरदेशमुखी आंतरिक क्षेत्रों पर उनके पारंपरिक वंशानुगत अधिकारों के दावे के रूप में 10 प्रतिशत वसूला जाता था। 3. शिवाजी ने अपनी सेना में 'पागा' और 'सिलहदार' घुड़सवारों की व्यवस्था की थी, जिसमें पागा घुड़सवार वे सैनिक थे जिन्हें राज्य द्वारा घोड़े और हथियार दिए जाते थे, जबकि सिलहदार सैनिक अपने स्वयं के घोड़े और शस्त्र लेकर युद्ध में भाग लेते थे। 4. शिवाजी की राजस्व व्यवस्था में मलिक अंबर की भूमि सुधार प्रणालियों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है, जिसके तहत उन्होंने भूमि की पैमाइश के लिए 'काठी' और 'बीघा' के मानक माप को अपनाया तथा शुरुआत में उपज का 40% भाग राज्य के कर के रूप में वसूल किया, जिसे बाद में बढ़ाकर 50% कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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