त्वरित लिंक्स
Child Development
7 views
गेस्टाल्टवादी मनोवैज्ञानिक वोल्फगांग कोहलर द्वारा चिम्पांजी 'सुल्तान' पर किए गए प्रयोगों और उनके 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' (Insight Theory of Learning) के तात्विक एवं संज्ञानात्मक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिक्षार्थी किसी जटिल समस्या परिस्थिति में यांत्रिक प्रयासों (Trial and Error) के स्थान पर अचानक संपूर्ण परिस्थिति का मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) कर यकायक सही समाधान खोज लेता है, तो इस अधिगम प्रक्रिया और गेस्टाल्ट मनोविज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
गेस्टाल्ट मनोविज्ञान (Gestalt Psychology) के अनुसार, अधिगम केवल क्रमिक प्रयासों या आदतों का परिणाम नहीं है, बल्कि यह किसी परिस्थिति के समग्र रूप (Whole) को समझने पर आधारित होता है। वोल्फगांग कोहलर के 'सूझ या अंतर्दृष्टि के सिद्धांत' के तहत, जब कोई व्यक्ति किसी समस्या में फँसा होता है, तो वह अचानक से पूरी परिस्थिति का मानसिक पुनर्गठन (Cognitive Restructuring) करता है और उसे समस्या का समाधान यकायक सूझ जाता है। इस विषय में अधिक जानने के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
Related Questions
→
गार्डनर (Howard Gardner) के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) और स्पीयरमैन (Charles Spearman) के द्वि-कारक सिद्धांत (Two-Factor Theory) की तुलना करने पर, निम्नलिखित में से कौन सा कथन दोनों सिद्धांतों के बीच के सबसे बुनियादी वैचारिक अंतर को सबसे सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
निम्नलिखित में से कौन-सा स्वलीनता की विशेषता है?
→
शिक्षा में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) की संकल्पना का गहन विश्लेषण करने पर, 'आकलन' (Assessment) और 'मूल्यांकन' (Evaluation) के तात्विक और व्यावहारिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
शैक्षणिक आकलन (Assessment) और मूल्यांकन (Evaluation) के तकनीकी एवं सैद्धांतिक स्वरूप का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, 'अधिगम के लिए आकलन' (Assessment for Learning), 'अधिगम का आकलन' (Assessment of Learning) और 'अधिगम के रूप में आकलन' (Assessment as Learning) के मध्य कौन-सा तात्विक अंतर इन्हें एक-दूसरे से पृथक और विशिष्ट बनाता है?
→
बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों के अंतर्गत 'विकास की व्यक्तिगत भिन्नता का सिद्धांत' (Principle of Individual Differences) और 'विकास की एकरूपता के प्रतिमान का सिद्धांत' (Principle of Uniformity of Pattern) के तात्विक और वैज्ञानिक अंतर को स्पष्ट करते हुए, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों की सबसे सटीक परस्पर पूरक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.