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Child Development
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs - CWSN) के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति और बाल अधिकारों के परिप्रेक्ष्य में 'समग्र शिक्षा अभियान' (Samagra Shiksha Abhiyan) तथा निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE Act, 2009) के प्रावधानों का गहन विश्लेषण करने पर, कक्षा-कक्षीय प्रक्रियाओं में 'विशिष्ट बालकों' के समावेशन के लिए कौन-सा शैक्षणिक दृष्टिकोण और प्रशासनिक मॉडल सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य माना जाता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) का मूल दर्शन यह है कि सभी शिक्षार्थी, चाहे उनकी शारीरिक, मानसिक, सामाजिक या आर्थिक स्थितियां कैसी भी हों, एक ही सामान्य विद्यालयी व्यवस्था में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करें। इसके लिए पाठ्यचर्या, शिक्षण विधियों (जैसे यूनिवर्सल डिज़ाइन फॉर लर्निंग) और भौतिक बुनियादी ढांचे में आवश्यक अनुकूलन किए जाते हैं ताकि किसी भी बच्चे के साथ भेदभाव न हो। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार समावेशी शिक्षा विविधता का सम्मान करती है और प्रत्येक बच्चे की अनूठी क्षमताओं को विकसित करने पर बल देती है।
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बाल विकास के विभिन्न सिद्धांतों—विशेष रूप से 'विकास की दिशा का सिद्धांत' (Principle of Directional Trend) जिसके अंतर्गत 'मस्तकोधोमुख विकास' (Cephalocaudal Trend) और 'निकट-दूर विकास' (Proximodistal Trend) आते हैं—तथा 'अभिवृद्धि और विकास के अंतर' का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई शिशु अपने शरीर के केंद्रीय भाग से हाथों और उंगलियों की ओर नियंत्रण स्थापित करने से पहले अपने सिर और ऊपरी अंगों पर नियंत्रण प्राप्त करता है, तथा अभिवृद्धि जहाँ केवल मात्रात्मक परिवर्तनों (जैसे वजन और लंबाई में वृद्धि) को दर्शाती है वहीं विकास गुणात्मक एवं परिणात्मक दोनों परिवर्तनों का समग्र रूप है; तो बाल विकास के इन मौलिक सिद्धांतों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
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बुद्धि के त्रि-चापीय सिद्धांत (Triarchic Theory of Intelligence) के प्रणेता रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के अनुसार, बुद्धि के तीन प्रमुख उप-सिद्धांतों—घटकीय या विश्लेषणात्मक (Componential/Analytical), अनुभवात्मक या सृजनात्मक (Experiential/Creative), और संदर्भगत या व्यावहारिक (Contextual/Practical)—में से कौन-सा घटक किसी व्यक्ति की पूर्व अनुभवों को नवीन और अपरिचित परिस्थितियों में तीव्रता से संयोजित करने, अंतर्दृष्टि (Insight) का उपयोग करने तथा स्वचालित रूप से समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है?
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विकास की प्रक्रिया में वंशानुक्रम (Heredity) और वातावरण (Environment) की अंतःक्रिया के संदर्भ में, एनास्टासी (Anne Anastasi) का कौन सा ऐतिहासिक दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि दोनों कारक एक-दूसरे के पूरक किस प्रकार हैं?
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