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Child Development
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राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) तथा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act 2009) के प्रावधानों में 'ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ने', 'रटन प्रणाली से मुक्ति दिलाने' तथा 'कक्षा-कक्ष को लोकतांत्रिक एवं लचीला बनाने' के दार्शनिक आधारों का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई विद्यालय बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र (Child-centric Pedagogy) को लागू करते हुए योगात्मक परीक्षा (Summative Assessment) के स्थान पर सतत और व्यापक मूल्यांकन (CCE) को अपनाता है तथा बच्चों की स्थानीय संस्कृति, मातृभाषा और उनकी अनुभवात्मक समझ को पाठ्यक्रम का मुख्य आधार बनाता है, तो इन दोनों नीतिगत एवं वैधानिक दस्तावेजों के अंतर्निहित दृष्टिकोण के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?

Detailed Explanation

राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF 2005) और आरटीई अधिनियम (RTE Act 2009) दोनों ही रचनावाद (Constructivism) और बाल-केंद्रित शिक्षा के सिद्धांतों पर आधारित हैं, जहाँ विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार बच्चों के अनुभवात्मक अधिगम और सक्रिय ज्ञान निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। ये दस्तावेज रटन प्रणाली, भयमुक्त वातावरण, और कठोर परीक्षाओं के स्थान पर निरंतर एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE) का समर्थन करते हैं।
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