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Child Development
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'स्कीमा' (Schema), 'आत्मसातीकरण' (Assimilation), 'समायोजन' (Accommodation) और 'साम्याधारण' (Equilibration) की प्रक्रियाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई बच्चा पहली बार किसी उड़ने वाले जीव 'तितली' को देखता है और उसे अपनी पूर्व-ज्ञात स्कीमा 'चिड़िया' के आधार पर 'छोटी चिड़िया' मान लेता है (आत्मसातीकरण), किंतु जब वह देखता है कि तितली के पंख और उड़ने का ढंग चिड़िया से भिन्न है और उसके पास चोंच नहीं है, तब वह अपने मानसिक स्कीमा में संशोधन करता है और तितली को एक अलग कीट के रूप में पहचानना सीखता है (समायोजन); तो पियाजे के इस संज्ञानात्मक संतुलन और बौद्ध विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में 'स्कीमा' मानसिक संरचनाएं हैं। जब नया अनुभव मौजूदा स्कीमा में फिट बैठता है तो उसे 'आत्मसातीकरण' (Assimilation) कहते हैं, और जब नए अनुभव के लिए पुराने स्कीमा में बदलाव करना पड़ता है तो उसे 'समायोजन' (Accommodation) कहते हैं। जब बालक असंतुलन से संतुलन की ओर बढ़ता है, तो इस अवस्था को 'साम्याधारण' (Equilibration) कहा जाता है। इस विषय पर विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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