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History of India
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मुगल स्थापत्य में "पित्रा ड्यूरा" (Pietra Dura) तकनीक का अर्थ क्या है?

Detailed Explanation

यह पत्थर पर कीमती रत्नों को जड़ने की एक कला है।
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गुप्तोत्तर काल एवं गुप्त साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, अर्थव्यवस्था तथा सांस्कृतिक विकास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. गुप्त काल में सर्वोच्च न्यायिक अधिकारी के रूप में राजा कार्य करता था, किंतु स्थानीय स्तर पर न्याय का संचालन 'श्रेणी', 'पूग' और 'कुल' जैसी संस्थाएं भी करती थीं। 2. गुप्त सम्राट कुमारगुप्त प्रथम के शासनकाल में नालंदा बौद्ध विहार की स्थापना हुई थी, जिसे आगे चलकर गुप्त शासकों और बाद के राजाओं से व्यापक वित्तीय संरक्षण प्राप्त हुआ। 3. इस काल में भूमि अनुदान (Land Grants) की प्रथा में भारी वृद्धि हुई, जिसके परिणामस्वरूप गुप्त साम्राज्य के अंतिम चरण में 'सामंतवाद' (Feudalism) के बीज अंकुरित होने लगे थे और कृषक वर्ग की स्थिति धीरे-धीरे पराधीन होने लगी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान कानपुर में नाना साहब, तात्या टोपे और अजीमुल्ला खां की भूमिका तथा उससे जुड़े सैन्य एवं राजनीतिक घटनाक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. कानपुर में विद्रोह का नेतृत्व संभालते हुए नाना साहब ने स्वयं को पेशवा घोषित किया और पेशवा बाजीराव द्वितीय के उत्तराधिकारी के रूप में ब्रिटिश पेंशन और उपाधि से वंचित किए जाने के अपने दावे को आधार बनाकर ब्रिटिश सत्ता के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का शंखनाद किया। 2. अजीमुल्ला खां, जो नाना साहब के अत्यंत विश्वासपात्र सलाहकार और मुख्य रणनीतिकार थे, ने विद्रोह की कूटनीतिक और वैचारिक पृष्ठभूमि तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई तथा लंदन जाकर नाना साहब की पेंशन के मामले की पैरवी भी की थी। 3. कानपुर की घेराबंदी के दौरान नाना साहब की सेना ने जनरल सर ह्यू व्हीलर की सेना को आत्मसमर्पण करने के लिए विवश किया, जिसके उपरांत हुई 'सती चौरा घाट घटना' के बाद ब्रिटिश सेनापति सर कॉलिन कैंपबेल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कानपुर पर पुनः पूर्ण अधिकार प्राप्त कर लिया था। 4. तात्या टोपे ने कानपुर में शुरुआती सैन्य संचालन के पश्चात ग्वालियर और कालपी के विद्रोही सैनिकों का कुशल नेतृत्व किया तथा अंग्रेजों के खिलाफ एक अत्यंत प्रभावी छापामार युद्ध का संचालन किया, जिन्हें अंततः उनके एक जमींदार मित्र मान सिंह के विश्वासघात के कारण पकड़ा गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन और सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आज़ाद हिंद फौज (INA) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के बाद उषा मेहता ने गुप्त 'कांग्रेस रेडियो' का संचालन किया था, जिसके माध्यम से नियमित रूप से स्वतंत्रता आंदोलन के समाचार प्रसारित किए जाते थे। 2. सुभाष चंद्र बोस ने वर्ष 1941 में ब्रिटिश नजरबंदी से छिपकर भागने के बाद जर्मनी में 'फ्री इंडिया सेंटर' (Free India Center) की स्थापना की थी और वहीं से पहली बार उन्होंने जर्मनी के रेडियो से महात्मा गांधी को 'राष्ट्रपिता' (Father of the Nation) कहकर संबोधित किया था। 3. आज़ाद हिंद फौज (INA) की स्थापना का मूल विचार सबसे पहले मोहन सिंह के मन में आया था, और उन्होंने जापान द्वारा युद्ध में बंदी बनाए गए भारतीय सैनिकों को लेकर इस सेना के गठन की रूपरेखा तैयार की थी। 4. सिंगापुर में रास बिहारी बोस द्वारा आज़ाद हिंद सरकार (अरग हुकुमत-ए-आजाद हिंद) के गठन के पश्चात सुभाष चंद्र बोस को इसका सर्वोच्च सेनापति (Supreme Commander) और प्रधानमंत्री बनाया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वर्ष 1857 के महान विद्रोह के दौरान लखनऊ और अवध क्षेत्र में बेगम हजरत महल और मौलवी अहमदुल्लाह शाह की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बृजेश कादिर को अवध का नवाब घोषित कर लखनऊ में विद्रोह का नेतृत्व संभाला और ब्रिटिश सेना के विरुद्ध कड़ा प्रतिरोध करते हुए अंततः नेपाल की तराई में शरण ली। 2. मौलवी अहमदुल्लाह शाह, जिन्हें 'फैजाबाद के डंका शाह' के नाम से भी जाना जाता है, ने अंग्रेजों के विरुद्ध सशस्त्र संघर्ष का आह्वान किया था और चिनहट के युद्ध में ब्रिटिश सेना को पराजित करने में मुख्य रणनीतिकार की भूमिका निभाई थी। 3. लखनऊ की घेराबंदी के दौरान ब्रिटिश कमिश्नर हेनरी लॉरेंस रेजिडेंसी की रक्षा करते हुए मारे गए थे, और बाद में ब्रिटिश सेनापति सर ह्यूरोज ने गोरखा रेजिमेंट की सैन्य सहायता से लखनऊ पर अंततः पुनः अंग्रेजों का अधिकार स्थापित किया था। 4. मौलवी अहमदुल्लाह शाह को पकड़वाने के लिए ब्रिटिश सरकार ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था, और पुव्वयां (पवियाँ) के राजा के यहां विश्वासघात के कारण वे अंग्रेजों के हाथों मारे गए थे। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं? वैदिक सभ्यता और वैदिक साहित्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. ऋग्वैदिक काल में 'दुहितृ' (Duhitri) शब्द का प्रयोग उस पुत्री के लिए किया जाता था जो पारंपरिक रूप से गाय का दूध निकालने का कार्य करती थी, तथा समाज पूरी तरह से पितृसत्तात्मक होने के बावजूद महिलाओं को सभा और समिति जैसी संस्थाओं में भाग लेने की अनुमति थी। 2. उत्तर वैदिक काल में लोहे के व्यापक प्रयोग (जिसे 'श्याम अयस' कहा गया है) ने कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ किया, जिसके फलस्वरूप घुमक्कड़ जन या कबीले अब स्थायी जनपदों में परिवर्तित होने लगे और 'राष्ट्र' शब्द का पहली बार इसी काल में उल्लेख मिलता है। 3. शतपथ ब्राह्मण में कृषि से जुड़ी सभी प्रमुख क्रियाओं (जुताई, बुवाई, कटाई और मड़ाई) के कर्मकांडीय अनुष्ठानों का विस्तृत विवरण मिलता है, और इसमें पत्नी को पति की 'अर्धांगिनी' कहा गया है जो धार्मिक अनुष्ठानों में उसकी सहगामी होती थी। 4. वैदिक साहित्य के अंतर्गत आने वाले 'वेदांगों' की कुल संख्या छह है, जिन्हें शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष के रूप में जाना जाता है, और इन्हें श्रुति साहित्य का अभिन्न अंग माना जाता है क्योंकि इनकी रचना स्वयं ऋषियों द्वारा दिव्य प्रेरणा से की गई थी। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?
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